Edition of 16:00 CETशनिवार, 20 जून 2026
307 स्रोत · 17 भाषाएँआज 792 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
ईरान ने युद्धविराम उल्लंघनों पर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया, अमेरिका ने इनकार कियाईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का ऐलान किया, अमेरिकी 'वादाखिलाफी' को बताया वजहहार के सदमे से उबरने की जंग: इक्वाडोर-कुराकाओ की करो-या-मरो भिड़ंतपितृ दिवस 2026: सैक्सोफोन, मीम्स और बदलती पितृसत्ता की गूंजचीन के समुद्री आक्रमण के बहुआयामी विस्तार पर जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रियाहम दो, हमारे 1.9: गिरती प्रजनन दर और बदलते सामाजिक सपनेसमुद्र तट पर तंबू, लकड़ी का फ़र्श, और टेलर स्विफ्ट की शादी की अनसुलझी पहेलीस्पेन वर्ल्ड कप में गोलहीन ड्रॉ के बाद सऊदी अरब के खिलाफ जीत की तलाश मेंईरान ने युद्धविराम उल्लंघनों पर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया, अमेरिका ने इनकार कियाईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का ऐलान किया, अमेरिकी 'वादाखिलाफी' को बताया वजहहार के सदमे से उबरने की जंग: इक्वाडोर-कुराकाओ की करो-या-मरो भिड़ंतपितृ दिवस 2026: सैक्सोफोन, मीम्स और बदलती पितृसत्ता की गूंजचीन के समुद्री आक्रमण के बहुआयामी विस्तार पर जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रियाहम दो, हमारे 1.9: गिरती प्रजनन दर और बदलते सामाजिक सपनेसमुद्र तट पर तंबू, लकड़ी का फ़र्श, और टेलर स्विफ्ट की शादी की अनसुलझी पहेलीस्पेन वर्ल्ड कप में गोलहीन ड्रॉ के बाद सऊदी अरब के खिलाफ जीत की तलाश में
समाज और संस्कृतिशुक्रवार, 19 जून 2026

अनुभव का संचय और निरंतरता: जब कोचिंग सेंटरों की भीड़ बुद्धिमत्ता का नया अर्थ खोजती है

कोटा, हैदराबाद और जकार्ता की कक्षाओं से लेकर ब्राज़ील के कार्यालयों तक, दुनिया यह समझने लगी है कि बुद्धिमत्ता महज जानकारी का ढेर नहीं, बल्कि अनुभव को भविष्य के लिए सक्रिय बनाए रखने की प्रक्रिया है।

कोटा के एक कोचिंग सेंटर में शाम के साढ़े पाँच बजे हैं। कमरे पहले से कहीं अधिक भरे हुए हैं, समय-सारिणी पहले से अधिक कठोर, और मॉक टेस्ट की शुरुआत अब तैयारी के शुरुआती हफ़्तों में ही हो जाती है। पाँच साल पहले की तुलना में छात्र अब कम उम्र के हैं, और उनकी आँखों में थकान के साथ एक अजीब-सी बेचैनी भी दिखती है। हर कोई अधिक पढ़ रहा है, अधिक सामग्री जुटा रहा है, अधिक प्रश्न हल कर रहा है, लेकिन परिणाम अक्सर इस भारी-भरकम प्रयास के अनुपात में नहीं आते। यह दृश्य सिर्फ भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं की दुनिया का नहीं है—यह एक ऐसे युग की तस्वीर है जहाँ हर कोई बुद्धिमत्ता को किसी मापने योग्य चीज़ की तरह जमा करना चाहता है, जबकि शायद बुद्धिमत्ता कोई चीज़ है ही नहीं।

