
ट्रंप ने द्विदलीय आवास कानून पर हस्ताक्षर रोके, सीनेट पर चुनाव सुधार का दबाव
राष्ट्रपति ने 'सेव अमेरिका एक्ट' पारित होने तक आवास विधेयक के समारोह को स्थगित कर दिया, जिससे द्विदलीय उपलब्धि पर अनिश्चितता छा गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक व्यापक द्विदलीय आवास विधेयक पर हस्ताक्षर समारोह अचानक रद्द कर दिया और घोषणा की कि जब तक कांग्रेस विवादास्पद 'सेव अमेरिका एक्ट' पारित नहीं करती, वह इस कानून पर दस्तखत नहीं करेंगे। यह आवास विधेयक प्रतिनिधि सभा में 358-32 और सीनेट में 85-5 के भारी बहुमत से पारित हुआ था, जो वीटो को पलटने के लिए पर्याप्त है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मतदाता पहचान पत्र और नागरिकता प्रमाण अनिवार्य करने वाला सेव अमेरिका एक्ट 'राष्ट्रीय आपातकाल' है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने एक दिन पहले इस आवास विधेयक को 'अमेरिकी इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण आवास सामर्थ्य कानून' बताया था, लेकिन ट्रंप ने इसे 'गौण महत्व' का बताते हुए सीनेट रिपब्लिकनों पर दबाव बढ़ा दिया। सीनेट के रिपब्लिकन नेता जॉन थून के अनुसार, सेव अमेरिका एक्ट के पक्ष में 60 मतों का आंकड़ा फिलहाल नहीं है, और फिलिबस्टर समाप्त करने के लिए भी पर्याप्त समर्थन नहीं है। उत्तरी कैरोलाइना के सीनेटर थॉम टिलिस ने इस कदम को 'अर्थहीन' बताया, जबकि टेक्सास के जॉन कॉर्निन ने इसे 'अबूझ' करार दिया। डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिज़ाबेथ वॉरेन ने कहा कि ट्रंप 'अमेरिकी परिवारों की लागत निचोड़ के प्रति पूरी तरह उदासीन' हैं।
विधायी प्रक्रिया के तहत यदि राष्ट्रपति दस दिनों (रविवार छोड़कर) तक हस्ताक्षर नहीं करते और कांग्रेस सत्र में है, तो विधेयक स्वतः कानून बन जाता है। वीटो की स्थिति में भी दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से उसे पलटा जा सकता है। इसलिए आवास विधेयक का भविष्य पूरी तरह अटका नहीं है, लेकिन राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि उन्हें विश्वास है ट्रंप दस दिनों के भीतर हस्ताक्षर करेंगे और रिपब्लिकन सेव अमेरिका एक्ट को किसी व्यय विधेयक से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
यह घटनाक्रम नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले हुआ है, जब मतदाताओं के लिए आवास लागत और महंगाई सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। सेव अमेरिका एक्ट को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी मतभेद हैं—चार रिपब्लिकन सीनेटरों ने पहले इसके विरुद्ध मतदान किया था। आलोचकों के अनुसार, यह कानून लाखों पात्र मतदाताओं, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों, के मताधिकार को बाधित कर सकता है। अमेरिकी राजनीति में मतदाता पहचान और नागरिकता दस्तावेज़ीकरण की यह बहस भारत जैसे अन्य लोकतंत्रों में भी समानांतर रूप से चलती रही है, जहाँ चुनावी प्रक्रियाओं में प्रमाणीकरण को लेकर विमर्श जारी है।
ट्रंप ने सीनेट रिपब्लिकनों के साथ बंद कमरे में दोपहर के भोज के दौरान सेव अमेरिका एक्ट पर जोर दिया, लेकिन सीनेट में इसके निकट भविष्य में पारित होने की संभावना कम ही आंकी जा रही है। आवास विधेयक का भाग्य अब इस बात पर निर्भर करेगा कि ट्रंप वीटो का प्रयोग करते हैं या उसे स्वतः कानून बनने देते हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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ट्रंप ने द्विदलीय आवास विधेयक पर हस्ताक्षर अचानक रद्द कर दिए, इसे बंधक बनाकर अपने मतदाता पहचान कानून को पारित कराने की कोशिश की, जिसे उन्होंने 'राष्ट्रीय आपातकाल' बताया। इस कदम को आवेश में लिया गया निर्णय माना गया, जो भारी बहुमत से पारित एक दुर्लभ विधायी उपलब्धि को खतरे में डाल रहा है। आलोचक इसे सत्ता का दुरुपयोग और उनके अनियमित शासन का संकेत मानते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आवास विधेयक पर हस्ताक्षर करने से तब तक इनकार कर दिया जब तक कांग्रेस मतदाता पंजीकरण को सख्त करने वाला चुनाव सुधार पारित नहीं कर देती। यह विधेयक दोनों सदनों में व्यापक द्विदलीय समर्थन से पारित हुआ था। रिपोर्ट तथ्यों को बिना किसी संपादकीय टिप्पणी के प्रस्तुत करती है।
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