
ट्रंप के 'भीख' वाले बयान से इटली से तनाव, विदेश मंत्री की यात्रा रद्द
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर 'फोटो के लिए भीख मांगने' के आरोप के बाद इटली ने विदेश मंत्री की अमेरिका यात्रा रद्द कर दी, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर 'फोटो खिंचवाने के लिए भीख मांगने' का आरोप लगाया, जिसके बाद इटली ने अपने विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी की अमेरिका यात्रा और मियामी में एक व्यावसायिक मंच को रद्द कर दिया। ट्रंप ने इतालवी प्रसारक ला7 को दिए साक्षात्कार में कहा कि मेलोनी ने 'बार-बार' तस्वीर की गुहार लगाई और उन्होंने केवल 'दया' के कारण सहमति दी। मेलोनी ने एक वीडियो बयान में इसे 'पूरी तरह गढ़ी गई कहानी' बताते हुए कहा, 'इटली और मैं कभी भीख नहीं मांगते।'
विवाद ने तुरंत राजनयिक आयाम ले लिया। इटली के विदेश मंत्री ताजानी ने ट्रंप की टिप्पणियों को 'गंभीर और आपत्तिजनक' बताते हुए अपनी नियोजित वाशिंगटन यात्रा स्थगित कर दी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मेलोनी इटली में 'खराब प्रदर्शन' कर रही हैं और ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका की मदद न करने के कारण उनकी लोकप्रियता गिरी है, इसलिए वह 'अपनी संख्या बढ़ाने' के लिए फिर से दोस्ती चाहती हैं। मेलोनी ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता ट्रंप का विषय नहीं है और सुझाव दिया कि वह अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दें।
यह टकराव पहले से मौजूद मतभेदों का विस्तार है। मार्च में इटली सरकार ने ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य विमानों को सिसिली के सिगोनेला एयर बेस पर उतरने की अनुमति नहीं दी थी। अप्रैल में पोप लियो चौदहवें द्वारा ईरान युद्ध की निंदा पर ट्रंप की आलोचना को मेलोनी ने 'अस्वीकार्य' बताया था, जिस पर ट्रंप ने कहा कि मेलोनी 'अब वही व्यक्ति नहीं रहीं'। यूरोपीय राजनयिक सूत्रों के अनुसार, जी7 शिखर सम्मेलन में मेलोनी ने कई मुद्दों पर ट्रंप को खुलकर चुनौती दी और यूरोप का बचाव किया।
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ में, ट्रंप ने नाटो सहयोगियों पर सार्वजनिक दबाव जारी रखा है। उन्होंने ओवल ऑफिस में कहा कि 'इटली ने बहुत बुरा व्यवहार किया' और अमेरिका ने नाटो पर 'खरबों डॉलर' खर्च किए, जबकि सहयोगियों ने जरूरत के समय मदद नहीं की। उन्होंने धमकी दी कि अमेरिका भी उन्हें 'ना' कह सकता है। दूसरी ओर, ताजानी ने कहा कि इटली अमेरिका का 'विषय' नहीं है, लेकिन ठोस ट्रान्साटलांटिक संबंध आवश्यक हैं, और वह अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे। यह रुख दर्शाता है कि इटली राष्ट्रपति के बावजूद गठबंधन को बनाए रखना चाहता है।
दक्षिण एशिया के लिए, यह प्रकरण अमेरिकी विदेश नीति में सहयोगियों के प्रति सार्वजनिक दबाव की प्रवृत्ति को रेखांकित करता है, जो भारत जैसे देशों के लिए अमेरिका और यूरोप के साथ संबंधों के प्रबंधन में एक संकेत हो सकता है। फिलहाल, ताजानी की वाशिंगटन यात्रा रद्द होने के बावजूद राजनयिक संवाद जारी है, लेकिन ट्रंप के ताजा बयानों से तनाव कम होने के संकेत नहीं मिले। अगला ठोस कदम हेग में आगामी नाटो शिखर सम्मेलन है, जहां बोझ-साझाकरण को लेकर यह विवाद और गहराने की संभावना है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ
एंग्लो-अमेरिकन प्रेस इस टकराव को एक व्यक्तिगत झगड़े के रूप में पेश करती है, इस विडंबना को उजागर करती है कि मेलोनी कभी यूरोप की 'ट्रम्प व्हिस्परर' कहलाती थीं। यह ट्रम्प के हमलों को क्षुद्र बताती है, जो एक तस्वीर और उनकी घरेलू लोकप्रियता पर केंद्रित हैं, और एक समय के मैत्रीपूर्ण संबंधों के तेजी से बिगड़ने पर ध्यान देती है।
इतालवी प्रेस ट्रम्प के बार-बार लगाए गए आरोपों पर आक्रोश के साथ प्रतिक्रिया करती है, इटली को एक ऐसे सहयोगी के रूप में चित्रित करती है जिसे अनुचित रूप से निशाना बनाया गया है। यह शुरुआती दृढ़ जवाबों के बाद सरकार की गरिमामयी चुप्पी पर जोर देती है, हमलों को नाटो में इटली के योगदान को देखते हुए कृतघ्न बताती है, और ट्रान्साटलांटिक संबंधों में विश्वास के व्यापक संकट की ओर इशारा करती है।
संबंधित लेख
अल्जीरिया की वापसी ने जॉर्डन को बाहर किया, ग्रुप जे में ऑस्ट्रिया से होगा आखिरी संघर्ष
7 भाषाएँ · 37 स्रोत
भू-राजनीति और राजनीतिसंयुक्त राष्ट्र आयोग ने गाजा में बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने को नरसंहार करार दिया, इजराइल ने खारिज किया
10 भाषाएँ · 19 स्रोत
खेल13 साल बाद मिल्वौकी से मियामी तक: जियानिस का ऐतिहासिक ट्रेड और ड्राफ्ट की सरगर्मी
9 भाषाएँ · 14 स्रोत