
हिज़्बुल्लाह का शीर्ष कमांडर अली मूसा दक़दूक इज़राइली हमले में मारा गया
इज़राइली सेना ने लीतानी नदी के दक्षिण में हमले की पुष्टि की, जबकि ईरानी मीडिया ने दहिया हमले में मौत की खबर दी और शेख़ कासिम पर हमले की अफवाहों का खंडन किया।
इज़राइली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने रविवार को पुष्टि की कि दक्षिण लेबनान में लीतानी नदी के दक्षिण में हुए एक सटीक हवाई हमले में हिज़्बुल्लाह का वरिष्ठ कमांडर अली मूसा दक़दूक मारा गया। यह कार्रवाई शुक्रवार को अंजाम दी गई और इसे इज़राइल ने 'महत्वपूर्ण और चक्र पूरा करने वाला' करार दिया। हालाँकि, ईरानी मीडिया ने उसी हमले को बेरूत के दहिया उपनगर से जोड़ा, जहाँ हिज़्बुल्लाह के नए महासचिव शेख़ नईम कासिम पर हमले की झूठी खबरें भी फैलीं, जिनका तुरंत खंडन किया गया।
दक़दूक हिज़्बुल्लाह के भीतर एक बहुआयामी और अनुभवी सैन्य रणनीतिकार था। वह अतीत में 'गोलान फ़ाइल' का कमांडर रहा, जो दक्षिणी लीतानी क्षेत्र में इज़राइल के ख़िलाफ़ ऑपरेशनों का जिम्मा संभालता था। इसके अलावा, वह हिज़्बुल्लाह के पूर्व प्रमुख हसन नसरल्लाह की सुरक्षा टीम का कमांडर भी रहा और संगठन की कुलीन रदवान फ़ोर्स तथा पैदल सेना इकाई में अहम भूमिकाएँ निभाईं। साल 2007 में अमेरिकी सेना ने इराक के बसरा में उसे गिरफ़्तार किया था, जब उस पर पाँच अमेरिकी सैनिकों के अपहरण और हत्या में शामिल होने का आरोप लगा। बाद में रिहा होकर वह लेबनान लौट आया और हिज़्बुल्लाह के शीर्ष कमांडरों में शामिल हो गया।
इस घटनाक्रम में स्थान को लेकर जो विरोधाभास सामने आया, वह क्षेत्र में जारी सूचना युद्ध को दर्शाता है। आईडीएफ का कहना है कि दक़दूक लीतानी के दक्षिण में मारा गया, लेकिन ईरानी समाचार एजेंसियों और हिज़्बुल्लाह से जुड़े सूत्रों ने उसे दहिया में हुई एक कथित इज़राइली बमबारी का शिकार बताया। दहिया हमले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ीं कि शेख़ नईम कासिम भी मारे गए, मगर इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया गया। यह पहली बार नहीं है जब युद्ध के माहौल में दुष्प्रचार और भ्रम की स्थिति बनी हो।
दक़दूक का खात्मा हिज़्बुल्लाह के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वह संगठन का 'ज्ञान का केंद्र' माना जाता था और इज़राइल विरोधी अभियानों की रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाता था। विश्लेषकों का मानना है कि इससे हिज़्बुल्लाह की उत्तरी सीमा पर योजनाबद्ध कार्रवाइयों की क्षमता प्रभावित हो सकती है। भारत के संदर्भ में देखें तो पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव ऊर्जा बाज़ार को अस्थिर कर सकता है और खाड़ी क्षेत्र में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा के लिए चिंता पैदा कर सकता है। साथ ही, यह घटना इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच लगातार बढ़ते संघर्ष को रेखांकित करती है, जो अब सीरिया और इराक तक विस्तार ले चुका है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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The Israeli military announced the killing of Ali Moussa Daqduq, a senior Hezbollah commander responsible for the Golan file. He was described as a key source of operational experience and involved in terrorist plots against Israel. The report presents the event as a targeted strike against a high-value militant.
The IDF confirmed the elimination of senior Hezbollah terrorist Ali Moussa Daqduq, who previously commanded the Golan file and served as Nasrallah's security chief. He was also responsible for the murder of five American soldiers in Iraq. The operation is hailed as a significant assassination and an important closure.
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