Edition of 10:00 CETमंगलवार, 30 जून 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 549 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
एआई के बढ़ते दायरे: भावनात्मक साथी, स्वास्थ्य सलाहकार और खरीदारी गाइड के रूप में उपयोगसुप्रीम कोर्ट के मिले-जुले फैसले: ट्रंप को कैरोल केस में झटका, राष्ट्रपति शक्तियों में ऐतिहासिक विस्तारहोर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान की नई प्रबंधन वार्ता, अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकारअमेरिकी अदालत ने नर्सिंग ऋण सीमा पर रोक लगाई, प्रशासन ने आय-आधारित पात्रता नियम अंतिम कियाअमेरिका से ब्राजील तक पशु क्रूरता के मामले: मेक्सिको में टायर चोरी की जांच में मिले शेर-बाघ, कैलिफोर्निया में 100 कुत्तों के अवशेषब्रिटेन की नई शरण नीति: बसने से पहले चुकाने होंगे 10,000 पाउंड, संसद में पेश होगा विधेयकवेनेजुएला में भूकंप से मृतक संख्या 1,719 पहुंची, लापता 50,000 तक हो सकते हैंपैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराकर रचा इतिहासएआई के बढ़ते दायरे: भावनात्मक साथी, स्वास्थ्य सलाहकार और खरीदारी गाइड के रूप में उपयोगसुप्रीम कोर्ट के मिले-जुले फैसले: ट्रंप को कैरोल केस में झटका, राष्ट्रपति शक्तियों में ऐतिहासिक विस्तारहोर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान की नई प्रबंधन वार्ता, अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकारअमेरिकी अदालत ने नर्सिंग ऋण सीमा पर रोक लगाई, प्रशासन ने आय-आधारित पात्रता नियम अंतिम कियाअमेरिका से ब्राजील तक पशु क्रूरता के मामले: मेक्सिको में टायर चोरी की जांच में मिले शेर-बाघ, कैलिफोर्निया में 100 कुत्तों के अवशेषब्रिटेन की नई शरण नीति: बसने से पहले चुकाने होंगे 10,000 पाउंड, संसद में पेश होगा विधेयकवेनेजुएला में भूकंप से मृतक संख्या 1,719 पहुंची, लापता 50,000 तक हो सकते हैंपैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराकर रचा इतिहास
समाज और संस्कृतिरविवार, 28 जून 2026

रंगपुर की सड़क से कुआलालंपुर के दातारन तक: नशे के विरुद्ध साझा स्वर

बांग्लादेश, मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात में अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ निरोधक दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों ने सामुदायिक प्रतिरोध, कानूनी सख्ती और पुनर्वास की मांग को एक सूत्र में पिरोया।

रंगपुर जिला परिषद के सामने एक हाथ में प्लैकार्ड थामे युवक की आवाज़ गूंजी—‘मादक द्रव्य शारीरिक और मानसिक क्षति पहुँचाते हैं।’ यह कोई अकेला स्वर नहीं था। २६ जून की दोपहर बाद, पहले आलो ट्रस्ट और बंधुसभा के आह्वान पर जुटी मानव शृंखला में शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ खड़े थे। उनके हाथों में लिखी इबारतें महज़ नारे नहीं थीं—‘नशे को ना कहो, नशा एक बीमारी है’, ‘जो नशा करने को कहे वह दोस्त नहीं’, ‘प्रियजन नशेड़ी हो तो छिपाएँ नहीं’—ये पंक्तियाँ उस सामूहिक बेचैनी को अभिव्यक्त कर रही थीं जो एक पूरे समाज को घुन की तरह खाए जा रही है।

इसी दिन, मलेशिया के सेबरांग पेराई उतारा स्थित सुंगई मूडा दातारन में लगभग १,५०० लोग एक अलग अंदाज़ में जुटे। राष्ट्रीय मादक पदार्थ निरोधक एजेंसी (एएडीके) के ‘जेलाजाह आस्पिरासी बेबास दादाह’ कार्यक्रम में १८ किलोमीटर की आरामदेह साइकिल यात्रा, ड्यूरियन पार्टी, मुफ़्त बाल कटाई और रंग भरने की प्रतियोगिता जैसी गतिविधियाँ चल रही थीं। उप-महानिदेशक शोबाह जमील ने इसे ‘एक कदम यात्रा, दस लाख उम्मीदें बिना नशे के’ की थीम से जोड़ते हुए कहा कि समुदाय के करीब जाकर संदेश देने का यह तरीका सरकारी एजेंसियों, निजी क्षेत्र और ग़ैर-सरकारी संगठनों के बीच रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करता है। यहाँ नशे को केवल व्यक्तिगत बुराई नहीं, बल्कि परिवार, समाज कल्याण और राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाली चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया।