घाना के एक व्यावसायिक विश्लेषक क्वेसी अमोआफो येबोआह के लेखन में यह विचार स्पष्ट होता है: बुद्धिमत्ता संचित अनुभव का वह तंत्र है जो भविष्य को प्रभावित करने के लिए उपलब्ध रहता है। यह कोई स्थिर स्मृति नहीं, बल्कि कार्य करने की एक गतिशील तत्परता है। मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धि व्यक्तिगत प्रतिभा नहीं, बल्कि निरंतरता रही है—भाषा, लेखन, पुस्तकें, पुस्तकालय, विश्वविद्यालय और अब डिजिटल नेटवर्क, सभी ने एक ही समस्या हल की: अनुभव को इस रूप में संरक्षित करना कि वह कार्य के लिए उपलब्ध रहे। लेकिन आज सूचना की प्रचुरता ने एक विचित्र भ्रम पैदा कर दिया है। मॉन्ट्रियाल विश्वविद्यालय और जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के तंत्रिकावैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रवाहपूर्ण संवाद को वास्तविक चेतना समझने की भूल कर सकते हैं—ठीक वैसे ही जैसे एक विद्यार्थी किसी अवधारणा से परिचित होने को उस पर अधिकार समझ लेता है। 'ब्लाइंडसाइट' की तरह, जहाँ मस्तिष्क क्षति के बाद व्यक्ति बिना सचेत अनुभव के दृश्य जानकारी पर प्रतिक्रिया दे सकता है, आज की एआई प्रणालियाँ बिना किसी आंतरिक अनुभूति के संवेदनशील लग सकती हैं।

यह भ्रम सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है। इंडोनेशिया में, जहाँ सोशल कॉमर्स अब पारंपरिक मार्केटप्लेस को पीछे छोड़ रहा है, डिजिटल प्रतिभा की माँग तेज़ी से बदल रही है। नुसा मंदिरी विश्वविद्यालय के बिज़नेस स्कूल की प्रमुख लिया मज़िया बताती हैं कि उपभोक्ता अब केवल कीमत नहीं, बल्कि अनुभव, भावनात्मक जुड़ाव और विश्वास चाहते हैं। यह बदलाव दिखाता है कि केवल लेन-देन की दक्षता अब पर्याप्त नहीं—रिश्ते बनाने और अनुभव गढ़ने की क्षमता ही नया कौशल है। दूसरी ओर, ब्राज़ील में तेज़ी से बूढ़ी होती आबादी के सामने करियर अब चार-पाँच दशकों तक खिंच रहे हैं। ईएसआईसी इंटरनेशनल के परामर्शदाता अलेक्ज़ांद्रे वाइलर के अनुसार, 'पढ़ाई-नौकरी-सेवानिवृत्ति' का पारंपरिक खाका अप्रासंगिक हो चुका है; अब सीखना पूरे करियर के साथ चलने वाली प्रक्रिया है। विश्व आर्थिक मंच की 2025 की रिपोर्ट कहती है कि 2030 तक लगभग 39 प्रतिशत कौशल बदल जाएँगे।

इन सबके बीच, भारत के प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए जो नई रणनीति उभर रही है, वह एक गहरे सबक की ओर इशारा करती है। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र वे नहीं हैं जिन्होंने सबसे अधिक सामग्री पढ़ी, बल्कि वे हैं जो एक ही सामग्री पर बार-बार लौटे। दोहराना अंत में नहीं, बल्कि दैनिक आदत के रूप में शुरू से होता है। गलत उत्तर को केवल स्वीकार कर आगे बढ़ जाना तैयारी का भ्रम है; असली मूल्य तो उस गलती को सूचना मानकर सुधार करने में है। यही वह बिंदु है जहाँ निरंतरता, अनुभव का संरक्षण और कार्य के लिए उसकी उपलब्धता एक साथ आते हैं। इंडोनेशिया के कैंपसों में भी कुछ ऐसी ही सोच दिखती है, जहाँ प्रबंधन के छात्रों को तीन साल कक्षा में और एक साल उद्योग, उद्यमिता या शोध में बिताने का कार्यक्रम इसलिए बनाया गया है ताकि अनुभव किताबों से निकलकर हाथों में आए।

