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कांगो से ड्रॉ के बाद पुर्तगाल पर दबाव, उज्बेकिस्तान के खिलाफ रोनाल्डो की भूमिका पर उठे सवाल

ग्रुप के में पहले मैच में कांगो से 1-1 की निराशाजनक बराबरी ने पुर्तगाल की कमजोरियों को उजागर किया, अब उज्बेकिस्तान के खिलाफ जीत से ही नॉकआउट की राह आसान होगी।

ह्यूस्टन स्टेडियम में पुर्तगाल के लिए हालात तब चिंताजनक बन गए जब डेब्यूटेंट कांगो ने 75.4 प्रतिशत गेंद पर कब्जे के बावजूद उन्हें 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। जोआओ नेवेस के छठे मिनट के हेडर के बाद पूरा मैच एक ही शॉट ऑन टारगेट तक सीमित रहा, जबकि कांगो ने आठ प्रयास किए और दो बार गोल की ओर निशाना साधा। ऑप्टा के आंकड़ों के अनुसार पुर्तगाल का एक्सपेक्टेड गोल (xG) महज 0.65 रहा, जो कांगो के 0.87 से कम था। यह पहला मौका था जब 1966 के बाद कोई टीम 70 प्रतिशत से अधिक कब्जे के बावजूद शॉट्स में पिछड़ गई।

इस प्रदर्शन के बाद सबसे तीखी निगाहें कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर टिक गईं। 41 वर्षीय स्ट्राइकर ने पूरे 90 मिनट खेले, तीन शॉट लिए लेकिन एक भी गोल की दिशा में नहीं जा सका; उनका व्यक्तिगत xG 0.46 रहा। इंडोनेशियाई और भारतीय मीडिया में यह सवाल जोर पकड़ने लगा कि क्या उन्हें उज्बेकिस्तान के खिलाफ बेंच पर बैठना चाहिए। हालांकि, यूरोपीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि “रोनाल्डो स्पेस खोलने और मूवमेंट करने में सर्वश्रेष्ठ हैं, आंकड़े इस दिग्गज खिलाड़ी का समर्थन करते हैं।” मार्टिनेज ने टीम के भीतर किसी तनाव से इनकार किया और कहा कि आलोचना विश्व कप का हिस्सा है, लेकिन ड्रेसिंग रूम पहले से अधिक एकजुट है।

दूसरी ओर, उज्बेकिस्तान ने कोलंबिया के खिलाफ 1-3 की हार में आठ शॉट लगाकर आक्रामक इरादे दिखाए थे। इतालवी दिग्गज फैबियो कनावारो की कोचिंग वाली इस टीम के लिए यह पहला विश्व कप है। एशियाई मीडिया सूत्रों के हवाले से कनावारो ने कहा कि “हमें रोनाल्डो जैसे खिलाड़ी को बॉक्स में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, वह किसी भी स्थिति में गोल कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी टीम पर कोई दबाव नहीं है और वे पुर्तगाल के तेज खेल को रोकने की रणनीति के साथ उतरेंगे।

ग्रुप के में कोलंबिया तीन अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि पुर्तगाल एक अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। ऐसे में उज्बेकिस्तान के खिलाफ जीत अनिवार्य हो गई है, क्योंकि अंतिम मैच कोलंबिया से होगा। मार्टिनेज ने माना कि टीम पहले 20 मिनट के बाद अनुशासन खो बैठी थी और अब 90 मिनट तक अपने स्तर पर प्रदर्शन करने की जरूरत है। रूबेन डियास की वापसी से डिफेंस को मजबूती मिल सकती है, जबकि ब्रूनो फर्नांडिस और बर्नार्डो सिल्वा पर मिडफील्ड में रचनात्मकता की जिम्मेदारी होगी।

ह्यूस्टन में होने वाला यह मुकाबला पुर्तगाल के लिए नॉकआउट चरण की राह को साफ करने का मौका है, वहीं उज्बेकिस्तान के लिए यह विश्व कप में पहला अंक हासिल करने और साख बचाने की लड़ाई होगी।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

