
वेनेजुएला में भूकंप के छह दिन बाद तीन साल का बच्चा मलबे से जीवित निकाला गया
जॉर्डन की बचाव टीम ने ला गुआइरा में एक इमारत के मलबे से क्लीबर मोरान को सुरक्षित बाहर निकाला, मृतक संख्या 1,943 पहुंची।
वेनेजुएला के ला गुआइरा राज्य में जॉर्डन के बचावकर्मियों ने मंगलवार तड़के एक तीन वर्षीय बच्चे को छह दिन पुराने मलबे से जीवित निकाल लिया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, क्लीबर मोरान नाम का यह बच्चा लॉस कोरालेस गार्डन 1 इमारत के ढहने के बाद से मलबे में दबा हुआ था। जॉर्डन की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि बच्चे को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी महत्वपूर्ण शारीरिक स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस बचाव को आशा का क्षण बताया, जबकि नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बच्चे की उम्र दो वर्ष बताई है—स्रोतों में इस बात को लेकर मतभेद है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 24 जून को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों में अब तक 1,943 लोगों की मौत हो चुकी है और 10,571 से अधिक घायल हैं। नासा के उपग्रह आंकड़ों के प्रारंभिक आकलन के हवाले से बताया गया है कि लगभग 58,870 इमारतें क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हो सकती हैं।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने चेतावनी दी है कि ला गुआइरा में भोजन की भारी कमी है, बुनियादी सेवाएं ठप हैं और संचार नेटवर्क काफी हद तक कट चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक दबाव में हैं और कम टीकाकरण दर के कारण खसरा व डिप्थीरिया जैसी रोकथाम योग्य बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय सहायता के तहत यूनिसेफ की 47 टन मानवीय आपूर्ति मंगलवार को वेनेजुएला पहुंची, जिसमें आपातकालीन स्वास्थ्य किट, सुरक्षित प्रसव और नवजात देखभाल की सामग्री शामिल है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि भूकंप के बाद मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की संभावना पहले 72 घंटों में सबसे अधिक होती है, इसलिए छह दिन बाद हुआ यह बचाव दुर्लभ अपवाद माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, ला गुआइरा में अब तक कुल 6,461 लोगों को जीवित निकाला जा चुका है, लेकिन हाल के दिनों में बचावों की संख्या तेजी से घटी है। 27 देशों के 3,300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बचावकर्मी खोज अभियान में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या अस्थायी है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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तीन साल के बच्चे को छह दिन बाद मलबे से जीवित निकालना एक चमत्कारिक अपवाद है जो त्रासदी के बीच उम्मीद जगाता है। जॉर्डन की बचाव टीम ने 72 घंटे की जीवित रहने की सीमा को पार कर अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का महत्व दर्शाया। कहानी बच्चे के बचने और देश पर भावनात्मक प्रभाव पर केंद्रित है।
दोहरे भूकंप के छह दिन बाद ला गुआइरा में एक ढही हुई इमारत के मलबे से तीन साल के बच्चे को जीवित निकाला गया। मरने वालों की संख्या 1,943 हो गई है, और इस बचाव को सामान्य जीवित रहने की अवधि का एक दुर्लभ अपवाद माना जा रहा है। रिपोर्ट तथ्यात्मक लहजा बनाए रखती है, आधिकारिक सूत्रों और जॉर्डन की बचाव टीम का हवाला देती है।
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