
ईरान में कार कीमतों में एक दिन में भारी गिरावट, अर्जेंटीना में ऋण बाज़ार सुस्त
ईरानी बाज़ार में डेना और तारा जैसे मॉडल 50-60 मिलियन टोमन टूटे; अर्जेंटीना में कार ऋण मई में 30% गिरे; अध्ययन बताते हैं रंग और रखरखाव पुनर्विक्रय मूल्य तय करते हैं।
ईरान के घरेलू ऑटो बाज़ार में 21 जून, 2026 को अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इरान ख़ुदरो और साइपा जैसी कंपनियों के लोकप्रिय मॉडलों के दाम एक ही दिन में करोड़ों टोमन लुढ़क गए। डेना प्लस ऑटोमैटिक 50 मिलियन टोमन, पीगो 207 ऑटोमैटिक पैनोरमा 60 मिलियन टोमन और तारा V4 50 मिलियन टोमन सस्ते हुए। हैरानी की बात यह है कि यह गिरावट उसी दिन हुई जब इरान ख़ुदरो ने अपनी 13वीं प्राथमिकता-आधारित बिक्री योजना के तहत 62,000 कारों के लिए 17 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त किए। इस लॉटरी प्रणाली में पीगो 207, तारा, डेना प्लस और राना प्लस जैसे मॉडल शामिल थे, जिनकी बाज़ार में भारी माँग है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में विनिमय दर में आई स्थिरता, बढ़ी हुई आपूर्ति और मौसमी मंदी ने कीमतों में इस सुधार को बढ़ावा दिया।
दक्षिण अमेरिका, ख़ासकर अर्जेंटीना में, हालात अलग हैं। मई 2026 में वाहन ख़रीद के लिए गिरवी ऋण (प्रेंडा) पिछले वर्ष के समान महीने की तुलना में 30% घटकर 27,053 रह गए, जिनमें 18,858 नई कारों पर थे। यह गिरावट न केवल मासिक बल्कि सालाना आधार पर भी लगातार बनी हुई है—2026 के पहले पाँच महीनों में नई कारों की बिक्री 9.7% घटी है। आर्थिक विश्लेषक डारियो रुबिन्सटाइन बताते हैं कि पेट्रोल, बीमा, पार्किंग और कर जैसी परिचालन लागत इतनी बढ़ गई है कि एक औसत परिवार के लिए कार रखना मुश्किल हो गया है। इसके विपरीत, पुरानी कारों का बाज़ार अपेक्षाकृत सक्रिय है, जहाँ हैचबैक की माँग 48% बनी हुई है। 2025 की दूसरी छमाही में पिज़ो 208, टोयोटा एटियोस और फ़िएट क्रोनोस सबसे अधिक बिकने वाले मॉडल रहे।
एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने कार के पुनर्विक्रय मूल्य पर रंग के प्रभाव को उजागर किया है। iSeeCars द्वारा 2022 मॉडल की 12 लाख से अधिक कारों पर किए गए विश्लेषण के अनुसार, पीले रंग की कारें तीन साल में केवल 24% मूल्य खोती हैं, जबकि नारंगी 24.4%, हरा 26.3% और बेज 29.5% मूल्यह्रास दिखाते हैं। इन रंगों की सीमित आपूर्ति लेकिन स्थिर माँग इन्हें दूसरे बाज़ार में अधिक मूल्य दिलाती है। दूसरी ओर, सफ़ेद और काली जैसे आम रंग 32% से अधिक मूल्य गिरावट झेलते हैं।
इंडोनेशिया में रखरखाव पर ध्यान केंद्रित है। वहाँ एलसीजीसी श्रेणी की कारों के ट्यून-अप पर 3-6 लाख रुपिया (लगभग 1,500-3,000 रुपए) का ख़र्च आता है, जबकि एसयूवी के लिए यह 30-50 लाख रुपिया तक हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि नियमित ट्यून-अप से इंजन का प्रदर्शन बेहतर होता है और ईंधन दक्षता बढ़ती है, जो दीर्घकाल में लागत घटाने में सहायक है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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ईरान का सरकार-समर्थित मीडिया कार लॉटरी और गिरती कीमतों को मजबूत बाजार मांग के प्रति सुनियोजित प्रतिक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है। आधिकारिक प्राथमिकता समारोह को पारदर्शी आवंटन विधि के रूप में चित्रित किया जाता है, जबकि मूल्य सुधारों का कारण मुद्रा स्थिरता और मौसमी प्रवृत्तियों को बताया जाता है, जो सामान्यीकरण पर जोर देता है।
अर्जेंटीना का मीडिया एक ऋण-संकटग्रस्त ऑटो बाजार की तस्वीर पेश करता है, जिसमें किस्तों पर बिक्री गिर रही है और खरीदार बड़ी संख्या में पुराने वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। कहानियाँ रंग के आधार पर मूल्यह्रास को उजागर करती हैं और लोकप्रिय प्रयुक्त मॉडलों की सूची देती हैं, जो आर्थिक दबाव और सतर्क उपभोक्ता व्यवहार को दर्शाती हैं।
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