
ईरान-अमेरिका वार्ता से तेहरान बाजारों में गिरावट, सोना और डॉलर दबाव में
स्विट्जरलैंड में सीधी बातचीत की शुरुआत के बाद ईरान में डॉलर 157 हजार तोमान तक लुढ़का, सोना 16 लाख के नीचे; मिस्र और भारत में भी सोना कमजोर।
सोमवार को तेहरान के बाजारों में सोने, सिक्के और विदेशी मुद्रा की कीमतों में एक साथ गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह स्विट्जरलैंड में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच शुरू हुई सीधी बातचीत है, जिससे तनाव घटने की उम्मीद बढ़ी है। मुक्त बाजार में अमेरिकी डॉलर 2,000-3,000 तोमान की गिरावट के साथ 157,000-159,000 तोमान के दायरे में आ गया, जबकि यूरो भी करीब 3,000 तोमान टूटकर 181,000 तोमान पर पहुंच गया। सोने के भाव पर दोहरी मार पड़ी—एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से जारी दबाव, तो दूसरी ओर घरेलू मुद्रा की मजबूती। हर ग्राम 18 कैरेट सोना 15,830,000-15,998,000 तोमान के बीच बंद हुआ, जो पिछले सत्र से लगभग 1-2 प्रतिशत नीचे है। सिक्कों में भी गिरावट रही; इमामी सिक्का 162.5 मिलियन तोमान पर आ गया।
वैश्विक स्तर पर सोने की चमक फीकी पड़ने के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व का कड़ा रुख और डॉलर का मजबूत होना है। फेड ने ब्याज दरें स्थिर रखी हैं, पर उसके 19 में से 9 नीति-निर्माता इस वर्ष दरों में बढ़ोतरी की संभावना देख रहे हैं। इससे अमेरिकी डॉलर सूचकांक एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। हाजिर सोना तीसरे सप्ताह गिरकर 4,119 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक गया और शुक्रवार को 4,169 डॉलर पर बंद हुआ। विश्लेषकों का कहना है कि बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति होने के कारण ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद सोने की मांग को घटा रही है। साथ ही, लेबनान में इजरायल-हिजबुल्लाह युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजरानी धीरे-धीरे बहाल होने से सुरक्षित-निवेश की मांग और कम हो गई है।
क्षेत्रीय बाजारों में भी यही रुझान दिखा। मिस्र में भू-राजनीतिक तनाव घटने और विदेशी पूंजी प्रवाह लौटने से डॉलर 50 मिस्री पाउंड के नीचे आ गया। 21 कैरेट सोना 6,000 पाउंड (लगभग 120 डॉलर) के स्तर को तोड़ते हुए कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, भारत में MCX सोना जून में अब तक 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है और 1,47,239 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इंडोनेशिया के बाजार विशेषज्ञों ने अगले सप्ताह लॉगम मूलिया (गोल्ड बार) के लिए 2.55-2.79 मिलियन रुपिया प्रति ग्राम का अनुमान लगाया है, जो डॉलर की चाल पर निर्भर करेगा। सभी जगह निवेशक आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों—खासकर PCE मुद्रास्फीति, जीडीपी और उपभोक्ता भावना—पर नजर गड़ाए हुए हैं, क्योंकि इन्हीं से फेड की आगे की नीति का संकेत मिलेगा।
ईरान-अमेरिका वार्ता अभी प्रारंभिक चरण में है और किसी ठोस समझौते की घोषणा नहीं हुई है। बाजार ने फिलहाल तनाव घटने की कीमत लगा ली है, लेकिन अगर बातचीत बेनतीजा रही तो डॉलर और सोने में उलट तेजी आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेहरान में सोना पूरी तरह डॉलर की चाल का अनुसरण कर रहा है और जब तक राजनीतिक स्पष्टता नहीं आती, उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगला अहम पड़ाव 22 जून से शुरू हो रहा सप्ताह होगा, जब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वार्ता के संकेतों पर बाजार की दिशा तय होगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ
The Iranian press reports that direct talks between Iran and the US in Switzerland have cooled currency and gold markets, leading to drops in the dollar and gold. There is cautious optimism about diplomatic progress, but some articles note volatility and mixed movements, suggesting underlying uncertainty.
The Gulf Arab press, especially Egyptian outlets, highlights the calming effect of geopolitical easing on local markets, with both the dollar and gold declining. The focus is on the return of foreign currency inflows and improved investor appetite for local debt. Market stability is directly linked to the Iran-US talks and regional de-escalation.
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