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भू-राजनीति और राजनीतिमंगलवार, 23 जून 2026

संयुक्त राष्ट्र आयोग ने गाजा में बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने को नरसंहार करार दिया, इजराइल ने खारिज किया

स्वतंत्र जांच आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइली सुरक्षा बलों ने फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर मारा, जो नरसंहार की मंशा का प्रमुख तत्व है; इजराइल ने इसे 'निंदनीय धोखा' बताया।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा गठित एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग ने 23 जून 2026 को जारी एक रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि इजराइली प्राधिकारियों और सुरक्षा बलों ने गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप नरसंहार, मानवता के विरुद्ध अपराध और युद्ध अपराध हुए। आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवासन मुरलीधर के अनुसार, एकत्रित साक्ष्य दर्शाते हैं कि 'फिलिस्तीनी बच्चों को इजराइली सुरक्षा बलों द्वारा जानबूझकर निशाना बनाकर मारा गया', और यह कार्रवाई 'गाजा में व्यापक फिलिस्तीनी समूह को नष्ट करने की नरसंहारिक मंशा' स्थापित करने का एक प्रमुख तत्व है। रिपोर्ट बताती है कि अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच कम से कम 20,179 बच्चे मारे गए, जो कुल मौतों का लगभग 30 प्रतिशत है—यह अनुपात 2008-09 और 2014 के संघर्षों के 24 प्रतिशत से अधिक है। आयोग, जो स्वयं संयुक्त राष्ट्र की ओर से नहीं बोलता, ने सितंबर 2025 की अपनी पिछली रिपोर्ट में भी इजराइल पर नरसंहार का आरोप लगाया था।

इजराइल ने जिनेवा स्थित अपने मिशन के माध्यम से इस रिपोर्ट को 'निंदनीय धोखा' और 'दूसरी मानहानिकारक वकालत रिपोर्ट' बताकर पूरी तरह खारिज कर दिया। इजराइली पक्ष का कहना है कि वह 'संघर्ष की स्थितियों में भी बच्चों को होने वाले नुकसान को लगातार कम करने का प्रयास करता है' और जानबूझकर बच्चों को निशाना बनाने के आरोप को 'कड़े शब्दों में' अस्वीकार करता है। इजराइल ने आयोग पर हमास की 'क्रूर रणनीति' की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जिसमें इजराइली बच्चों पर हमले और फिलिस्तीनी बच्चों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करना शामिल है। इजराइली बयान में यह भी कहा गया कि रिपोर्ट में टीकाकरण अभियानों को सुगम बनाने, चिकित्सा कर्मियों के प्रवेश और फील्ड अस्पतालों की स्थापना में इजराइल की भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया।

रिपोर्ट में बच्चों पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों का विस्तृत विवरण है। आयोग के अनुसार, गंभीर शारीरिक-मानसिक चोटें, व्यापक आघात, अनाथ होना, बार-बार विस्थापन, भुखमरी तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का पतन ने गाजा में 'बचपन को मिटा दिया' है। नवजात एवं प्रसूति सेवाओं पर लक्षित हमलों के कारण गर्भपात और जन्मजात विकृतियों में वृद्धि हुई है, जिसे आयोग 'जनसंख्या की निरंतरता' के लिए खतरा मानता है। रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद भी बच्चों की हत्या और गंभीर चोटें जारी हैं; यूनिसेफ ने हाल ही में बताया कि युद्धविराम के बाद कम से कम 265 बच्चे मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। पश्चिमी तट में भी इजराइली बस्तियों द्वारा हिंसा में तीव्र वृद्धि और बच्चों की गिरफ्तारी, यातना तथा दुर्व्यवहार के मामले दर्ज किए गए।

