
नेल्सन मंडेला की वो हँसी और अब अल्जाइमर: डैनी ग्लोवर की ज़िंदगी की नई तस्वीर
हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता डैनी ग्लोवर ने अल्जाइमर की बीमारी का खुलासा करते हुए बताया कि कैसे वे यादों के धुँधलाने के बावजूद जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं।
एक गर्म दोपहर, दक्षिण अफ़्रीका की सड़क पर नेल्सन मंडेला जेल से छूटने के बाद चल रहे थे, उनके साथ थे डैनी ग्लोवर। तभी विनी मंडेला पास आईं और मंडेला ने मुस्कुराते हुए कहा, “विनी, ये रहे तुम्हारे दूसरे पति।” ग्लोवर ने हाल ही में एक पत्रिका को बताया कि वह पल कितना मज़ेदार था—एक ऐसी स्मृति जो दशकों बाद भी बिल्कुल ताज़ा है। लेकिन आज, 79 वर्ष की उम्र में, वही मस्तिष्क कई दूसरी यादों को धीरे-धीरे खोता जा रहा है।
ग्लोवर ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे अल्जाइमर से जूझ रहे हैं। एनबीसी के ‘टुडे’ शो और ‘पीपल’ पत्रिका को दिए साक्षात्कारों में उन्होंने बताया कि यह बीमारी 2023 में पकड़ में आई, हालाँकि उनकी बेटी मैंडिसा को 2022 से ही पिता के व्यवहार में बदलाव नज़र आने लगे थे—परिवार की वे कहानियाँ जो हर बार एक जैसी सुनाई जाती थीं, अचानक उनमें विवरण गायब होने लगे। अभिनेता ने कहा, “एक तरह से मैं इसके साथ जी सकता हूँ,” लेकिन यह भी माना कि जैसे-जैसे बीमारी बढ़ेगी, चीज़ें बदलेंगी। उनकी चाल, बोली और स्मरणशक्ति पर असर पहले ही दिखने लगा है।
यह वही ग्लोवर हैं जिन्होंने ‘लीथल वेपन’ सीरीज़ में रोजर मरटॉफ का किरदार निभाकर दुनिया भर के दर्शकों के दिलों में जगह बनाई, और स्टीवन स्पीलबर्ग की ‘द कलर पर्पल’ में अपनी भूमिका से आलोचकों को प्रभावित किया। चार दशकों के करियर में 170 से अधिक फ़िल्मों और टीवी शो में नज़र आए इस कलाकार को 2022 में एकेडमी ने जीन हर्शोल्ट मानवतावादी पुरस्कार से सम्मानित किया—यह सम्मान उनके सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता के लंबे सफ़र का प्रतीक था। यूनिसेफ के सद्भावना राजदूत के रूप में उन्होंने बच्चों के अधिकारों की वकालत की, और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के लिए अफ़्रीका, लैटिन अमेरिका व कैरिबियाई क्षेत्रों में गरीबी और बीमारी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई।
यह ख़बर जब दुनिया भर में फैली—अमेरिकी, यूरोपीय, लैटिन अमेरिकी और एशियाई मीडिया में—तो हर जगह एक जैसी प्रतिक्रिया देखने को मिली: प्रशंसकों और सहकर्मियों ने ग्लोवर के साहस को सलाम किया। परिवार ने जानबूझकर यह समय चुना ताकि अभिनेता अपनी कहानी ख़ुद कह सकें, जबकि उनकी आवाज़ में अभी भी स्पष्टता बाकी है। बेटी मैंडिसा ने कहा, “कभी-कभी वे पूरी तरह सचेत रहते हैं और कभी नहीं।” अल्जाइमर एसोसिएशन के अनुसार यह बीमारी याददाश्त और संज्ञान को वर्षों में धीरे-धीरे खत्म करती है, और इसका कोई इलाज नहीं है, फिर भी ग्लोवर ने हार नहीं मानी।
सुबह के वक्त, जब उनका दिमाग सबसे साफ़ रहता है, ग्लोवर कुछ पढ़ते हैं, ‘डेमोक्रेसी नाउ!’ जैसे कार्यक्रम देखते हैं, और नई रुचियाँ तलाशते हैं। “मुझे नहीं लगता कि यह मेरी ज़िंदगी का अंत है। अभी भी काम करना बाकी है,” उन्होंने कहा। और फिर वह पुरानी स्मृतियों की ओर लौटते हैं—मंडेला की हँसी, फ़िल्मी पर्दे पर कहे गए संवाद, और वे पल जिन्हें वे “कभी नहीं भूलूँगा।” यही वे धागे हैं जो एक धुँधलाती हुई स्मृति-पटल पर अब भी चमक रहे हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 6 भाषाएँ
डैनी ग्लोवर ने खुलासा किया है कि वे कई वर्षों से अल्जाइमर के साथ जी रहे हैं। एक टेलीविज़न साक्षात्कार में उन्होंने निदान के बारे में शांति से बात की और कहा कि बीमारी बदलाव लाएगी, लेकिन फिलहाल वे परिवार के सहयोग से इसे संभाल सकते हैं। रिपोर्ट बिना सनसनी के व्यक्तिगत कहानी पर केंद्रित है।
डैनी ग्लोवर मानते हैं कि उन्होंने अपने अल्जाइमर निदान को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन वे जोर देते हैं कि उनका जीवन समाप्त नहीं हुआ है। वे स्पष्टता और स्मृति के क्षणों का वर्णन करते हैं जो उनकी याद रखने की क्षमता की पुष्टि करते हैं, और इस बात पर जोर देते हैं कि वे इस स्थिति को लाखों अन्य लोगों के साथ साझा करते हैं। कहानी उनकी लचीलापन और चल रही सक्रियता को बीमारी के प्रतिकार के रूप में प्रस्तुत करती है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
कतर से उपहार में मिले 400 मिलियन डॉलर के विमान से ट्रंप की पहली उड़ान, नैतिकता पर बहस तेज
10 भाषाएँ · 24 स्रोत
Economy & Markets सेअमेरिका ने T-MEC का दीर्घकालिक नवीनीकरण अस्वीकार किया, वार्षिक समीक्षा का रास्ता खुला
5 भाषाएँ · 24 स्रोत
Technology सेव्हाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर भारत सरकार की रोक, तीन दिन में मांगा जवाब
5 भाषाएँ · 18 स्रोत