
वेनेजुएला ने जीई के साथ बिजली ग्रिड सुधारने का ऐतिहासिक समझौता किया, कोलंबिया से भी जुड़ेगा ग्रिड
वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनी जीई के साथ 5,000 मेगावाट बिजली बहाली का समझौता किया, वहीं कोलंबिया ने सीमा पार विद्युत इंटरकनेक्शन परियोजना की घोषणा की।
वेनेजुएला ने सोमवार को अमेरिकी ऊर्जा दिग्गज जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) के साथ अपने जर्जर विद्युत ग्रिड के पुनर्निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने मिराफ्लोरेस पैलेस में इस साझेदारी की घोषणा करते हुए कहा कि पहले 24 महीनों में 1,000 मेगावाट और अगले चार वर्षों में कुल 5,000 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता बहाल की जाएगी। वेनेजुएला इस समय प्रतिदिन लगभग 12,000 मेगावाट उत्पादन कर रहा है जबकि मांग 14,000 मेगावाट तक पहुंच जाती है, जिसके चलते राजधानी काराकास सहित अधिकांश शहरों में 10 घंटे तक की बिजली कटौती आम बात है।
यह समझौता वेनेजुएला के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां दशकों की उपेक्षा और निवेश की कमी ने ऊर्जा क्षेत्र को तहस-नहस कर दिया है। जीई वर्नोवा के अधिकारियों के साथ हस्ताक्षर के बाद रोड्रिग्ज ने अपनी टीमों को जल्द से जल्द औपचारिक अनुबंध पूरा करने का निर्देश दिया, हालांकि निवेश की कुल राशि का खुलासा नहीं किया गया। यह कदम जनवरी में निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने के बाद उठाया गया है, जब अंतरिम सरकार पर बुनियादी सेवाओं को बहाल करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया था।
इसी बीच, कोलंबिया ने भी वेनेजुएला के साथ ऊर्जा सहयोग की दिशा में एक अहम पहल की है। कोलंबिया के खान एवं ऊर्जा मंत्री एडविन पाल्मा एगेआ ने विचादा क्षेत्र से दोनों देशों के बीच विद्युत इंटरकनेक्शन परियोजना की घोषणा की, जिस पर 89,900 मिलियन कोलंबियाई पेसो (लगभग 22 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का निवेश होगा। इसके अलावा, प्यूर्टो कारेनो में 5 मेगावाट का सौर संयंत्र 'एल मेरे' भी शुरू किया जा रहा है, जो 1,600 से अधिक उपयोगकर्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेगा। यह परियोजना दोनों देशों के बीच बिजली आपूर्ति को स्थिर करने और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
ये घटनाक्रम दर्शाते हैं कि लैटिन अमेरिका में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बहुआयामी प्रयास शुरू हो गए हैं। एक ओर जहां वेनेजुएला अपनी आंतरिक उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ हाथ मिला रहा है, वहीं कोलंबिया जैसे पड़ोसी देश सीमा पार ग्रिड कनेक्टिविटी के जरिए आपसी सहयोग बढ़ा रहे हैं। यह मॉडल दक्षिण एशिया के लिए भी प्रासंगिक है, जहां भारत, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के बीच बिजली व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। भारत स्वयं बिजली ग्रिड स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण की चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में जीई जैसी कंपनियों की भूमिका और क्षेत्रीय इंटरकनेक्शन की अहमियत और बढ़ जाती है।
आगे की राह में, वेनेजुएला के लिए सबसे बड़ी चुनौती समझौते का त्वरित क्रियान्वयन और वित्तीय पारदर्शिता होगी। यदि यह परियोजना सफल होती है, तो न केवल करोड़ों नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि यह अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है कि कैसे तकनीकी साझेदारी और क्षेत्रीय सहयोग से गहराए ऊर्जा संकट का समाधान निकाला जा सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ
वेनेजुएला ने अपने राष्ट्रीय पावर ग्रिड को बहाल करने के लिए जनरल इलेक्ट्रिक की स्थानीय सहायक कंपनी के साथ एक समझौता किया है। इस समझौते का लक्ष्य 24 महीनों में 1,000 मेगावाट और चार वर्षों में 5,000 से अधिक मेगावाट की क्षमता वापस लाना है। सरकार इसे जनता के लिए एक आवश्यक सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
वेनेजुएला, जो दैनिक ब्लैकआउट और जर्जर पावर ग्रिड से ग्रस्त है, ने जनरल इलेक्ट्रिक के साथ एक समझौता किया है। इस समझौते का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बहाल करना है, लेकिन यह अनिश्चित है कि क्या यह चाविज़्मो के तहत दशकों की उपेक्षा को पलट सकता है। ऊर्जा संकट देश के बुनियादी ढांचे के पतन का प्रतीक है।
संबंधित लेख
वर्साय में ट्रंप के हस्ताक्षर से अमेरिका-ईरान युद्धविराम: 14 सूत्रीय समझौते की पूरी कहानी
9 भाषाएँ · 51 स्रोत
Defense & Securityअमेरिकी रक्षा मंत्री ने नाटो सहयोगियों को लताड़ा, यूरोप में सेना की समीक्षा और 'नाटो 3.0' का आह्वान
11 भाषाएँ · 33 स्रोत
राजनीतिइज़राइल ने यूरोपीय संघ की विदेश प्रमुख से सारे संपर्क तोड़े, ‘रंगभेद’ वाली टिप्पणी पर गहराया विवाद
8 भाषाएँ · 14 स्रोत