कोटा के उसी कोचिंग सेंटर में रात के साढ़े नौ बजे हैं। एक छात्र अपनी डेटा इंटरप्रिटेशन की कॉपी पर तीसरी बार लौट रहा है—वही स्केल्ड डेटा की गलत पढ़ाई जो पिछले हफ़्ते पकड़ी गई थी, अब सुधर चुकी है। मेज़ पर नई किताबों का ढेर नहीं है, बस एक घिसी-पिटी नोटबुक है जिसके हाशिये पर छोटे-छोटे सुधार लिखे हैं। बाहर, जकार्ता के एक कैफे में एक युवा उद्यमी अपने इंस्टाग्राम स्टोर के ग्राहकों की प्रतिक्रिया पढ़ रही है, कल की पोस्ट के लिए अनुभव को शब्दों में ढाल रही है। दोनों ही जगहों पर, बुद्धिमत्ता कोई जमा की हुई पूँजी नहीं है—यह अनुभव है जो अभी भी गति में है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

62%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa africana subsaharianaStampa sud-est asiatica
Stampa africana subsahariana/ anglofona
scetticismodistacco

बुद्धिमत्ता कोई मापने योग्य गुण नहीं है, बल्कि एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा संचित अनुभव भविष्य को प्रभावित करने के लिए उपलब्ध होता है। अफ्रीकी दार्शनिक दृष्टिकोण से उपजा यह विचार, बुद्धिमत्ता की अवधारणा पर मौलिक पुनर्विचार का आह्वान करता है।

Stampa sud-est asiatica
pragmatismourgenza

इंडोनेशिया में, बुद्धिमत्ता डिजिटल बाजार के बदलावों के अनुकूल होने की क्षमता में प्रकट होती है, पारंपरिक मार्केटप्लेस से सोशल कॉमर्स की ओर बढ़ते हुए। विश्वविद्यालयों से आग्रह है कि वे केवल नौकरी चाहने वाले नहीं, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के अवसरों को भुनाने के लिए तैयार उद्यमी तैयार करें।

संबंधित लेख

और पढ़ें
अंतिम समाचार
ईरान ने युद्धविराम उल्लंघनों पर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया, अमेरिका ने इनकार किया·ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का ऐलान किया, अमेरिकी 'वादाखिलाफी' को बताया वजह·हार के सदमे से उबरने की जंग: इक्वाडोर-कुराकाओ की करो-या-मरो भिड़ंत·पितृ दिवस 2026: सैक्सोफोन, मीम्स और बदलती पितृसत्ता की गूंज·चीन के समुद्री आक्रमण के बहुआयामी विस्तार पर जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया·हम दो, हमारे 1.9: गिरती प्रजनन दर और बदलते सामाजिक सपने·समुद्र तट पर तंबू, लकड़ी का फ़र्श, और टेलर स्विफ्ट की शादी की अनसुलझी पहेली·स्पेन वर्ल्ड कप में गोलहीन ड्रॉ के बाद सऊदी अरब के खिलाफ जीत की तलाश में·ईरान ने युद्धविराम उल्लंघनों पर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया, अमेरिका ने इनकार किया·ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का ऐलान किया, अमेरिकी 'वादाखिलाफी' को बताया वजह·हार के सदमे से उबरने की जंग: इक्वाडोर-कुराकाओ की करो-या-मरो भिड़ंत·पितृ दिवस 2026: सैक्सोफोन, मीम्स और बदलती पितृसत्ता की गूंज·चीन के समुद्री आक्रमण के बहुआयामी विस्तार पर जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया·हम दो, हमारे 1.9: गिरती प्रजनन दर और बदलते सामाजिक सपने·समुद्र तट पर तंबू, लकड़ी का फ़र्श, और टेलर स्विफ्ट की शादी की अनसुलझी पहेली·स्पेन वर्ल्ड कप में गोलहीन ड्रॉ के बाद सऊदी अरब के खिलाफ जीत की तलाश में·
अपडेट 06:05 pm2 भाषाएँ · 4 स्रोत
पिछलासमाज और संस्कृतिअगला
4 स्रोत|2 भाषाएँ|4 मिनट पढ़ना
शुक्रवार, 19 जून 2026

अनुभव का संचय और निरंतरता: जब कोचिंग सेंटरों की भीड़ बुद्धिमत्ता का नया अर्थ खोजती है

कोटा, हैदराबाद और जकार्ता की कक्षाओं से लेकर ब्राज़ील के कार्यालयों तक, दुनिया यह समझने लगी है कि बुद्धिमत्ता महज जानकारी का ढेर नहीं, बल्कि अनुभव को भविष्य के लिए सक्रिय बनाए रखने की प्रक्रिया है।