यह जांच आयोग 2021 में स्थापित किया गया था और इसने पहले भी 7 अक्टूबर 2023 को हमास और अन्य फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों द्वारा किए गए युद्ध अपराधों की पुष्टि की थी। गाजा में इजराइल का सैन्य अभियान उसी हमले की प्रतिक्रिया में शुरू हुआ, जिसमें इजराइली आंकड़ों के अनुसार लगभग 1,200 लोग मारे गए थे। हमास-संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजराइली कार्रवाई में अब तक 73,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 21,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं; संयुक्त राष्ट्र इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानता है। आयोग ने अपनी सिफारिशों में विशिष्ट इजराइली इकाइयों की पहचान करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कानूनी दायित्वों का पालन करने, कब्जे को समाप्त करने तथा फिलिस्तीनी बच्चों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र के समक्ष प्रस्तुत की गई है, और आगे की अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाओं पर चर्चा अपेक्षित है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 10 भाषाएँ

24%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेसमहाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ सुरक्षा
उदासीनताव्यावहारिकता

संयुक्त राष्ट्र की एक जांच ने निष्कर्ष निकाला है कि इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा में बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया, जो नरसंहार का गठन करता है। इजरायली अधिकारियों ने रिपोर्ट को मानहानिकारक और पक्षपातपूर्ण बताकर खारिज कर दिया और किसी भी नरसंहार के इरादे से इनकार किया। जांच रोकी जा सकने वाली बाल मृत्यु पर प्रकाश डालती है, लेकिन इजरायल का कहना है कि आयोग हमास के क्रूर तरीकों को नजरअंदाज करता है।

महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस/ भूमध्यसागरीय
आक्रोशचेतावनी

एक स्वतंत्र संयुक्त राष्ट्र आयोग ने घोषणा की है कि गाजा में एक जारी नरसंहार हो रहा है, जिसमें इजरायली बल जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को निशाना बनाकर मार रहे हैं। रिपोर्ट फिलिस्तीनी लोगों की जैविक निरंतरता और भविष्य के अस्तित्व को नष्ट करने के इरादे पर केंद्रित है। इजरायल ने रिपोर्ट को मानहानिकारक बताया है, लेकिन आयोग मानवता के खिलाफ अपराधों और युद्ध अपराधों के अपने निष्कर्षों पर कायम है।

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संयुक्त राष्ट्र आयोग ने गाजा में बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने को नरसंहार करार दिया, इजराइल ने खारिज किया

स्वतंत्र जांच आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइली सुरक्षा बलों ने फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर मारा, जो नरसंहार की मंशा का प्रमुख तत्व है; इजराइल ने इसे 'निंदनीय धोखा' बताया।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा गठित एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग ने 23 जून 2026 को जारी एक रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला कि इजराइली प्राधिकारियों और सुरक्षा बलों ने गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप नरसंहार, मानवता के विरुद्ध अपराध और युद्ध अपराध हुए। आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवासन मुरलीधर के अनुसार, एकत्रित साक्ष्य दर्शाते हैं कि 'फिलिस्तीनी बच्चों को इजराइली सुरक्षा बलों द्वारा जानबूझकर निशाना बनाकर मारा गया', और यह कार्रवाई 'गाजा में व्यापक फिलिस्तीनी समूह को नष्ट करने की नरसंहारिक मंशा' स्थापित करने का एक प्रमुख तत्व है। रिपोर्ट बताती है कि अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच कम से कम 20,179 बच्चे मारे गए, जो कुल मौतों का लगभग 30 प्रतिशत है—यह अनुपात 2008-09 और 2014 के संघर्षों के 24 प्रतिशत से अधिक है। आयोग, जो स्वयं संयुक्त राष्ट्र की ओर से नहीं बोलता, ने सितंबर 2025 की अपनी पिछली रिपोर्ट में भी इजराइल पर नरसंहार का आरोप लगाया था।

