
ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को रौंदकर महिला टी20 विश्व कप पर रिकॉर्ड सातवीं बार कब्जा जमाया
बेथ मूनी के 64 और फोबी लिचफील्ड के 48 रनों की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने 151 रनों का लक्ष्य 17 गेंद शेष रहते हासिल कर इंग्लैंड को एक और विश्व कप फाइनल में हराया।
लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर रविवार को खेले गए आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को सात विकेट से करारी शिकस्त दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और इंग्लैंड को 20 ओवरों में चार विकेट पर 150 रनों पर रोक दिया। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 17.1 ओवरों में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 17 गेंदें शेष रहते खिताब अपने नाम कर लिया। यह ऑस्ट्रेलिया का कुल 10 संस्करणों में सातवां खिताब है।
इंग्लैंड की पारी में शुरुआती झटकों के बाद कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने 53 गेंदों में 58 रनों की नाबाद पारी खेली और फ्रेया केम्प ने 28 गेंदों में 44 रनों की तेज-तर्रार नाबाद पारी खेली। इन दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 80 रनों की अटूट साझेदारी हुई, जिसने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों, खासकर किम गार्थ और लूसी हैमिल्टन ने शुरुआती झटके देकर इंग्लैंड पर दबाव बनाए रखा। साइवर-ब्रंट ने अपने बेटे थियो को गोद में लेकर मैदान में प्रवेश किया था, जो फाइनल का एक भावुक क्षण रहा।
ऑस्ट्रेलिया की चेज की बुनियाद ओपनर बेथ मूनी और फोबी लिचफील्ड ने रखी। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 67 गेंदों पर 100 रनों की साझेदारी करके मैच को एकतरफा बना दिया। मूनी ने 49 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 64 रन बनाए, जबकि लिचफील्ड ने 35 गेंदों पर 48 रन ठोके। हालांकि लिचफील्ड और मूनी क्रमशः 48 और 64 रन पर आउट हो गईं, लेकिन तब तक टीम जीत के करीब पहुंच चुकी थी। अंत में एलिस पेरी ने सधी हुई पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई।
इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने महिला क्रिकेट में अपना दबदबा एक बार फिर साबित कर दिया। इंग्लैंड की टीम वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट को मिलाकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सातवां विश्व कप फाइनल हारी। भारतीय प्रशंसकों की नज़र इस टूर्नामेंट पर इसलिए भी थी क्योंकि स्मृति मंधाना प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की दौड़ में शामिल थीं, हालांकि अंततः मूनी ने यह पुरस्कार अपने नाम किया। मूनी को फाइनल में शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
इस हार के साथ इंग्लैंड को एक बार फिर विश्व खिताब के लिए इंतजार करना होगा। 2017 में घरेलू सरजमीं पर 50 ओवर का विश्व कप जीतने के बाद से टीम कोई बड़ी सफेद गेंद की ट्रॉफी नहीं जीत पाई है। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने यह साफ कर दिया कि महिला क्रिकेट में उसके साम्राज्य को चुनौती देना आसान नहीं है।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | +0.40 | aligned |
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| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.10 | neutral |
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