कोटा के एक कोचिंग सेंटर में शाम के साढ़े पाँच बजे हैं। कमरे पहले से कहीं अधिक भरे हुए हैं, समय-सारिणी पहले से अधिक कठोर, और मॉक टेस्ट की शुरुआत अब तैयारी के शुरुआती हफ़्तों में ही हो जाती है। पाँच साल पहले की तुलना में छात्र अब कम उम्र के हैं, और उनकी आँखों में थकान के साथ एक अजीब-सी बेचैनी भी दिखती है। हर कोई अधिक पढ़ रहा है, अधिक सामग्री जुटा रहा है, अधिक प्रश्न हल कर रहा है, लेकिन परिणाम अक्सर इस भारी-भरकम प्रयास के अनुपात में नहीं आते। यह दृश्य सिर्फ भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं की दुनिया का नहीं है—यह एक ऐसे युग की तस्वीर है जहाँ हर कोई बुद्धिमत्ता को किसी मापने योग्य चीज़ की तरह जमा करना चाहता है, जबकि शायद बुद्धिमत्ता कोई चीज़ है ही नहीं।

घाना के एक व्यावसायिक विश्लेषक क्वेसी अमोआफो येबोआह के लेखन में यह विचार स्पष्ट होता है: बुद्धिमत्ता संचित अनुभव का वह तंत्र है जो भविष्य को प्रभावित करने के लिए उपलब्ध रहता है। यह कोई स्थिर स्मृति नहीं, बल्कि कार्य करने की एक गतिशील तत्परता है। मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धि व्यक्तिगत प्रतिभा नहीं, बल्कि निरंतरता रही है—भाषा, लेखन, पुस्तकें, पुस्तकालय, विश्वविद्यालय और अब डिजिटल नेटवर्क, सभी ने एक ही समस्या हल की: अनुभव को इस रूप में संरक्षित करना कि वह कार्य के लिए उपलब्ध रहे। लेकिन आज सूचना की प्रचुरता ने एक विचित्र भ्रम पैदा कर दिया है। मॉन्ट्रियाल विश्वविद्यालय और जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के तंत्रिकावैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रवाहपूर्ण संवाद को वास्तविक चेतना समझने की भूल कर सकते हैं—ठीक वैसे ही जैसे एक विद्यार्थी किसी अवधारणा से परिचित होने को उस पर अधिकार समझ लेता है। 'ब्लाइंडसाइट' की तरह, जहाँ मस्तिष्क क्षति के बाद व्यक्ति बिना सचेत अनुभव के दृश्य जानकारी पर प्रतिक्रिया दे सकता है, आज की एआई प्रणालियाँ बिना किसी आंतरिक अनुभूति के संवेदनशील लग सकती हैं।

यह भ्रम सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है। इंडोनेशिया में, जहाँ सोशल कॉमर्स अब पारंपरिक मार्केटप्लेस को पीछे छोड़ रहा है, डिजिटल प्रतिभा की माँग तेज़ी से बदल रही है। नुसा मंदिरी विश्वविद्यालय के बिज़नेस स्कूल की प्रमुख लिया मज़िया बताती हैं कि उपभोक्ता अब केवल कीमत नहीं, बल्कि अनुभव, भावनात्मक जुड़ाव और विश्वास चाहते हैं। यह बदलाव दिखाता है कि केवल लेन-देन की दक्षता अब पर्याप्त नहीं—रिश्ते बनाने और अनुभव गढ़ने की क्षमता ही नया कौशल है। दूसरी ओर, ब्राज़ील में तेज़ी से बूढ़ी होती आबादी के सामने करियर अब चार-पाँच दशकों तक खिंच रहे हैं। ईएसआईसी इंटरनेशनल के परामर्शदाता अलेक्ज़ांद्रे वाइलर के अनुसार, 'पढ़ाई-नौकरी-सेवानिवृत्ति' का पारंपरिक खाका अप्रासंगिक हो चुका है; अब सीखना पूरे करियर के साथ चलने वाली प्रक्रिया है। विश्व आर्थिक मंच की 2025 की रिपोर्ट कहती है कि 2030 तक लगभग 39 प्रतिशत कौशल बदल जाएँगे।