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय मादक पदार्थ निरोधक तंत्र की डॉ. लमिया अहमद हमदान अल ज़ाबी ने इसी दिन एक भिन्न पहलू पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि नशा कोई क्षणिक चयन नहीं, बल्कि मादक पदार्थ पर प्रबल निर्भरता से उपजी नियंत्रण की कमज़ोरी की स्थिति है—एक जटिल समस्या जिसके लिए मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहारे के साथ उपचार अनिवार्य है। अबू धाबी का दृष्टिकोण तीन स्तंभों पर टिका है: तस्करी और प्रचार के विरुद्ध अत्याधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सक्रिय कार्रवाई, समाज के हर वर्ग को लक्षित करने वाले जागरूकता अभियान, और पूर्ण गोपनीयता के साथ उपलब्ध उपचार व पुनर्वास केंद्र। यह संतुलित मॉडल नशे की गिरफ़्त में आए लोगों को अपराधी नहीं, रोगी मानने की ओर इशारा करता है।

बांग्लादेश के जमालपुर और रंगामाटी में आयोजित मानव बंधनों ने इस वैश्विक बहस में ज़मीनी आवाज़ें जोड़ीं। जमालपुर बंधुसभा की अध्यक्ष अंतरा चौधरी ने कहा कि नशा सिर्फ़ एक जीवन या परिवार को नहीं, पूरे समाज और राष्ट्र को अपंग बना देता है, जबकि साधारण संपादक कामरुल इस्लाम खान ने युवाओं से खेल, किताबों और स्वस्थ सांस्कृतिक गतिविधियों की ओर रुख करने का आग्रह किया। रंगामाटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनवार अल हक ने आपूर्ति शृंखला तोड़ने पर ज़ोर देते हुए मृत्युदंड के प्रावधान और विशेष अधिकरण की माँग उठाई, क्योंकि ‘दो-चार हज़ार टाका के लाभ के लिए किशोर आपूर्ति शृंखला में शामिल हो रहे हैं और देश में २४ प्रकार के भयावह मादक पदार्थ प्रवेश कर रहे हैं।’

इन आयोजनों के बीच एक साझा प्रतिध्वनि सुनाई दी: नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून या दवा का विषय नहीं, बल्कि सामूहिक इच्छाशक्ति और रोज़मर्रा की आदतों में बदलाव की माँग करती है। मलेशिया की १८ किलोमीटर की साइकिल यात्रा, रंगपुर के प्लैकार्ड पर लिखी ‘सचेतनता ही मुक्ति है, नशामुक्त समाज ही शक्ति है’ की पंक्ति, और अबू धाबी के गोपनीय उपचार केंद्र—ये सब एक ही मानचित्र पर अंकित बिंदु हैं। जैसे-जैसे शाम ढली, रंगामाटी में जिला प्रशासन कार्यालय के सामने खड़े लोगों ने शपथ ली, और सेबरांग पेराई में साइकिल सवार वापस लौटे, एक छवि ठहर गई: हाथों में थामे प्लैकार्ड और साइकिल के पहिए, दोनों ही गति का संकेत दे रहे थे—एक ऐसी गति जो रुकने का नाम नहीं लेती।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 5 भाषाएँ

62%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेसईरानी और संबद्ध प्रेस
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ प्रगतिशील
चेतावनीआक्रोश

ईरान में एक चिकित्सक और राजनीतिक कार्यकर्ता के साक्षात्कार में 'नशे की सुनामी' की निंदा की गई है, जिसमें सरकार की दवाओं के प्रसार में संलिप्तता का संदेह जताया गया है। कथा चिंताजनक है और शासन पर सामाजिक नियंत्रण के साधन के रूप में संकट का उपयोग करने का आरोप लगाती है।

ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
संरक्षणवादअत्यावश्यकता

गोलेस्तान के उप-राज्यपाल इस बात पर जोर देते हैं कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई दुश्मन द्वारा युवाओं के खिलाफ छेड़ी गई एक संकर युद्ध है, जिसमें परिवारों, मीडिया और सांस्कृतिक संस्थानों की भागीदारी की आवश्यकता है। जिम्मेदारी सामूहिक है, न कि केवल सरकारी।

