
मैक्रों की दमिश्क यात्रा: असद के बाद सीरिया में पहली पश्चिमी शक्ति की मौजूदगी और आर्थिक एजेंडा
सीरिया ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की प्रत्याशित यात्रा की घोषणा की है, जो 2024 में असद के पतन के बाद किसी पश्चिमी शक्ति के प्रमुख की पहली यात्रा होगी और द्विपक्षीय संबंधों व आर्थिक सहयोग को मज़बूत करने पर केंद्रित होगी।
सीरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जल्द ही दमिश्क का दौरा करेंगे, हालाँकि कोई तारीख घोषित नहीं की गई। यह 2009 के बाद किसी फ्रांसीसी नेता की पहली सीरिया यात्रा होगी। सरकारी समाचार एजेंसी साना के अनुसार, मैक्रों के साथ फ्रांसीसी निवेशकों और कंपनियों का एक प्रतिनिधिमंडल आएगा, और बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम शामिल होंगे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय ने अभी तक इस यात्रा की पुष्टि नहीं की है, पर सीरिया में इसी सप्ताह गठित नवीन संसद का पहला सत्र कथित तौर पर इसी यात्रा के कारण स्थगित कर दिया गया, जो तैयारियों के उच्च स्तर का संकेत है।
फ्रांसीसी कूटनीतिक हलकों के अनुसार, मैक्रों ने राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ के प्रति लगभग सशर्त-रहित समर्थन की नीति अपनाई है, जिसकी एक कड़ी के रूप में उन्होंने मई 2025 में अल-शरआ को पेरिस में आमंत्रित किया था। पूर्व फ्रांसीसी राजदूत मिशेल दुक्लो का मानना है कि इस समर्थन के बावजूद दमिश्क में फ्रांस का प्रभाव सीमित है, क्योंकि नए शासन को मुख्यतः तुर्की, अमेरिका और खाड़ी देशों का विस्तार माना जाता है। यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला फ़ॉन डेर लाएन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की पहले ही दमिश्क की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन मैक्रों पहले यूरोपीय संघ सदस्य देश के प्रमुख होंगे जो सीरिया की नई राजधानी में कदम रखेंगे।
आर्थिक पहलू इस यात्रा के केंद्र में है। सीरिया की बैंकिंग व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है, जो खाड़ी और पश्चिमी निवेश के लिए एक बड़ी बाधा है — यह मुद्दा वार्ता में उठने की संभावना है। सुरक्षा की दृष्टि से, हाल ही में दमिश्क के एक कैफ़े में बम विस्फोट में 10 लोग मारे गए, जो नई सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों को दर्शाता है। अल-शरआ प्रशासन ने कुछ धार्मिक उपायों को वापस लेकर लचीलापन दिखाया है, जिसे कुछ हलकों में “उत्साहजनक” माना जा रहा है, किंतु द्रूज़ बहुल स्वेइदा प्रांत अब भी सरकारी नियंत्रण से बाहर है और वहाँ चुनाव नहीं हो सके हैं।
दुक्लो के विश्लेषण के अनुसार, यह यात्रा सीरिया के नए शासन को पश्चिम से जोड़ने में सहायक होगी, यद्यपि लोकतांत्रिक परिवर्तन की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। लेबनान की सीमा के सीमांकन और हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण जैसे प्रस्तावों पर चर्चा संभव है, पर अमेरिकी और क्षेत्रीय रुख अलग-अलग हैं — मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बता दिया है कि सीरिया द्वारा हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण संभव नहीं। अगला ठोस कदम यह है कि सुरक्षा कारणों से यात्रा की तारीख गुप्त रखी गई है, किंतु संसद का सत्र स्थगित होने से इसके शीघ्र ही होने के संकेत मिलते हैं।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने के बीच ओपेक+ ने अगस्त के लिए तेल उत्पादन बढ़ाया
8 भाषाएँ · 28 स्रोत
Technology सेएआई प्रयोग विफल: फोर्ड, आईबीएम समेत कई कंपनियाँ निकाले गए कर्मचारियों को वापस बुला रही हैं
8 भाषाएँ · 24 स्रोत
Science & Health सेहफ्ते में दो बार कसरत, दिल के दौरे का खतरा आधा: रोज़मर्रा की आदतें कैसे बदल सकती हैं सेहत
5 भाषाएँ · 11 स्रोत