इन सबके बीच, भारत के प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए जो नई रणनीति उभर रही है, वह एक गहरे सबक की ओर इशारा करती है। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र वे नहीं हैं जिन्होंने सबसे अधिक सामग्री पढ़ी, बल्कि वे हैं जो एक ही सामग्री पर बार-बार लौटे। दोहराना अंत में नहीं, बल्कि दैनिक आदत के रूप में शुरू से होता है। गलत उत्तर को केवल स्वीकार कर आगे बढ़ जाना तैयारी का भ्रम है; असली मूल्य तो उस गलती को सूचना मानकर सुधार करने में है। यही वह बिंदु है जहाँ निरंतरता, अनुभव का संरक्षण और कार्य के लिए उसकी उपलब्धता एक साथ आते हैं। इंडोनेशिया के कैंपसों में भी कुछ ऐसी ही सोच दिखती है, जहाँ प्रबंधन के छात्रों को तीन साल कक्षा में और एक साल उद्योग, उद्यमिता या शोध में बिताने का कार्यक्रम इसलिए बनाया गया है ताकि अनुभव किताबों से निकलकर हाथों में आए।

कोटा के उसी कोचिंग सेंटर में रात के साढ़े नौ बजे हैं। एक छात्र अपनी डेटा इंटरप्रिटेशन की कॉपी पर तीसरी बार लौट रहा है—वही स्केल्ड डेटा की गलत पढ़ाई जो पिछले हफ़्ते पकड़ी गई थी, अब सुधर चुकी है। मेज़ पर नई किताबों का ढेर नहीं है, बस एक घिसी-पिटी नोटबुक है जिसके हाशिये पर छोटे-छोटे सुधार लिखे हैं। बाहर, जकार्ता के एक कैफे में एक युवा उद्यमी अपने इंस्टाग्राम स्टोर के ग्राहकों की प्रतिक्रिया पढ़ रही है, कल की पोस्ट के लिए अनुभव को शब्दों में ढाल रही है। दोनों ही जगहों पर, बुद्धिमत्ता कोई जमा की हुई पूँजी नहीं है—यह अनुभव है जो अभी भी गति में है।

स्रोतों में मतभेद

समाज और संस्कृति · 4 स्रोत · 2 भाषाएँ

62%उच्च

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक25%
न्यूनत्र50%
निंदक25%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
Stampa africana subsaharianaStampa sud-est asiatica
Stampa africana subsahariana/ anglofona
scetticismodistacco

बुद्धिमत्ता कोई मापने योग्य गुण नहीं है, बल्कि एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा संचित अनुभव भविष्य को प्रभावित करने के लिए उपलब्ध होता है। अफ्रीकी दार्शनिक दृष्टिकोण से उपजा यह विचार, बुद्धिमत्ता की अवधारणा पर मौलिक पुनर्विचार का आह्वान करता है।

Stampa sud-est asiatica
pragmatismourgenza

इंडोनेशिया में, बुद्धिमत्ता डिजिटल बाजार के बदलावों के अनुकूल होने की क्षमता में प्रकट होती है, पारंपरिक मार्केटप्लेस से सोशल कॉमर्स की ओर बढ़ते हुए। विश्वविद्यालयों से आग्रह है कि वे केवल नौकरी चाहने वाले नहीं, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के अवसरों को भुनाने के लिए तैयार उद्यमी तैयार करें।

यह समाचार यहाँ छपा

4 स्रोत · 2 भाषाएँ

संबंधित लेख

भू-राजनीति और राजनीति

ईरान ने युद्धविराम उल्लंघनों पर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया, अमेरिका ने इनकार किया

7 भाषाएँ · 37 स्रोत

अपराध एवं आपदा

म्यूनिख में मालगाड़ियों की टक्कर: पुल से गिरे डिब्बे, एक व्यक्ति की मौत

11 भाषाएँ · 20 स्रोत

खेल

पहले हाफ में कुन्हा का दोहरा धमाका, ब्राजील ने हैती को 3-0 से हराया

6 भाषाएँ · 23 स्रोत

और पढ़ें