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दक्षिण सीरिया में इज़रायली घुसपैठ: आबिदीन गांव में नागरिक प्रतिरोध के बाद सेना की वापसीव्हाट्सएप ने यूज़रनेम सुविधा की घोषणा की, अब बिना नंबर साझा किए चैट संभवडेनमार्क के तट पर पुतिन की सुपरयॉट ग्रेसफुल का काफिला: रूसी युद्धपोतों के साथ इस्तांबुल की ओर रवानागूगल ने मेटा की जेमिनाई पहुंच सीमित की: एआई कंप्यूट संकट का ठोस संकेतवोक्सवैगन में एक लाख नौकरियों पर संकट, जर्मन उद्योग की गहरी चुनौतियों का संकेतपूर्व एनबीए खिलाड़ी मलिक बीस्ली और एड डेविस पर सट्टेबाजी योजना में संघीय अभियोगअमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र एजेंसियों से अधिकारी हटाने की ट्रंप की शक्ति बढ़ाई, फेडरल रिज़र्व पर रोक बरकरारमेक्सिको और अमेरिका में वन्यजीव हमलों का सिलसिला: मगरमच्छ, मगर और बाइसन से मौतें व घायलदक्षिण सीरिया में इज़रायली घुसपैठ: आबिदीन गांव में नागरिक प्रतिरोध के बाद सेना की वापसीव्हाट्सएप ने यूज़रनेम सुविधा की घोषणा की, अब बिना नंबर साझा किए चैट संभवडेनमार्क के तट पर पुतिन की सुपरयॉट ग्रेसफुल का काफिला: रूसी युद्धपोतों के साथ इस्तांबुल की ओर रवानागूगल ने मेटा की जेमिनाई पहुंच सीमित की: एआई कंप्यूट संकट का ठोस संकेतवोक्सवैगन में एक लाख नौकरियों पर संकट, जर्मन उद्योग की गहरी चुनौतियों का संकेतपूर्व एनबीए खिलाड़ी मलिक बीस्ली और एड डेविस पर सट्टेबाजी योजना में संघीय अभियोगअमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र एजेंसियों से अधिकारी हटाने की ट्रंप की शक्ति बढ़ाई, फेडरल रिज़र्व पर रोक बरकरारमेक्सिको और अमेरिका में वन्यजीव हमलों का सिलसिला: मगरमच्छ, मगर और बाइसन से मौतें व घायल
रक्षा एवं सुरक्षारविवार, 28 जून 2026

हॉर्मुज तनाव: अमेरिकी हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई से युद्धविराम खतरे में

समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हमलों के आरोपों के बीच अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए; ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी सैन्य स्थलों को निशाना बनाया।

अमेरिकी वायुसेना ने शनिवार रात ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों तथा तटीय रडार प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए आरोप लगाया कि ईरान ने युद्धविराम समझौते का बार-बार उल्लंघन किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई तो अमेरिका ‘सैन्य रूप से अभियान पूरा करने’ को मजबूर होगा और ऐसी स्थिति में ‘ईरान का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।’ इसके कुछ घंटों बाद ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य स्थलों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले का दावा किया। कुवैती रक्षा प्रणाली ने इन प्रक्षेपास्त्रों को रोकने की पुष्टि की, जबकि बहरीन के गृह मंत्रालय ने हवाई हमले की चेतावनी के सायरन बजने और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये ताज़ा हमले ईरानी ड्रोन द्वारा पनामा-ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एम/टी कीको’ पर हमले के जवाब में किए गए, जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य के निकट 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जा रहा था।

दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दो सप्ताह पहले हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान को समझौते का सम्मान करने का अवसर दिया गया था, लेकिन तेहरान ने लगातार व्यापारिक जहाजों पर हमले जारी रखे। CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की सैन्य निगरानी अवसंरचना, संचार प्रणालियों, वायु रक्षा स्थलों, ड्रोन भंडारों और समुद्री खनन क्षमताओं को लक्षित किया। वहीं, IRGC ने अपने हमले को अमेरिकी ‘आक्रमण’ का सीधा जवाब बताया और चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयाँ ‘राजनयिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह रोक सकती हैं।’ नौसेना कमांडरों ने धमकी दी कि क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को ‘आने वाले दिनों में नर्क का अनुभव होगा।’ फ़ॉक्स न्यूज़ और रॉयटर्स की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने या बड़े पैमाने पर क्षति की पुष्टि नहीं की, हालाँकि स्थिति तेज़ी से बदल रही थी।