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दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस
चेतावनीअत्यावश्यकताव्यंग्य

पुर्तगाल शुरुआती ड्रॉ के बाद दबाव में है और उसे उज़्बेकिस्तान के खिलाफ जीतना ही होगा। क्रिस्टियानो रोनाल्डो मौके गंवाने के लिए आलोचना के घेरे में हैं और उन्हें अपनी धार वापस पानी होगी। टीम को जल्दी संकट से बचने के लिए तुरंत वापसी करने का आग्रह किया गया है।

महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस/ भूमध्यसागरीय
उदासीनताव्यावहारिकता

पुर्तगाल ग्रुप के दूसरे मैच में उज़्बेकिस्तान से भिड़ेगा। शुरुआती ड्रॉ के बाद, टीम अपनी पहली जीत की तलाश में है। यहाँ संभावित लाइनअप और कहाँ देखें।

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कांगो से ड्रॉ के बाद पुर्तगाल पर दबाव, उज्बेकिस्तान के खिलाफ रोनाल्डो की भूमिका पर उठे सवाल

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ह्यूस्टन स्टेडियम में पुर्तगाल के लिए हालात तब चिंताजनक बन गए जब डेब्यूटेंट कांगो ने 75.4 प्रतिशत गेंद पर कब्जे के बावजूद उन्हें 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। जोआओ नेवेस के छठे मिनट के हेडर के बाद पूरा मैच एक ही शॉट ऑन टारगेट तक सीमित रहा, जबकि कांगो ने आठ प्रयास किए और दो बार गोल की ओर निशाना साधा। ऑप्टा के आंकड़ों के अनुसार पुर्तगाल का एक्सपेक्टेड गोल (xG) महज 0.65 रहा, जो कांगो के 0.87 से कम था। यह पहला मौका था जब 1966 के बाद कोई टीम 70 प्रतिशत से अधिक कब्जे के बावजूद शॉट्स में पिछड़ गई।

इस प्रदर्शन के बाद सबसे तीखी निगाहें कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर टिक गईं। 41 वर्षीय स्ट्राइकर ने पूरे 90 मिनट खेले, तीन शॉट लिए लेकिन एक भी गोल की दिशा में नहीं जा सका; उनका व्यक्तिगत xG 0.46 रहा। इंडोनेशियाई और भारतीय मीडिया में यह सवाल जोर पकड़ने लगा कि क्या उन्हें उज्बेकिस्तान के खिलाफ बेंच पर बैठना चाहिए। हालांकि, यूरोपीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि “रोनाल्डो स्पेस खोलने और मूवमेंट करने में सर्वश्रेष्ठ हैं, आंकड़े इस दिग्गज खिलाड़ी का समर्थन करते हैं।” मार्टिनेज ने टीम के भीतर किसी तनाव से इनकार किया और कहा कि आलोचना विश्व कप का हिस्सा है, लेकिन ड्रेसिंग रूम पहले से अधिक एकजुट है।

दूसरी ओर, उज्बेकिस्तान ने कोलंबिया के खिलाफ 1-3 की हार में आठ शॉट लगाकर आक्रामक इरादे दिखाए थे। इतालवी दिग्गज फैबियो कनावारो की कोचिंग वाली इस टीम के लिए यह पहला विश्व कप है। एशियाई मीडिया सूत्रों के हवाले से कनावारो ने कहा कि “हमें रोनाल्डो जैसे खिलाड़ी को बॉक्स में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, वह किसी भी स्थिति में गोल कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी टीम पर कोई दबाव नहीं है और वे पुर्तगाल के तेज खेल को रोकने की रणनीति के साथ उतरेंगे।

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ह्यूस्टन में होने वाला यह मुकाबला पुर्तगाल के लिए नॉकआउट चरण की राह को साफ करने का मौका है, वहीं उज्बेकिस्तान के लिए यह विश्व कप में पहला अंक हासिल करने और साख बचाने की लड़ाई होगी।

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