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न्याय और कानूनमंगलवार, 30 जून 2026

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के दो ऐतिहासिक फैसले: ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों पर प्रतिबंध बरकरार, जन्मजात नागरिकता पर ट्रंप का आदेश रद्द

न्यायालय ने राज्यों को जैविक लिंग के आधार पर महिला खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों की भागीदारी रोकने का अधिकार दिया, जबकि 14वें संशोधन के तहत जन्म से नागरिकता के अधिकार को बरकरार रखा।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों में ऐसे फैसले सुनाए जिन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख नीतियों को एक साथ झटका और बल दिया। पहले फैसले में न्यायालय ने 6-3 के बहुमत से इडाहो और वेस्ट वर्जीनिया सहित 27 राज्यों में लागू उन कानूनों को संवैधानिक ठहराया जो ट्रांसजेंडर लड़कियों और महिलाओं को स्कूल-कॉलेज की महिला खेल टीमों में शामिल होने से रोकते हैं। दूसरे निर्णय में, इसी 6-3 के बहुमत से, अदालत ने ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को असंवैधानिक करार दिया जो अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रह रहे माता-पिता के यहाँ जन्मे बच्चों की स्वतः नागरिकता समाप्त करना चाहता था।

खेल प्रतिबंधों के पक्ष में बहुमत की राय लिखने वाले न्यायाधीश ब्रेट कवानॉ ने कहा कि राज्य 'जैविक महिलाओं के लिए महिला खेल' बनाए रख सकते हैं और पात्रता जैविक लिंग के आधार पर तय कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन और इन राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने तर्क दिया कि ये कानून निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। वहीं, अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) और लैम्ब्डा लीगल जैसे नागरिक अधिकार संगठनों ने इसे 'दिल तोड़ने वाला' बताया और कहा कि यह ट्रांसजेंडर युवाओं को बिना ठोस वैज्ञानिक आधार के अवसरों से वंचित करता है। उदारवादी न्यायाधीश सोनिया सोतोमयोर ने असहमति जताते हुए कहा कि बहुमत ने 'तथ्यों के बजाय धारणाओं पर फैसला सुनाया' और ट्रांसजेंडर छात्रों को संवैधानिक दलीलें पेश करने का पूरा मौका नहीं दिया।

जन्मजात नागरिकता के मामले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की ओर से लिखा कि 14वाँ संशोधन स्पष्ट रूप से अमेरिकी धरती पर जन्मे लगभग सभी बच्चों को नागरिकता देता है, चाहे उनके माता-पिता की आप्रवासन स्थिति कुछ भी हो। ट्रंप प्रशासन ने दलील दी थी कि 'अधिकार क्षेत्र के अधीन' वाक्यांश का अर्थ केवल स्थायी निवासियों के बच्चों तक सीमित है, लेकिन अदालत ने 1898 के वोंग किम आर्क मामले की मिसाल को दोहराते हुए इसे खारिज कर दिया। ट्रंप ने इस फैसले को 'देश के लिए बहुत बुरा' बताते हुए कांग्रेस से कानून बनाकर जन्मजात नागरिकता समाप्त करने का आग्रह किया, जबकि प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने संवैधानिक संशोधन की संभावना का संकेत दिया।

इन फैसलों के वैश्विक और भारतीय संदर्भ में भी महत्वपूर्ण प्रभाव हैं। जन्मजात नागरिकता बरकरार रहने से H-1B वीजा पर अमेरिका में कार्यरत लाखों भारतीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि ग्रीन कार्ड की दशकों लंबी प्रतीक्षा के दौरान वहाँ जन्मे उनके बच्चों की नागरिकता अब भी सुरक्षित है। दूसरी ओर, खेल प्रतिबंधों को मिली संवैधानिक मंजूरी से अमेरिका में ट्रांसजेंडर अधिकारों पर पहले से जारी कानूनी लड़ाई और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, जन्मजात नागरिकता पर कोई तत्काल विधायी कार्रवाई संभव नहीं दिखती, जबकि खेल प्रतिबंध अब 27 राज्यों में प्रभावी रूप से लागू रहेंगे और शेष राज्यों पर भी समान कानून बनाने का दबाव बढ़ेगा।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 5 भाषाएँ

18%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
लैटिन अमेरिकी प्रेसरूसी और सीआईएस प्रेस
लैटिन अमेरिकी प्रेस/ बोलिवेरियन / प्रगतिशील
विजयआक्रोशअत्यावश्यकता

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को करारा झटका देते हुए जन्म से नागरिकता को सीमित करने के उनके प्रयास को स्पष्ट रूप से असंवैधानिक घोषित कर दिया। 6-3 के मत से न्यायाधीशों ने 14वें संशोधन और अमेरिकी धरती पर जन्मे सभी लोगों के लिए नागरिकता के अधिकार की पुष्टि की, चाहे उनके माता-पिता की स्थिति कुछ भी हो। यह राष्ट्रपति के आप्रवासी विरोधी एजेंडे के लिए एक ऐतिहासिक हार है।

