
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का क्षेत्रीय पलटवार, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा
दक्षिणी ईरान में पुलों और बिजली ढांचे पर अमेरिकी हमलों में 38 से अधिक लोगों की मौत के बाद ईरान ने सीरिया, कुवैत, बहरीन और ओमान में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों का दावा किया और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल-गैस निर्यात रोकने की चेतावनी दी।
अमेरिका ने बृहस्पतिवार रात ईरान के दक्षिणी प्रांतों हुर्मोजगान, बुशहर और सिस्तान-बलूचिस्तान में कई पुलों, रेलवे जंक्शनों, बिजली संयंत्रों और पारेषण लाइनों को निशाना बनाया। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में कम से कम 38 लोग मारे गए और 400 से अधिक घायल हुए। अमेरिकी अधिकारियों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ये हमले कई पुलों पर केंद्रित थे, जबकि अमेरिकी केंद्रीय कमान ने ‘दर्जनों ईरानी सैन्य ठिकानों’ को निशाना बनाने की बात कही।
ईरान की ओर से तत्काल जवाबी कार्रवाई की गई। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने सीरिया के अल-तन्फ इलाके में अमेरिकी विशेष अभियान कमान केंद्र पर ‘अचानक हमला’ कर एक रडार प्रणाली और कई विशेष हेलीकॉप्टर नष्ट कर दिए तथा बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को मार गिराया। आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसने कुवैत में एक अमेरिकी बेस पर रडार, हथियार डिपो और हिमार्स रॉकेट लांचरों को तबाह किया, और ओमान के सलामा चट्टानों तथा ग़नम क्षेत्र में स्थित अमेरिकी समुद्री व वायु निगरानी रडारों को ध्वस्त कर दिया। ईरानी सेना ने बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमलों की बात कही। वहीं, सीरिया के एक सैन्य सूत्र ने अल-तन्फ पर हमले की बात से इनकार किया; गौरतलब है कि अमेरिका फरवरी 2026 में ही इस बेस से हट चुका था और इसे सीरियाई अधिकारियों को सौंप दिया था।
इन घटनाक्रमों का सबसे गंभीर आर्थिक पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा है। आईआरजीसी ने कहा कि ‘जब तक अमेरिकी शरारतें जारी रहेंगी, इस क्षेत्र से एक बूंद भी तेल या गैस निर्यात नहीं होगी’ और दावा किया कि अमेरिकी हमलों के कारण पहले ही तेल-गैस उत्पादन में भारी गिरावट आई है और होर्मुज से निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है। समुद्री यातायात निगरानी साइट मरीन ट्रैफिक के अनुसार पिछले 24 घंटों में केवल तीन जहाज ही जलडमरूमध्य को पार कर सके। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले सप्ताहों में प्रवाह में सुधार नहीं हुआ तो वैश्विक तेल और गैस बाजारों के लिए गंभीर चिंता पैदा हो जाएगी। भारत जैसे दक्षिण एशियाई देशों के लिए, जो अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आयात करते हैं, आपूर्ति में किसी भी लंबे व्यवधान के दूरगामी आर्थिक परिणाम हो सकते हैं।
यह सैन्य टकराव एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में हो रहा है। कुवैत के विद्युत मंत्रालय ने बताया कि ईरानी हमले से एक बिजली-जल संयंत्र क्षतिग्रस्त हुआ और आग लग गई। कतर और बहरीन ने भी अपने यहां हवाई हमलों की पुष्टि की। इस बीच, इज़रायली सेना ने दक्षिणी लेबनान और गाजा पट्टी में हवाई हमले किए, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। रूसी राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र में नाटो की परमाणु साझेदारी नीति को लेकर चेतावनी दी कि इससे परमाणु शक्तियों के बीच सीधे टकराव का खतरा पैदा हो सकता है।
फिलहाल, अमेरिकी पक्ष ने ईरानी जवाबी हमलों के दावों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। आईआरजीसी ने कहा है कि ‘जवाबी कार्रवाई दृढ़ता से जारी रहेगी’ और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना हुआ है। वैश्विक तेल कीमतों में तेजी देखी जा रही है, और अगले कुछ दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या राजनयिक माध्यमों से इस गतिरोध को तोड़ने का कोई प्रयास होता है या संघर्ष और गहराता है।
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.30 | critical |
|---|---|---|
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | +1.00 | aligned |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
| अरब खाड़ी प्रेस | −0.10 | neutral |
ईरान अमेरिकी हमलों का सामना करता है और दृढ़ता से जवाब देता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण ईरानी नौसेना बलों के हाथों में है।
कथा अमेरिकी हमलों को अन्यायपूर्ण और ईरानी प्रतिक्रियाओं को वैध आत्मरक्षा के रूप में प्रस्तुत करती है, पिछले उकसावों के संदर्भ को छोड़कर।
यह उल्लेख नहीं करता कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने फरवरी में अल-तनफ बेस से पहले ही सैनिकों को वापस ले लिया था, जो ईरानी हमले की आवश्यकता पर संदेह पैदा करता है।
ईरान ने ईरानशहर के शहीदों का बदला लेते हुए अमेरिकी हितों पर कड़ा प्रहार किया। होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण एक जीत का पत्ता है।
यह कार्रवाई को न्यायपूर्ण प्रतिशोध के रूप में वैध बनाने के लिए महाकाव्य और धार्मिक भाषा (इमाम हुसैन के संदर्भ) का उपयोग करता है, और संचालन को भारी सफलता के रूप में प्रस्तुत करता है।
यह इस तथ्य को छोड़ देता है कि अल-तनफ बेस को पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा खाली कर दिया गया था, और विनाश का कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रदान नहीं करता है।
ईरानी दावे अप्रमाणित हैं; बेस पहले ही अमेरिकियों द्वारा छोड़ दिया गया था। हमला एक प्रचार चाल हो सकता है।
यह ईरानी दावे की विश्वसनीयता को कम करने के लिए स्वतंत्र सत्यापन की कमी और अमेरिकी वापसी के संदर्भ पर जोर देता है।
यह ईरानी बयानों की रिपोर्ट नहीं करता है कि ईरानशहर के पीड़ितों ने हमले को प्रेरित किया, न ही पिछले अमेरिकी हमलों के आरोप।
अमेरिकी वापसी को देखते हुए ईरानी दावे संदिग्ध प्रतीत होते हैं। अरब खाड़ी क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालने वाली वृद्धि के डर से सावधानी से देखता है।
यह ईरानी कार्रवाई के पैमाने को कम करने के लिए अमेरिकी वापसी और पुष्टि की कमी पर जोर देता है, और संघर्ष से बचने में खाड़ी की रुचि को उजागर करता है।
यह ईरानशहर के पीड़ितों से संबंधित ईरानी प्रेरणाओं का उल्लेख नहीं करता है, न ही पिछले तनावों का।
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