
मुनोज़ के देर से गोल ने कोलंबिया को कांगो पर 1-0 से जीत दिलाकर अंतिम-32 में पहुंचाया
गुआडालाहारा में कांगो के गोलकीपर एमपासी के अद्भुत प्रदर्शन के बावजूद, डेनियल मुनोज़ के 76वें मिनट के गोल ने कोलंबिया को लगातार दूसरी जीत और नॉकआउट का टिकट दिला दिया।
मेक्सिको के गुआडालाहारा स्टेडियम में मंगलवार रात कोलंबिया ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य को 1-0 से हराकर 2026 फीफा विश्व कप के अंतिम-32 दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। यह जीत डिफेंडर डेनियल मुनोज़ के दूसरे हाफ के एकमात्र गोल से आई, जिन्होंने 76वें मिनट में हुआन किंतेरो के पास पर बाएं पैर से निशाना साधा और गेंद डिफ्लेक्ट होकर गोलकीपर लियोनेल एमपासी को छकाते हुए जाल में समा गई। इससे पहले मुनोज़ का एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द हो चुका था, लेकिन इस बार उन्होंने कोलंबियाई समर्थकों के पीले सागर के सामने राहत की लहर दौड़ा दी।
मुकाबला पूरी तरह कोलंबिया के दबदबे में रहा, लेकिन कांगो के गोलकीपर एमपासी ने अकेले दम पर स्कोरलाइन को लंबे समय तक बराबर रखा। पहले 20 मिनट में ही उन्होंने पांच बेहतरीन बचाव किए—यह 1998 के बाद विश्व कप के शुरुआती मिनटों में किसी गोलकीपर का सबसे व्यस्त प्रदर्शन था। जेम्स रोड्रिगेज का जोरदार शॉट, लुइस डियाज का करीबी प्रहार और गुस्तावो पुएर्ता का लॉन्ग-रेंज प्रयास, सबको एमपासी ने नाकाम कर दिया। कोलंबिया ने कुल 20 प्रहार किए, जिनमें से नौ निशाने पर थे, जबकि कांगो महज तीन बार गोल की ओर शॉट लगा सका। दूसरे हाफ में भी डियाज के दो गोल—एक फाउल और एक ऑफसाइड के चलते—रद्द हुए, जिससे कोलंबियाई खेमे में बेचैनी बढ़ती गई।
यह परिणाम ग्रुप K की तस्वीर को लगभग साफ कर देता है। कोलंबिया दो मैचों में छह अंक लेकर शीर्ष पर है, जबकि पुर्तगाल ने उसी दिन ह्यूस्टन में उज़्बेकिस्तान को 5-0 से रौंदकर चार अंक हासिल कर लिए। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने उस मैच में दो गोल दागे और अब वह छह विश्व कप संस्करणों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। कांगो एक अंक के साथ तीसरे स्थान पर है और उज़्बेकिस्तान का खाता नहीं खुला है। अफ्रीकी टीम के लिए यह हार निराशाजनक रही, क्योंकि उन्होंने पहले मैच में पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी पर रोककर सबको चौंका दिया था।
अब 27 जून को मियामी में कोलंबिया का सामना पुर्तगाल से होगा, जो ग्रुप विजेता का फैसला करेगा; कोलंबिया को बढ़त बनाए रखने के लिए ड्रॉ भी काफी होगा। वहीं अटलांटा में कांगो का मुकाबला उज़्बेकिस्तान से होगा, जहां जीत और बेहतर गोल अंतर उन्हें सर्वश्रेष्ठ आठ तीसरे स्थान वाली टीमों के जरिए अगले दौर में पहुंचा सकता है। कोलंबिया ने 2014 और 2018 के बाद लगातार तीसरे विश्व कप में ग्रुप स्टेज पार की है, जबकि कांगो 1974 के बाद पहली बार इस मंच पर लौटा है और उसकी उम्मीदें अभी जीवित हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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कोलंबिया ने एक विजयी प्रदर्शन किया, जिसमें डैनियल मुनोज़ ने अप्रत्याशित नायक के रूप में उभरकर मजबूत डीआर कांगो की प्रतिरोधकता को तोड़ा और 1-0 की जीत हासिल की। कैफेटेरोस ने शुरू से ही दबदबा बनाया, धैर्य दिखाया और अंततः उस गोल का जश्न मनाया जो 32 के दौर में उनकी जगह पक्की करता है। अब वे पुर्तगाल के खिलाफ निर्णायक ग्रुप मुकाबले की ओर देख रहे हैं, छह अंकों के साथ शीर्ष पर।
कोलंबिया को डैनियल मुनोज़ के देर से किए गए गोल की ज़रूरत पड़ी, ताकि वह ज़िद्दी डीआर कांगो को हरा सके, जिसने अधिकांश मैच में उन्हें निराश किया। ग्वाडलाजारा में 1-0 की जीत ने दक्षिण अमेरिकी टीम को 32 के दौर में पहुंचा दिया, जबकि डीआर कांगो, जिसने पहले पुर्तगाल को रोका था, एक अंक के साथ बनी हुई है। गोलकीपर म्पासी के नेतृत्व में कांगो की रक्षा ने 76वें मिनट तक प्रतिरोध किया, लेकिन अंततः कोलंबिया का दबदबा निर्णायक साबित हुआ।
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