
41 की उम्र में सैंटी काजोर्ला ने लिया संन्यास, ओविएडो में घर लौटकर पूरा किया सफर
आर्सेनल और स्पेन के पूर्व मिडफील्डर ने अपने बचपन के क्लब रियल ओविएडो के साथ तीन सीज़न बिताने के बाद गुरुवार को पेशेवर फुटबॉल से विदाई की घोषणा की।
सैंटी काजोर्ला ने गुरुवार को 41 वर्ष की आयु में फुटबॉल को अलविदा कह दिया। यह विदाई किसी आलीशान स्टेडियम में नहीं, बल्कि उसी क्लब के साथ हुई जहां से उनका सफर शुरू हुआ था—रियल ओविएडो। सोशल मीडिया पर जारी एक भावुक वीडियो में उन्होंने कहा, "अब जब सब कुछ खत्म हो रहा है, जब बूट टांगे जा रहे हैं और शोर खामोशी में बदल रहा है, तब सब कुछ सही बैठता है, क्योंकि यह अंत कहीं और नहीं, घर पर हुआ।" यह अंत एक ऐसे करियर का था जो 2001 में ओविएडो की युवा टीम से शुरू हुआ और विलारियल, रेक्रिएटिवो, मलागा, आर्सेनल, अल साद और फिर ओविएडो तक पहुंचा।
काजोर्ला के करियर का सबसे चमकीला दौर आर्सेनल और स्पेनिश राष्ट्रीय टीम के साथ बीता। उन्होंने 2012 से 2018 तक आर्सेनल के लिए 180 मैच खेले और 2014 व 2015 में एफए कप जीता। स्पेन के लिए 81 मैचों में 15 गोल करने वाले इस प्लेमेकर ने 2008 और 2012 की यूरोपीय चैंपियनशिप जीती, लेकिन चोट के कारण 2010 का विश्व कप खिताबी अभियान गंवाना पड़ा। 2016 में दाएं टखने की गंभीर चोट और उसके बाद हुए संक्रमण ने उनके करियर पर ग्रहण लगा दिया। गैंगरीन के कारण लगभग पैर कटने की नौबत आ गई थी, लेकिन 11 सर्जरी और त्वचा प्रत्यारोपण के बाद उन्होंने वापसी की।
इस चमत्कारिक वापसी के बाद काजोर्ला ने 2018 में विलारियल से दोबारा जुड़कर यूरोपीय फुटबॉल में कदम रखा और फिर कतर के अल साद में तीन सीज़न बिताए। 2023 में वह ओविएडो लौटे, तब क्लब स्पेन के दूसरे डिवीजन में था। क्लब के अनुसार, काजोर्ला ने लीग द्वारा अनुमत न्यूनतम वेतन पर खेलने का फैसला किया और अपने सभी इमेज राइट्स क्लब को दान कर दिए। बदले में उन्होंने केवल यह शर्त रखी कि उनकी जर्सी की बिक्री का 10 प्रतिशत हिस्सा ओविएडो की युवा अकादमी को दिया जाए, ताकि भावी पीढ़ियों के विकास में मदद मिल सके। 2025 में उन्होंने टीम को 24 साल बाद ला लीगा में पहुंचाया, हालांकि पिछले सीज़न में 28 मैच खेलने के बावजूद ओविएडो फिर से दूसरे डिवीजन में लौट गया।
अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के मीडिया ने काजोर्ला की विदाई को एक ऐसे खिलाड़ी के अंत के रूप में रेखांकित किया जिसने तकनीकी कौशल और अदम्य साहस से प्रशंसकों का दिल जीता। घाना से इंडोनेशिया और ब्राजील तक की रिपोर्टों में उनकी चोट से उबरने की कहानी और ओविएडो के प्रति समर्पण को केंद्र में रखा गया। भारत में भी आर्सेनल के बड़े प्रशंसक आधार के चलते काजोर्ला को एक ऐसे कलाकार के रूप में याद किया जाता है जो दोनों पैरों से समान क्षमता से खेल सकता था।
ओविएडो ने बयान जारी कर कहा कि वे चाहते हैं कि काजोर्ला किसी भी भूमिका या क्षमता में क्लब से जुड़े रहें, "जो उन्हें खुश करे।" अब जबकि टीम दोबारा सेगुंडा डिवीजन में है, क्लब के लिए अगला ठोस कदम युवा अकादमी के जरिये भविष्य की नींव रखना होगा—एक ऐसा क्षेत्र जिसमें काजोर्ला की विरासत पहले ही अंकित हो चुकी है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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सांति काज़ोर्ला ने दो दशकों से अधिक के करियर के बाद 41 वर्ष की आयु में संन्यास ले लिया। आर्सेनल और स्पेन के पूर्व मिडफील्डर ने अपने बचपन के क्लब रियल ओविएडो में खेलते हुए करियर का अंत किया, एक गंभीर चोट से उबरने के बाद जिसने लगभग उनका करियर खत्म कर दिया था। उनका संन्यास एक सम्मानित पेशेवर यात्रा का शांत समापन है।
सांति काज़ोर्ला ने 41 वर्ष की आयु में संन्यास की घोषणा की, एक ऐसा करियर समाप्त किया जो रियल ओविएडो में शुरू और खत्म हुआ। स्पेन के साथ दो बार के यूरोपीय चैंपियन ने अपनी यात्रा पर विचार किया, साधारण शुरुआत से लेकर फुटबॉल के शिखर तक, और अपने बचपन के क्लब में भावनात्मक वापसी की। उनकी विदाई को एक रोमांटिक, विजयी घर वापसी के रूप में चित्रित किया गया है।
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