
विश्व कप उपविजेता अर्जेंटीना की वापसी: मेसी के बिना, भीगी पलकों और खुले दिलों से स्वागत
स्पेन से फाइनल हार के बाद अर्जेंटीना की टीम ब्यूनस आयर्स पहुँची, जहाँ हजारों प्रशंसकों ने बारिश में भीगते हुए खिलाड़ियों का अभिनंदन किया, लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी और कई सितारे इस ऐतिहासिक वापसी का हिस्सा नहीं बने।
अर्जेंटीना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम सोमवार शाम एज़ेइज़ा हवाई अड्डे पर उतरी, लेकिन 2026 विश्व कप के फाइनल में स्पेन से 1-0 की हार का दर्द साफ झलक रहा था। मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेरान टोरेस के गोल ने अर्जेंटीना के लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने के सपने को तोड़ दिया—ऐसा कारनामा आखिरी बार 1962 में ब्राजील ने किया था। पूरे 120 मिनट में अर्जेंटीना एक भी शॉट गोल की ओर नहीं लगा सका, जो टीम के लिए एक दुर्लभ आक्रामक विफलता रही।
वापसी की यात्रा बिखरी हुई रही। न्यूयॉर्क से चार्टर्ड उड़ान में 16 खिलाड़ी और कोच लियोनेल स्कालोनी सहित स्टाफ सवार थे, जबकि कप्तान मेसी और रोड्रिगो डी पॉल सीधे मियामी चले गए। एंज़ो फर्नांडीज़, लाउटारो मार्टिनेज़, जूलियन अल्वारेज़ समेत आठ अन्य खिलाड़ी यूरोप रवाना हो गए। एज़ेइज़ा में ग्रानादेरोस बैंड ने ‘मुचाचोस’ धुन बजाई, रनवे पर 150 मीटर लंबा ‘ग्रासियास’ लिखा गया और लाल कालीन बिछाया गया। बारिश और ठंड के बावजूद हजारों प्रशंसक हवाई अड्डे से एएफए कॉम्प्लेक्स तक सड़कों पर जमा रहे, और खिलाड़ियों ने खुली छत वाली बस से हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
अर्जेंटीना के मीडिया ने इस स्वागत को भावुक बताया—प्रशंसकों ने ‘डेल कैम्पेओन’ के नारे लगाए और खिलाड़ियों ने बस की ऊपरी मंजिल पर चढ़कर सलामी दी। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने 2022 की विजयी परेड से तुलना की, जब 40-50 लाख लोग सड़कों पर उमड़े थे। इस बार सरकार ने सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की थी, लेकिन खिलाड़ियों के अनुरोध पर उसे रद्द कर दिया गया—जश्न का कोई माहौल नहीं था। फाइनल के बाद ब्यूनस आयर्स के ओबिलिस्क पर हजारों लोग जमा हुए, आतिशबाजी की, लेकिन देर रात पुलिस से झड़पों में 15 लोग हिरासत में लिए गए।
कोच स्कालोनी का भविष्य अनिश्चित है। मैच के बाद आँसू भरी आँखों से उन्होंने कहा कि वे दिसंबर तक अनुबंध पूरा करेंगे, फिर फैसला लेंगे। यह अनिश्चितता टीम के लिए एक नए अध्याय का संकेत है। अगली ठोस खेल परिणाम की ओर देखें तो अर्जेंटीना को अब 2030 विश्व कप के लिए दक्षिण अमेरिकी क्वालीफायर्स की तैयारी करनी है, जहाँ टीम को बिना किसी स्थायी कोच के पुनर्निर्माण की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | +1.00 | aligned |
|---|---|---|
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | 0.00 | neutral |
| उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस | 0.00 | neutral |
We Argentines welcome our heroes with love and gratitude, despite the defeat. The team gave their all and the people recognize that.
The narrative emphasizes the emotional aspect and popular participation, turning a defeat into a moral victory through the story of the fans' unconditional love.
It omits the fact that there was no official ceremony and that many key players, including Messi, did not return with the team, elements that would have tempered the celebratory tone.
Argentina's return was low-key, without ceremonies, and many players did not even come back. This is a normal event after a defeat.
The narrative focuses on logistical aspects and the absence of celebrations, normalizing the defeat and reducing the emotional impact of the event.
It omits the massive fan turnout at the airport and the open-top bus parade, which would have contradicted the low-key tone of the report.
The team returned, but without the captain and without festivities. Fans were present, but the atmosphere was subdued.
The report balances the presence of fans with the absence of official celebrations, maintaining a neutral and factual tone.
It omits the detail of the open-top bus parade and the Granaderos band performance, which would have added an emotional element.
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