इस गतिरोध के केंद्र में हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का सवाल है। रॉयटर्स के हवाले से बताया गया कि ईरान उत्तरी मार्ग पर नियंत्रण स्थापित कर जहाज़ों से शुल्क वसूलना चाहता है, जबकि अमेरिका ओमानी तट के पास दक्षिणी मार्ग के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। यह जलमार्ग, जहाँ से विश्व का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तरल प्राकृतिक गैस और तेल गुज़रता था, युद्ध के कारण महीनों बाधित रहने के बाद हाल ही में फिर से खोला गया था। एक बार फिर हुए इन हमलों से वैश्विक तेल कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, जो युद्ध-पूर्व स्तर के करीब आ गई थीं।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान और क़तर सहित क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता से हुए इस नाज़ुक युद्धविराम को बमुश्किल दो सप्ताह हुए हैं। साथ ही, लेबनान में इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष भी पृष्ठभूमि में जारी है—इज़रायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में रॉकेट लॉन्चर नष्ट करने और हिज़्बुल्लाह सदस्यों को मारने की पुष्टि की, जिसका हिज़्बुल्लाह ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। ईरान ने अमेरिका पर लेबनान में युद्धविराम बनाए रखने की प्रतिबद्धता का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया है। बहरीन ने इन हमलों पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। फ़िलहाल, राजनयिक प्रक्रिया अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर चुकी है और अगले कुछ दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या युद्धविराम बच सकता है या टकराव एक व्यापक सैन्य संघर्ष में बदलेगा।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

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49%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसअटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
चेतावनीआक्रोश

Arab media from the Levant and Maghreb report Trump's warning that Iran will 'cease to exist' if the US decides to escalate, attributing the unraveling ceasefire to Iranian violations. The tone is alarmist, highlighting the danger of a full-scale war, while portraying the US as the aggressor threatening destruction.

अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ सुरक्षा
उदासीनताव्यावहारिकता

Atlantic and Anglosphere outlets (e.g., Reuters) provide a detached, factual account of mutual attacks, presenting both sides as responsible for the ceasefire collapse. They emphasize the fragility of the agreement and the tit-for-tat pattern, without taking sides.

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दक्षिण सीरिया में इज़रायली घुसपैठ: आबिदीन गांव में नागरिक प्रतिरोध के बाद सेना की वापसी·व्हाट्सएप ने यूज़रनेम सुविधा की घोषणा की, अब बिना नंबर साझा किए चैट संभव·डेनमार्क के तट पर पुतिन की सुपरयॉट ग्रेसफुल का काफिला: रूसी युद्धपोतों के साथ इस्तांबुल की ओर रवाना·गूगल ने मेटा की जेमिनाई पहुंच सीमित की: एआई कंप्यूट संकट का ठोस संकेत·वोक्सवैगन में एक लाख नौकरियों पर संकट, जर्मन उद्योग की गहरी चुनौतियों का संकेत·पूर्व एनबीए खिलाड़ी मलिक बीस्ली और एड डेविस पर सट्टेबाजी योजना में संघीय अभियोग·अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र एजेंसियों से अधिकारी हटाने की ट्रंप की शक्ति बढ़ाई, फेडरल रिज़र्व पर रोक बरकरार·मेक्सिको और अमेरिका में वन्यजीव हमलों का सिलसिला: मगरमच्छ, मगर और बाइसन से मौतें व घायल·दक्षिण सीरिया में इज़रायली घुसपैठ: आबिदीन गांव में नागरिक प्रतिरोध के बाद सेना की वापसी·व्हाट्सएप ने यूज़रनेम सुविधा की घोषणा की, अब बिना नंबर साझा किए चैट संभव·डेनमार्क के तट पर पुतिन की सुपरयॉट ग्रेसफुल का काफिला: रूसी युद्धपोतों के साथ इस्तांबुल की ओर रवाना·गूगल ने मेटा की जेमिनाई पहुंच सीमित की: एआई कंप्यूट संकट का ठोस संकेत·वोक्सवैगन में एक लाख नौकरियों पर संकट, जर्मन उद्योग की गहरी चुनौतियों का संकेत·पूर्व एनबीए खिलाड़ी मलिक बीस्ली और एड डेविस पर सट्टेबाजी योजना में संघीय अभियोग·अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र एजेंसियों से अधिकारी हटाने की ट्रंप की शक्ति बढ़ाई, फेडरल रिज़र्व पर रोक बरकरार·मेक्सिको और अमेरिका में वन्यजीव हमलों का सिलसिला: मगरमच्छ, मगर और बाइसन से मौतें व घायल·
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हॉर्मुज तनाव: अमेरिकी हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई से युद्धविराम खतरे में

समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हमलों के आरोपों के बीच अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए; ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी सैन्य स्थलों को निशाना बनाया।

अमेरिकी वायुसेना ने शनिवार रात ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों तथा तटीय रडार प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए आरोप लगाया कि ईरान ने युद्धविराम समझौते का बार-बार उल्लंघन किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई तो अमेरिका ‘सैन्य रूप से अभियान पूरा करने’ को मजबूर होगा और ऐसी स्थिति में ‘ईरान का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।’ इसके कुछ घंटों बाद ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य स्थलों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले का दावा किया। कुवैती रक्षा प्रणाली ने इन प्रक्षेपास्त्रों को रोकने की पुष्टि की, जबकि बहरीन के गृह मंत्रालय ने हवाई हमले की चेतावनी के सायरन बजने और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये ताज़ा हमले ईरानी ड्रोन द्वारा पनामा-ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एम/टी कीको’ पर हमले के जवाब में किए गए, जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य के निकट 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जा रहा था।\n\nदोनों पक्ष एक-दूसरे पर दो सप्ताह पहले हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान को समझौते का सम्मान करने का अवसर दिया गया था, लेकिन तेहरान ने लगातार व्यापारिक जहाजों पर हमले जारी रखे। CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की सैन्य निगरानी अवसंरचना, संचार प्रणालियों, वायु रक्षा स्थलों, ड्रोन भंडारों और समुद्री खनन क्षमताओं को लक्षित किया। वहीं, IRGC ने अपने हमले को अमेरिकी ‘आक्रमण’ का सीधा जवाब बताया और चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयाँ ‘राजनयिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह रोक सकती हैं।’ नौसेना कमांडरों ने धमकी दी कि क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को ‘आने वाले दिनों में नर्क का अनुभव होगा।’ फ़ॉक्स न्यूज़ और रॉयटर्स की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने या बड़े पैमाने पर क्षति की पुष्टि नहीं की, हालाँकि स्थिति तेज़ी से बदल रही थी।\n\nइस गतिरोध के केंद्र में हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का सवाल है। रॉयटर्स के हवाले से बताया गया कि ईरान उत्तरी मार्ग पर नियंत्रण स्थापित कर जहाज़ों से शुल्क वसूलना चाहता है, जबकि अमेरिका ओमानी तट के पास दक्षिणी मार्ग के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। यह जलमार्ग, जहाँ से विश्व का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तरल प्राकृतिक गैस और तेल गुज़रता था, युद्ध के कारण महीनों बाधित रहने के बाद हाल ही में फिर से खोला गया था। एक बार फिर हुए इन हमलों से वैश्विक तेल कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, जो युद्ध-पूर्व स्तर के करीब आ गई थीं।\n\nयह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान और क़तर सहित क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता से हुए इस नाज़ुक युद्धविराम को बमुश्किल दो सप्ताह हुए हैं। साथ ही, लेबनान में इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष भी पृष्ठभूमि में जारी है—इज़रायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में रॉकेट लॉन्चर नष्ट करने और हिज़्बुल्लाह सदस्यों को मारने की पुष्टि की, जिसका हिज़्बुल्लाह ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। ईरान ने अमेरिका पर लेबनान में युद्धविराम बनाए रखने की प्रतिबद्धता का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया है। बहरीन ने इन हमलों पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। फ़िलहाल, राजनयिक प्रक्रिया अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर चुकी है और अगले कुछ दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या युद्धविराम बच सकता है या टकराव एक व्यापक सैन्य संघर्ष में बदलेगा।

स्रोतों में मतभेद

रक्षा एवं सुरक्षा · 7 स्रोत · 2 भाषाएँ

49%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र43%
निंदक57%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसअटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
चेतावनीआक्रोश

Arab media from the Levant and Maghreb report Trump's warning that Iran will 'cease to exist' if the US decides to escalate, attributing the unraveling ceasefire to Iranian violations. The tone is alarmist, highlighting the danger of a full-scale war, while portraying the US as the aggressor threatening destruction.

अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ सुरक्षा
उदासीनताव्यावहारिकता

Atlantic and Anglosphere outlets (e.g., Reuters) provide a detached, factual account of mutual attacks, presenting both sides as responsible for the ceasefire collapse. They emphasize the fragility of the agreement and the tit-for-tat pattern, without taking sides.

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