
ऑस्ट्रिया-अल्जीरिया का 3-3 से नाटकीय अंत, दोनों टीमें अगले दौर में, ईरान बाहर
कैनसस सिटी में खेले गए ग्रुप जे के इस मुकाबले में आखिरी मिनटों में दो गोल हुए और दोनों टीमों ने 16वें दौर में जगह बना ली, जबकि ईरान का सफर समाप्त हो गया।
विश्व कप 2026 के ग्रुप जे का आखिरी मुकाबला शनिवार रात कैनसस सिटी में 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ, जिसने ऑस्ट्रिया और अल्जीरिया दोनों को अगले दौर में पहुंचा दिया और ईरान को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। यह नतीजा इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि मैच के आखिरी तीन मिनट में दो गोल हुए और पूरे खेल के दौरान दोनों टीमों की रणनीति पर सवाल उठे।
मैच की शुरुआत में ऑस्ट्रिया ने मार्को अर्नाटोविच के गोल से बढ़त बनाई, लेकिन मध्यांतर से ठीक पहले रफीक बेलघाली ने अल्जीरिया को बराबरी दिला दी। दूसरे हाफ में मार्सेल साबित्जर ने फिर ऑस्ट्रिया को आगे किया, पर रियाद महरेज ने 60वें मिनट में स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद खेल की गति अचानक धीमी पड़ गई। अल्जीरिया ने लगातार गेंद को अपने पास रखा और 700 से अधिक पास खेले, जबकि ऑस्ट्रिया ने दबाव बनाना लगभग छोड़ दिया। स्टेडियम में बैठे दर्शक सीटियां बजाने लगे और टीवी कमेंटेटरों के लिए इस निष्क्रिय खेल का वर्णन करना मुश्किल हो गया।
अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में अचानक महरेज ने गोल कर अल्जीरिया को 3-2 से आगे कर दिया, जिससे ऑस्ट्रिया बाहर होता दिखा और ईरान के लिए उम्मीद जगी। लेकिन ठीक तीन मिनट बाद, 96वें मिनट में, सासा कलाजद्जिक ने हेडर से बराबरी का गोल दाग दिया। इस गोल के बाद अल्जीरियाई समर्थकों के जश्न के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, क्योंकि इस ड्रॉ ने उनकी टीम को स्पेन के बजाय स्विट्जरलैंड से भिड़ने का मौका दे दिया।
यूरोपीय मीडिया ने ऑस्ट्रिया के कोच राल्फ रांगनिक के हवाले से बताया कि उन्होंने किसी सांठगांठ से इनकार किया और कहा, “अगर कोई मुझसे तीन मिनट पहले कहता कि ऐसा होगा, तो मैं उसे पागल समझता।” अल्जीरिया के कोच व्लादिमीर पेटकोविच ने भी कहा कि उनकी टीम हमेशा जीत के लिए खेली। वहीं, एशियाई और मध्य-पूर्वी मीडिया में ईरान के बाहर होने पर निराशा दिखी और 1982 के ‘गिजोन अपमान’ की यादें ताजा हुईं, जब ऑस्ट्रिया और पश्चिम जर्मनी ने मिलकर अल्जीरिया को बाहर किया था।
अब ऑस्ट्रिया का सामना 16वें दौर में लॉस एंजिलिस में स्पेन से होगा, जबकि अल्जीरिया वैंकूवर में स्विट्जरलैंड से खेलेगा। दोनों टीमों ने चार-चार अंकों के साथ ग्रुप चरण पूरा किया, जबकि अर्जेंटीना नौ अंकों के साथ शीर्ष पर रहा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 6 भाषाएँ
लैटिन अमेरिकी मीडिया ने ईरान को बाहर करने के लिए अल्जीरिया और ऑस्ट्रिया के बीच सांठगांठ का तीव्र संदेह जताया है, जो 1982 के 'गिजोन कलंक' की याद दिलाता है। ऑस्ट्रिया के बराबरी के गोल पर अल्जीरियाई प्रशंसकों के जश्न के वीडियो विवाद को हवा देते हैं, और संकेत दिया जाता है कि फीफा को नियामक खामी को दूर करना चाहिए। लहजा चिंताजनक और खुलेआम आरोप लगाने वाला है, जो टूर्नामेंट की सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाता है।
दक्षिण पूर्व एशियाई मीडिया इस विवाद को संदेह और अलगाव के मिश्रण से कवर करता है, सवाल उठाता है कि क्या ईरान का बाहर होना किसी साजिश का नतीजा था। 'गिजोन कलंक' को ऐतिहासिक मिसाल के रूप में उद्धृत किया जाता है, लेकिन दोनों टीमों के आधिकारिक खंडन को भी जगह दी जाती है। रुख आरोप लगाने से अधिक वर्णनात्मक है, जो पाठक पर निर्णय छोड़ता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
समझौते के बावजूद दक्षिण लेबनान पर इज़राइली हमले, हिज़्बुल्लाह ने समझौते को ‘शून्य’ ठहराया
6 भाषाएँ · 14 स्रोत
Economy & Markets सेजुलाई 2026 में वैश्विक सामाजिक-आर्थिक बदलाव: पेंशन, भत्तों और बीमा का विस्तार
4 भाषाएँ · 13 स्रोत
Technology सेस्विफ्ट टेलिस्कोप बचाने की कवायद, स्पेसएक्स का गुप्त कैप्सूल: कक्षीय अभियानों का नया दौर
4 भाषाएँ · 8 स्रोत