इजराइल ने जिनेवा स्थित अपने मिशन के माध्यम से इस रिपोर्ट को 'निंदनीय धोखा' और 'दूसरी मानहानिकारक वकालत रिपोर्ट' बताकर पूरी तरह खारिज कर दिया। इजराइली पक्ष का कहना है कि वह 'संघर्ष की स्थितियों में भी बच्चों को होने वाले नुकसान को लगातार कम करने का प्रयास करता है' और जानबूझकर बच्चों को निशाना बनाने के आरोप को 'कड़े शब्दों में' अस्वीकार करता है। इजराइल ने आयोग पर हमास की 'क्रूर रणनीति' की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जिसमें इजराइली बच्चों पर हमले और फिलिस्तीनी बच्चों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करना शामिल है। इजराइली बयान में यह भी कहा गया कि रिपोर्ट में टीकाकरण अभियानों को सुगम बनाने, चिकित्सा कर्मियों के प्रवेश और फील्ड अस्पतालों की स्थापना में इजराइल की भूमिका का उल्लेख नहीं किया गया।

रिपोर्ट में बच्चों पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों का विस्तृत विवरण है। आयोग के अनुसार, गंभीर शारीरिक-मानसिक चोटें, व्यापक आघात, अनाथ होना, बार-बार विस्थापन, भुखमरी तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का पतन ने गाजा में 'बचपन को मिटा दिया' है। नवजात एवं प्रसूति सेवाओं पर लक्षित हमलों के कारण गर्भपात और जन्मजात विकृतियों में वृद्धि हुई है, जिसे आयोग 'जनसंख्या की निरंतरता' के लिए खतरा मानता है। रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद भी बच्चों की हत्या और गंभीर चोटें जारी हैं; यूनिसेफ ने हाल ही में बताया कि युद्धविराम के बाद कम से कम 265 बच्चे मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। पश्चिमी तट में भी इजराइली बस्तियों द्वारा हिंसा में तीव्र वृद्धि और बच्चों की गिरफ्तारी, यातना तथा दुर्व्यवहार के मामले दर्ज किए गए।

यह जांच आयोग 2021 में स्थापित किया गया था और इसने पहले भी 7 अक्टूबर 2023 को हमास और अन्य फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों द्वारा किए गए युद्ध अपराधों की पुष्टि की थी। गाजा में इजराइल का सैन्य अभियान उसी हमले की प्रतिक्रिया में शुरू हुआ, जिसमें इजराइली आंकड़ों के अनुसार लगभग 1,200 लोग मारे गए थे। हमास-संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजराइली कार्रवाई में अब तक 73,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 21,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं; संयुक्त राष्ट्र इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानता है। आयोग ने अपनी सिफारिशों में विशिष्ट इजराइली इकाइयों की पहचान करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कानूनी दायित्वों का पालन करने, कब्जे को समाप्त करने तथा फिलिस्तीनी बच्चों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र के समक्ष प्रस्तुत की गई है, और आगे की अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाओं पर चर्चा अपेक्षित है।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 19 स्रोत · 10 भाषाएँ

24%कम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र14%
निंदक86%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 10 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेसमहाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ सुरक्षा
उदासीनताव्यावहारिकता

संयुक्त राष्ट्र की एक जांच ने निष्कर्ष निकाला है कि इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा में बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया, जो नरसंहार का गठन करता है। इजरायली अधिकारियों ने रिपोर्ट को मानहानिकारक और पक्षपातपूर्ण बताकर खारिज कर दिया और किसी भी नरसंहार के इरादे से इनकार किया। जांच रोकी जा सकने वाली बाल मृत्यु पर प्रकाश डालती है, लेकिन इजरायल का कहना है कि आयोग हमास के क्रूर तरीकों को नजरअंदाज करता है।

महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस/ भूमध्यसागरीय
आक्रोशचेतावनी

एक स्वतंत्र संयुक्त राष्ट्र आयोग ने घोषणा की है कि गाजा में एक जारी नरसंहार हो रहा है, जिसमें इजरायली बल जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को निशाना बनाकर मार रहे हैं। रिपोर्ट फिलिस्तीनी लोगों की जैविक निरंतरता और भविष्य के अस्तित्व को नष्ट करने के इरादे पर केंद्रित है। इजरायल ने रिपोर्ट को मानहानिकारक बताया है, लेकिन आयोग मानवता के खिलाफ अपराधों और युद्ध अपराधों के अपने निष्कर्षों पर कायम है।

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