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

और पढ़ें
अंतिम समाचार
एआई के बढ़ते दायरे: भावनात्मक साथी, स्वास्थ्य सलाहकार और खरीदारी गाइड के रूप में उपयोग·सुप्रीम कोर्ट के मिले-जुले फैसले: ट्रंप को कैरोल केस में झटका, राष्ट्रपति शक्तियों में ऐतिहासिक विस्तार·होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान की नई प्रबंधन वार्ता, अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार·अमेरिकी अदालत ने नर्सिंग ऋण सीमा पर रोक लगाई, प्रशासन ने आय-आधारित पात्रता नियम अंतिम किया·अमेरिका से ब्राजील तक पशु क्रूरता के मामले: मेक्सिको में टायर चोरी की जांच में मिले शेर-बाघ, कैलिफोर्निया में 100 कुत्तों के अवशेष·ब्रिटेन की नई शरण नीति: बसने से पहले चुकाने होंगे 10,000 पाउंड, संसद में पेश होगा विधेयक·वेनेजुएला में भूकंप से मृतक संख्या 1,719 पहुंची, लापता 50,000 तक हो सकते हैं·पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराकर रचा इतिहास·एआई के बढ़ते दायरे: भावनात्मक साथी, स्वास्थ्य सलाहकार और खरीदारी गाइड के रूप में उपयोग·सुप्रीम कोर्ट के मिले-जुले फैसले: ट्रंप को कैरोल केस में झटका, राष्ट्रपति शक्तियों में ऐतिहासिक विस्तार·होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान की नई प्रबंधन वार्ता, अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार·अमेरिकी अदालत ने नर्सिंग ऋण सीमा पर रोक लगाई, प्रशासन ने आय-आधारित पात्रता नियम अंतिम किया·अमेरिका से ब्राजील तक पशु क्रूरता के मामले: मेक्सिको में टायर चोरी की जांच में मिले शेर-बाघ, कैलिफोर्निया में 100 कुत्तों के अवशेष·ब्रिटेन की नई शरण नीति: बसने से पहले चुकाने होंगे 10,000 पाउंड, संसद में पेश होगा विधेयक·वेनेजुएला में भूकंप से मृतक संख्या 1,719 पहुंची, लापता 50,000 तक हो सकते हैं·पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराकर रचा इतिहास·
अपडेट 03:44 am5 भाषाएँ · 6 स्रोत
पिछलासमाज और संस्कृतिअगला
6 स्रोत|5 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
रविवार, 28 जून 2026

रंगपुर की सड़क से कुआलालंपुर के दातारन तक: नशे के विरुद्ध साझा स्वर

बांग्लादेश, मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात में अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ निरोधक दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों ने सामुदायिक प्रतिरोध, कानूनी सख्ती और पुनर्वास की मांग को एक सूत्र में पिरोया।

रंगपुर जिला परिषद के सामने एक हाथ में प्लैकार्ड थामे युवक की आवाज़ गूंजी—‘मादक द्रव्य शारीरिक और मानसिक क्षति पहुँचाते हैं।’ यह कोई अकेला स्वर नहीं था। २६ जून की दोपहर बाद, पहले आलो ट्रस्ट और बंधुसभा के आह्वान पर जुटी मानव शृंखला में शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ खड़े थे। उनके हाथों में लिखी इबारतें महज़ नारे नहीं थीं—‘नशे को ना कहो, नशा एक बीमारी है’, ‘जो नशा करने को कहे वह दोस्त नहीं’, ‘प्रियजन नशेड़ी हो तो छिपाएँ नहीं’—ये पंक्तियाँ उस सामूहिक बेचैनी को अभिव्यक्त कर रही थीं जो एक पूरे समाज को घुन की तरह खाए जा रही है।

इसी दिन, मलेशिया के सेबरांग पेराई उतारा स्थित सुंगई मूडा दातारन में लगभग १,५०० लोग एक अलग अंदाज़ में जुटे। राष्ट्रीय मादक पदार्थ निरोधक एजेंसी (एएडीके) के ‘जेलाजाह आस्पिरासी बेबास दादाह’ कार्यक्रम में १८ किलोमीटर की आरामदेह साइकिल यात्रा, ड्यूरियन पार्टी, मुफ़्त बाल कटाई और रंग भरने की प्रतियोगिता जैसी गतिविधियाँ चल रही थीं। उप-महानिदेशक शोबाह जमील ने इसे ‘एक कदम यात्रा, दस लाख उम्मीदें बिना नशे के’ की थीम से जोड़ते हुए कहा कि समुदाय के करीब जाकर संदेश देने का यह तरीका सरकारी एजेंसियों, निजी क्षेत्र और ग़ैर-सरकारी संगठनों के बीच रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करता है। यहाँ नशे को केवल व्यक्तिगत बुराई नहीं, बल्कि परिवार, समाज कल्याण और राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाली चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया।

