
ओपेक कोटा विवाद: इराक ने सभी विकल्पों पर विचार की चेतावनी दी, फिर आधिकारिक खंडन जारी किया
ईरान युद्ध से उत्पन्न वित्तीय संकट के बीच इराक ने ओपेक कोटा में बड़ी वृद्धि की मांग की और न मिलने पर सभी विकल्प खुले रखने की चेतावनी दी, लेकिन बाद में सरकारी बयान में इस आशय का खंडन किया गया।
25 जून को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई खबरों के अनुसार, इराकी तेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि ओपेक में देश का उत्पादन कोटा पर्याप्त रूप से नहीं बढ़ाया गया तो इराक सभी उपलब्ध विकल्पों पर विचार करने को मजबूर होगा। इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतें कुछ समय के लिए 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। हालांकि, उसी दिन बाद में इराकी तेल मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ओपेक छोड़ने की धमकी वाली रिपोर्टें सरकार की आधिकारिक स्थिति को नहीं दर्शाती हैं, और प्रधानमंत्री या सरकार ने संगठन से बाहर निकलने का मुद्दा नहीं उठाया है।
इराक की इस दोहरी स्थिति के पीछे ईरान युद्ध से उपजा गंभीर वित्तीय संकट है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से इराक का तेल निर्यात फरवरी के लगभग 42 लाख बैरल प्रतिदिन से गिरकर मई में मात्र 14.8 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। देश का बजट 90 प्रतिशत से अधिक तेल राजस्व पर निर्भर है, जिससे वेतन भुगतान और परियोजनाओं पर दबाव बढ़ गया है। इराकी अधिकारियों का तर्क है कि उनकी वास्तविक उत्पादन क्षमता और विशेष परिस्थितियों—चार दशकों के युद्ध, प्रतिबंध और हाल के आतंकी हमलों से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे—को देखते हुए कोटा में उल्लेखनीय वृद्धि आवश्यक है।
ओपेक प्लस गठबंधन पहले ही सदस्य देशों की अधिकतम सतत उत्पादन क्षमता का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है, जिसके आधार पर 2027 के लिए आधारभूत कोटा तय किए जाएंगे। 7 जून को हुई बैठक में इराक के जुलाई कोटा में केवल 26,000 बैरल प्रतिदिन की वृद्धि की गई, जिसे बगदाद अपर्याप्त मानता है। रूसी तेल उद्योग के एक सूत्र ने संकेत दिया कि इराक के कोटा में मामूली वृद्धि से इस विवाद को सुलझाया जा सकता है। दूसरी ओर, इराकी सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि देश आने वाले वर्षों में उत्पादन 70 लाख बैरल प्रतिदिन तक ले जाना चाहता है और पूर्ण निर्यात क्षमता बहाल करने पर काम कर रहा है।
इराक ओपेक का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और संस्थापक सदस्य है; संगठन की स्थापना 1960 में बगदाद में ही हुई थी। मई 2026 में संयुक्त अरब अमीरात के ओपेक से बाहर निकलने के बाद इराक का संभावित निकास संगठन के लिए एक और बड़ा झटका होगा। हालांकि, इराकी तेल मंत्रालय के आधिकारिक बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि सदस्य देशों के बीच इराक की विशेष परिस्थितियों को लेकर उच्च स्तरीय समझ है और स्वैच्छिक उत्पादन कटौती की चरणबद्ध वापसी से आने वाले महीनों में इराक का उत्पादन स्तर स्वतः बढ़ेगा।
अगला ठोस कदम ओपेक प्लस द्वारा एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय परामर्श कंपनी के साथ चल रहा क्षमता पुनर्मूल्यांकन है, जिसमें इराक सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। इसके परिणाम 2027 के कोटा निर्धारण का आधार बनेंगे। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य के आंशिक रूप से खुलने और किरकुक-सेहान पाइपलाइन के जरिए निर्यात बढ़ने से इराक का उत्पादन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। बगदाद की आधिकारिक स्थिति बातचीत के प्रति प्रतिबद्धता की है, लेकिन कोटा वृद्धि न होने की स्थिति में आंतरिक चर्चाओं में सभी विकल्प खुले रखने की बात कही गई है।
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