
वैश्विक ऊर्जा लक्ष्यों से भटकता विश्व, चीन का नवीकरणीय नेतृत्व और अफ्रीका का गहराता संकट
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट दर्शाती है कि 65.5 करोड़ लोग अब भी बिजली से वंचित हैं, जबकि चीन अक्षय ऊर्जा में रिकॉर्ड वृद्धि कर रहा है और उप-सहारा अफ्रीका पीछे छूटता जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र समर्थित ‘ट्रैकिंग एसडीजी 7’ रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक सबके लिए सस्ती, भरोसेमंद और टिकाऊ ऊर्जा का लक्ष्य पटरी से उतरता दिख रहा है। दुनिया में 65.5 करोड़ से अधिक लोगों के पास बिजली नहीं है और लगभग दो अरब लोग खाना पकाने के लिए प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों पर निर्भर हैं। सबसे विकट स्थिति उप-सहारा अफ्रीका की है, जहां 56 करोड़ से ज्यादा आबादी अंधेरे में रहती है और 97 करोड़ लोगों को स्वच्छ रसोई समाधान नहीं मिल पाता। रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि इस क्षेत्र में विद्युतीकरण की रफ्तार मौजूदा स्तर से तीन गुना किए बिना सार्वभौमिक पहुंच का लक्ष्य असंभव है।
इस संकट के बीच वैश्विक अक्षय ऊर्जा परिदृश्य में एक विरोधाभास उभरता है। एक ओर नवीकरणीय स्रोतों ने वैश्विक बिजली खपत में 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल कर ली है और प्रति व्यक्ति स्थापित क्षमता 544 वॉट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसमें चीन की भूमिका केंद्रीय है: जर्मन सौर ऊर्जा संघ के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में चीन ने 382 गीगावॉट की सौर परियोजनाएं शुरू कीं, जो शीर्ष-10 के बाकी सभी देशों की संयुक्त क्षमता से अधिक है। चीन के इस विस्तार ने सौर मॉड्यूल और बैटरी प्रणालियों की लागत घटाकर केन्या जैसे देशों में हरित प्रौद्योगिकी अपनाने को गति दी है। साथ ही, चीनी कंपनियां उपग्रह संचार में स्पेसएक्स को चुनौती देने के लिए प्रक्षेपण क्षमता बढ़ा रही हैं, जो व्यापक तकनीकी महत्वाकांक्षा को रेखांकित करता है।
वित्तपोषण का अंतराल एक बड़ी बाधा बना हुआ है। विकासशील देशों में स्वच्छ ऊर्जा के लिए अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्तीय प्रवाह 2024 में मामूली बढ़कर 24.6 अरब डॉलर हुआ, लेकिन यह आवश्यकता से काफी कम है। विश्व बैंक के उपाध्यक्ष वैलेरी लेवकोव ने सीमित सार्वजनिक बजट के चलते निजी क्षेत्र के निवेश को अपरिहार्य बताया है। स्वच्छ रसोई का अभाव सबसे बड़ी ऊर्जा खाई है, जिससे हर साल अनुमानित 30 लाख लोग घरेलू वायु प्रदूषण से असमय मरते हैं। ग्रामीण इलाकों में केवल 56 प्रतिशत लोगों की पहुंच है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 89 प्रतिशत है।
अफ्रीका की चुनौती केवल ऊर्जा तक सीमित नहीं है। महाद्वीप में हिंसा और विस्थापन के आंकड़े बताते हैं कि संरचनात्मक और प्रतीकात्मक हिंसा ने शासन प्रणालियों को संकट प्रबंधन के चक्र में फंसा दिया है। विशेषज्ञ इसे ‘अग्निशमन’ दृष्टिकोण कहते हैं, जहां संस्थाएं कल के संकट रोकने के बजाय आज की आग बुझाने में लगी हैं। सतत शासन के बिना ऊर्जा पहुंच जैसे विकास लक्ष्यों को स्थायी रूप से हासिल करना कठिन है। इसके विपरीत, संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क के सूचकांक में चीन ने 2015 से अमेरिका के साथ अंतर को काफी कम कर दिया है और मौजूदा रफ्तार से वह जल्द ही अमेरिका से आगे निकल सकता है।
आगे का रास्ता विद्युतीकरण की गति तीन गुना करने, लक्षित सब्सिडी और नवोन्मेषी वित्तपोषण मॉडल अपनाने पर निर्भर करेगा। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि 2010 के बाद से 1.5 अरब लोगों को स्वच्छ रसोई और 80 करोड़ को बिजली मिली है, जो सही नीतियों से प्रगति की संभावना दिखाता है। अगला ठोस पड़ाव 2030 का लक्ष्य वर्ष है, जिसके लिए राजनीतिक नेतृत्व, समन्वय और निवेश में तत्काल तेजी की आवश्यकता है।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.40 | critical |
|---|---|---|
| चीनी प्रेस | +0.60 | aligned |
| अरब खाड़ी प्रेस | 0.00 | neutral |
The world lags, China surges, and Russia is left out of global energy decisions.
Highlights collective failure and Chinese rise to underscore Russian isolation, omitting Russia's own fossil fuel dependence.
No mention of Russia's role as a fossil fuel exporter or its reliance on gas exports.
China builds the energy future while others fall behind: Chinese solar is the global solution.
Presents Chinese progress as an objective, inevitable fact, omitting domestic grid challenges or allegations of solar dumping.
No discussion of China's grid integration issues or trade disputes over solar panels.
The world needs more grids and investment, not just solar panels: the Gulf offers concrete solutions for energy access.
Shifts focus from generation to distribution, presenting grid projects as the real priority, without criticizing China.
No mention of the Gulf's hydrocarbon dependence or slow domestic renewable progress.
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