
स्टार्मर के इस्तीफे के बाद 'किंग ऑफ द नॉर्थ' एंडी बर्नहैम लेबर नेतृत्व की दौड़ में सबसे आगे
ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर और हाल ही में सांसद बने बर्नहैम ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश की है, जिससे ब्रिटिश राजनीति में क्षेत्रीय बनाम केंद्रीय शक्ति संतुलन पर नई बहस छिड़ गई है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के अचानक इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी में नेतृत्व की दौड़ शुरू हो गई है। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम ने पुष्टि की है कि वह पार्टी अध्यक्ष और अगले प्रधानमंत्री बनने की होड़ में शामिल होंगे। बर्नहैम हाल ही में मेकरफील्ड सीट से उपचुनाव जीतकर संसद लौटे हैं, जिससे वेस्टमिंस्टर में उनकी स्थिति मजबूत हुई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, स्टार्मर के कार्यकाल के प्रति असंतोष और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की मांग ने बर्नहैम को एक प्रमुख दावेदार बना दिया है।
उत्तरी इंग्लैंड के राजनीतिक विश्लेषक बर्नहैम को 'किंग ऑफ द नॉर्थ' के रूप में चिह्नित करते हैं, जो कोविड-19 महामारी के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से वित्तीय सहायता को लेकर सार्वजनिक टकराव से उपजा उपनाम है। लिवरपूल में जन्मे और कैम्ब्रिज से पढ़े बर्नहैम 2017 से मैनचेस्टर क्षेत्र के मेयर हैं, जहाँ उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को स्थानीय नियंत्रण में लेने और बड़ी पुनर्विकास परियोजनाओं पर जोर दिया। उनके समर्थकों का कहना है कि 'मैनचेस्टरवाद' नामक उनकी नीति—क्षेत्रीय विकास, स्थानीय नियंत्रण और सार्वजनिक सेवाओं पर केंद्रित—को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा सकता है।
लंदन स्थित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बर्नहैम लेबर के 'सॉफ्ट लेफ्ट' धड़े से जुड़े हैं, जो स्टार्मर के मध्यमार्ग और पूर्व नेता जेरेमी कॉर्बिन के वामपंथ के बीच की स्थिति है। उन्होंने 'लंदन केंद्रित शासन' की खुलेआम आलोचना की है, जिसे यूरोपीय संघ समर्थक हलकों में ब्रसेल्स या वाशिंगटन के खिलाफ अन्य देशों की क्षेत्रीय राजनीति के समानांतर देखा जाता है। ब्रेक्सिट जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ में बने रहने का समर्थन करने के बावजूद, उन्होंने हाल के चुनाव प्रचार में परिणाम का सम्मान करने की बात कही, जिसे राजनीतिक पर्यवेक्षक उत्तरी मतदाताओं को साधने की रणनीति मानते हैं।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन से भारत सहित मुक्त व्यापार वार्ताओं की गति प्रभावित हो सकती है, हालाँकि बर्नहैम ने विदेश नीति पर विस्तृत रुख सार्वजनिक नहीं किया है। वेस्टमिंस्टर के पार्टी सूत्रों के अनुसार, बर्नहैम को सांसदों के बीच पर्याप्त समर्थन प्राप्त है, लेकिन 2010 और 2015 में मिली भारी हार यह दर्शाती है कि राष्ट्रीय नेतृत्व की राह आसान नहीं होगी। लेबर पार्टी की आंतरिक चुनाव प्रक्रिया आगामी सप्ताहों में शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें सदस्यों और सांसदों के मत से नया अध्यक्ष चुना जाएगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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दो असफल प्रयासों के बाद, क्षेत्रीय हितों की वकालत करने के लिए 'उत्तर के राजा' कहलाने वाले एंडी बर्नहैम के पास अब लेबर नेता और प्रधानमंत्री बनने का स्पष्ट मार्ग है। मैनचेस्टर के मेयर के रूप में उनके कार्यकाल ने स्पष्टवादिता और सफलता की प्रतिष्ठा बनाई है, जिससे वे सबसे आगे हैं।
एंडी बर्नहैम, जिन्हें लंबे समय से विजेता के बजाय एक स्थायी दावेदार के रूप में देखा जाता था, मानते हैं कि स्टार्मर के इस्तीफे के बाद आखिरकार उनका समय आ गया है। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर, जो पिछली नेतृत्व दौड़ में दो बार हार चुके हैं, अब डाउनिंग स्ट्रीट तक एक व्यवहार्य रास्ता देखते हैं।
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