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय मादक पदार्थ निरोधक तंत्र की डॉ. लमिया अहमद हमदान अल ज़ाबी ने इसी दिन एक भिन्न पहलू पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि नशा कोई क्षणिक चयन नहीं, बल्कि मादक पदार्थ पर प्रबल निर्भरता से उपजी नियंत्रण की कमज़ोरी की स्थिति है—एक जटिल समस्या जिसके लिए मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहारे के साथ उपचार अनिवार्य है। अबू धाबी का दृष्टिकोण तीन स्तंभों पर टिका है: तस्करी और प्रचार के विरुद्ध अत्याधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सक्रिय कार्रवाई, समाज के हर वर्ग को लक्षित करने वाले जागरूकता अभियान, और पूर्ण गोपनीयता के साथ उपलब्ध उपचार व पुनर्वास केंद्र। यह संतुलित मॉडल नशे की गिरफ़्त में आए लोगों को अपराधी नहीं, रोगी मानने की ओर इशारा करता है।

बांग्लादेश के जमालपुर और रंगामाटी में आयोजित मानव बंधनों ने इस वैश्विक बहस में ज़मीनी आवाज़ें जोड़ीं। जमालपुर बंधुसभा की अध्यक्ष अंतरा चौधरी ने कहा कि नशा सिर्फ़ एक जीवन या परिवार को नहीं, पूरे समाज और राष्ट्र को अपंग बना देता है, जबकि साधारण संपादक कामरुल इस्लाम खान ने युवाओं से खेल, किताबों और स्वस्थ सांस्कृतिक गतिविधियों की ओर रुख करने का आग्रह किया। रंगामाटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनवार अल हक ने आपूर्ति शृंखला तोड़ने पर ज़ोर देते हुए मृत्युदंड के प्रावधान और विशेष अधिकरण की माँग उठाई, क्योंकि ‘दो-चार हज़ार टाका के लाभ के लिए किशोर आपूर्ति शृंखला में शामिल हो रहे हैं और देश में २४ प्रकार के भयावह मादक पदार्थ प्रवेश कर रहे हैं।’

इन आयोजनों के बीच एक साझा प्रतिध्वनि सुनाई दी: नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानून या दवा का विषय नहीं, बल्कि सामूहिक इच्छाशक्ति और रोज़मर्रा की आदतों में बदलाव की माँग करती है। मलेशिया की १८ किलोमीटर की साइकिल यात्रा, रंगपुर के प्लैकार्ड पर लिखी ‘सचेतनता ही मुक्ति है, नशामुक्त समाज ही शक्ति है’ की पंक्ति, और अबू धाबी के गोपनीय उपचार केंद्र—ये सब एक ही मानचित्र पर अंकित बिंदु हैं। जैसे-जैसे शाम ढली, रंगामाटी में जिला प्रशासन कार्यालय के सामने खड़े लोगों ने शपथ ली, और सेबरांग पेराई में साइकिल सवार वापस लौटे, एक छवि ठहर गई: हाथों में थामे प्लैकार्ड और साइकिल के पहिए, दोनों ही गति का संकेत दे रहे थे—एक ऐसी गति जो रुकने का नाम नहीं लेती।

स्रोतों में मतभेद

समाज और संस्कृति · 6 स्रोत · 5 भाषाएँ

62%उच्च

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक50%
न्यूनत्र25%
निंदक25%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 5 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेसईरानी और संबद्ध प्रेस
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ प्रगतिशील
चेतावनीआक्रोश

ईरान में एक चिकित्सक और राजनीतिक कार्यकर्ता के साक्षात्कार में 'नशे की सुनामी' की निंदा की गई है, जिसमें सरकार की दवाओं के प्रसार में संलिप्तता का संदेह जताया गया है। कथा चिंताजनक है और शासन पर सामाजिक नियंत्रण के साधन के रूप में संकट का उपयोग करने का आरोप लगाती है।

ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
संरक्षणवादअत्यावश्यकता

गोलेस्तान के उप-राज्यपाल इस बात पर जोर देते हैं कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई दुश्मन द्वारा युवाओं के खिलाफ छेड़ी गई एक संकर युद्ध है, जिसमें परिवारों, मीडिया और सांस्कृतिक संस्थानों की भागीदारी की आवश्यकता है। जिम्मेदारी सामूहिक है, न कि केवल सरकारी।

यह समाचार यहाँ छपा

6 स्रोत · 5 भाषाएँ

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

Geopolitics & Politics से

पेरू में केइको फुजीमोरी की जीत: 50,000 से कम वोटों के अंतर से राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा तय

9 भाषाएँ · 47 स्रोत

Economy & Markets से

यूरोज़ोन की बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष नई चुनौतियाँ

6 भाषाएँ · 13 स्रोत

Technology से

WhatsApp में अब बिना नंबर चैट: यूज़रनेम रिज़र्वेशन शुरू, भारतीय सीईओ ने दी जानकारी

8 भाषाएँ · 29 स्रोत

और पढ़ें