
तीन साल की कैद से लेकर चाकू हमलों तक: चार महाद्वीपों में घरेलू हिंसा की भयावह शृंखला
इंडोनेशिया में एक महिला तीन वर्षों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित होती रही, जबकि अर्जेंटीना, ब्राजील और स्वीडन में पूर्व साथियों द्वारा किए गए हमलों ने वैश्विक स्तर पर लैंगिक हिंसा की गंभीरता को उजागर किया।
दुनिया के कोने-कोने से पिछले कुछ दिनों में सामने आई घटनाएं बताती हैं कि निजी रिश्तों में हिंसा कितनी निर्मम और सीमाहीन हो सकती है। सबसे चौंकाने वाला मामला इंडोनेशिया के पश्चिम जावा प्रांत से प्रकाश में आया, जहां 29 वर्षीय एक महिला को एक व्यक्ति ने कथित तौर पर तीन साल तक बंधक बनाकर रखा और गंभीर रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के परिवार को वर्षों तक उसका कोई पता नहीं था, फिर अचानक एक संदेश मिला जिसके बाद वह एक अस्पताल में गंभीर चोटों के साथ मिली। यह मामला महज एक अपवाद नहीं है; ब्राजील में भी लगभग इसी दौरान दो अलग-अलग शहरों में महिलाओं को बंधक बनाकर रखने की घटनाएं दर्ज की गईं।
ब्राजील के साओ पाउलो राज्य के पिरासिकाबा में एक 23 वर्षीय महिला को उसका साथी एक कमरे में बंद करके पीटता रहा और मोबाइल इस्तेमाल नहीं करने देता था। पुलिस वहां सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार मिलने के बाद पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार करते वक्त उसने एक स्क्रूड्राइवर से अधिकारी पर हमला करने की कोशिश की। इसी राज्य के जाकारेई में एक 40 वर्षीय महिला को पराना से लाकर लगभग छह दिनों तक एक मकान में कैद रखा गया, जहां आरोपी बाहर जाते समय गेट पर ताला लगाकर चाबी साथ ले जाता था। पुलिस को ताला तोड़कर पीड़िता को बाहर निकालना पड़ा। इन मामलों में एक समानता यह है कि पीड़िताओं को बाहरी दुनिया से काटकर शारीरिक और मानसिक यातना दी गई, और कई बार बचाव का रास्ता डिजिटल माध्यमों से ही खुला।
अर्जेंटीना के सांता क्रूज प्रांत में हिंसा ने और भी खतरनाक रूप ले लिया। पिको ट्रुंकादो में एक व्यक्ति अपनी पूर्व साथी के घर में खिड़की के रास्ते घुसा और वहां सो रहे एक 21 वर्षीय युवक पर चाकू से हमला कर दिया, जो उस समय महिला के साथ था। युवक की हालत इतनी गंभीर है कि उसे आपातकालीन शल्य चिकित्सा के बाद गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है, जबकि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी प्रांत के कालेता ओलिविया में एक अन्य रहस्यमय मौत ने भी जांच एजेंसियों को हरकत में ला दिया—एक व्यक्ति काम पर नहीं पहुंचा तो सहकर्मी उसके घर गए और उसे मृत पाया, हालांकि इस मामले की कड़ी अभी साबित नहीं हुई है। ब्राजील के कांपो ग्रांदे में एक व्यक्ति ने रिश्ता खत्म होने के बाद 350 किलोमीटर का सफर तय कर अपनी पूर्व प्रेमिका और उसके नए साथी पर चाकू और बिजली के झटके वाले हथियार से हमला किया। सपुकाइया में एक 20 वर्षीय युवक नकली पिस्तौल से साथी को धमकाने और मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार हुआ। ये सभी घटनाएं दिखाती हैं कि पूर्व साथी अक्सर नियंत्रण खोने के बाद सबसे खतरनाक हो जाते हैं।
स्वीडन के ओत्विदाबेर्य में एक 18 वर्षीय युवक को एक आवासीय भवन में व्यक्ति पर कई बार चाकू से वार करने के जुर्म में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने इसे हत्या का प्रयास माना, हालांकि पीड़ित की जान बच गई। यह निर्णय इस बात का संकेत है कि कम से कम कुछ न्याय प्रणालियां ऐसे हमलों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखकर कठोर दंड दे रही हैं, लेकिन दक्षिण एशिया और लातिन अमेरिका के कई देशों में पीड़ितों को न्याय पाने में अब भी भारी बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
यह वैश्विक तस्वीर बताती है कि लैंगिक हिंसा और पूर्व साथियों द्वारा हमले अब किसी एक संस्कृति या अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं हैं। इंडोनेशिया से लेकर ब्राजील और अर्जेंटीना तक, पीड़िताओं को अक्सर तब सबसे ज्यादा खतरा होता है जब वे रिश्ता छोड़ने का प्रयास करती हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल संचार ने कुछ मामलों में मदद की गुहार को संभव बनाया, लेकिन यह तंत्र तभी कारगर होता है जब पुलिस तत्परता से प्रतिक्रिया दे। आगे की राह में अंतर-देशीय सहयोग, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों और सामुदायिक हस्तक्षेप की सख्त जरूरत है, ताकि चारदीवारी के भीतर छिपी यह हिंसा किसी और जिंदगी को बर्बाद करने से पहले रोकी जा सके।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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लैटिन अमेरिका में घरेलू बंधक स्थितियों और लिंग-आधारित हिंसा की एक लहर ने जनता की राय को झकझोर दिया है। पुलिस ने कई शहरों में उन महिलाओं को मुक्त कराया जिन्हें उनके साथी बंधक बनाकर रखते थे, अक्सर कई दिनों तक दुर्व्यवहार के बाद। इन घटनाओं की आवृत्ति इस क्षेत्र में घरेलू हिंसा के एक प्रणालीगत संकट को उजागर करती है।
इंडोनेशिया में, घरेलू बंधक बनाने के एक चौंकाने वाले मामले में एक महिला को तीन साल तक कैद रखा गया और गंभीर दुर्व्यवहार किया गया। पुलिस पीड़िता की बहन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच कर रही है, जिसमें बहुत गंभीर चोटों की सूचना दी गई है। इस घटना ने पीड़िता को दिए गए लंबे समय तक के कष्ट को लेकर जबरदस्त आक्रोश पैदा किया है।
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