रूसी और सीआईएस प्रेस/ राजकीय
उदासीनताव्यावहारिकता

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के जन्म से नागरिकता को प्रतिबंधित करने वाले कार्यकारी आदेश को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया। 6-3 के निर्णय में पाया गया कि यह आदेश 14वें संशोधन का खंडन करता है, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे लोगों के लिए स्वचालित नागरिकता की दीर्घकालिक व्याख्या को बरकरार रखा गया।

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कतर से उपहार में मिले नए एयर फोर्स वन में ट्रंप की पहली उड़ान, सुरक्षा और नैतिकता पर सवाल·रूसी मिसाइल-ड्रोन हमले में कीव दहला, 17 की मौत; मास्को ने बदले की कार्रवाई बताया·विंबलडन 2026: टायरा ग्रांट दूसरे दौर में हारीं, सोनेगो का संघर्ष जारी; बेरेटिनी-कोबोली आज उतरेंगे·गाजा में अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती की ओर पहला कदम, लेकिन राजनीतिक रुकावटें बरकरार·चीन का तकनीकी प्रदर्शन: लड़ाकू विमानों से लेकर अंतरिक्ष चिकित्सा तक एक साथ कई मोर्चों पर प्रगति·रूसी प्रतिबंधों के बीच EU ने आर्मेनिया को दी बड़ी व्यापार राहत, 80% निर्यात शुल्क-मुक्त·विश्व बैंक ने वियतनाम, फिलीपींस और श्रीलंका को उच्च-मध्यम आय वर्ग में पदोन्नत किया·नाइजीरिया में हिंसा का दौर: नाइजर में 18 मरे, बोर्नो में छात्र अगवा, अन्य राज्यों में भी हमले·कतर से उपहार में मिले नए एयर फोर्स वन में ट्रंप की पहली उड़ान, सुरक्षा और नैतिकता पर सवाल·रूसी मिसाइल-ड्रोन हमले में कीव दहला, 17 की मौत; मास्को ने बदले की कार्रवाई बताया·विंबलडन 2026: टायरा ग्रांट दूसरे दौर में हारीं, सोनेगो का संघर्ष जारी; बेरेटिनी-कोबोली आज उतरेंगे·गाजा में अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती की ओर पहला कदम, लेकिन राजनीतिक रुकावटें बरकरार·चीन का तकनीकी प्रदर्शन: लड़ाकू विमानों से लेकर अंतरिक्ष चिकित्सा तक एक साथ कई मोर्चों पर प्रगति·रूसी प्रतिबंधों के बीच EU ने आर्मेनिया को दी बड़ी व्यापार राहत, 80% निर्यात शुल्क-मुक्त·विश्व बैंक ने वियतनाम, फिलीपींस और श्रीलंका को उच्च-मध्यम आय वर्ग में पदोन्नत किया·नाइजीरिया में हिंसा का दौर: नाइजर में 18 मरे, बोर्नो में छात्र अगवा, अन्य राज्यों में भी हमले·
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मंगलवार, 30 जून 2026

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के दो ऐतिहासिक फैसले: ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों पर प्रतिबंध बरकरार, जन्मजात नागरिकता पर ट्रंप का आदेश रद्द

न्यायालय ने राज्यों को जैविक लिंग के आधार पर महिला खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों की भागीदारी रोकने का अधिकार दिया, जबकि 14वें संशोधन के तहत जन्म से नागरिकता के अधिकार को बरकरार रखा।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों में ऐसे फैसले सुनाए जिन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख नीतियों को एक साथ झटका और बल दिया। पहले फैसले में न्यायालय ने 6-3 के बहुमत से इडाहो और वेस्ट वर्जीनिया सहित 27 राज्यों में लागू उन कानूनों को संवैधानिक ठहराया जो ट्रांसजेंडर लड़कियों और महिलाओं को स्कूल-कॉलेज की महिला खेल टीमों में शामिल होने से रोकते हैं। दूसरे निर्णय में, इसी 6-3 के बहुमत से, अदालत ने ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को असंवैधानिक करार दिया जो अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रह रहे माता-पिता के यहाँ जन्मे बच्चों की स्वतः नागरिकता समाप्त करना चाहता था।

खेल प्रतिबंधों के पक्ष में बहुमत की राय लिखने वाले न्यायाधीश ब्रेट कवानॉ ने कहा कि राज्य 'जैविक महिलाओं के लिए महिला खेल' बनाए रख सकते हैं और पात्रता जैविक लिंग के आधार पर तय कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन और इन राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने तर्क दिया कि ये कानून निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। वहीं, अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) और लैम्ब्डा लीगल जैसे नागरिक अधिकार संगठनों ने इसे 'दिल तोड़ने वाला' बताया और कहा कि यह ट्रांसजेंडर युवाओं को बिना ठोस वैज्ञानिक आधार के अवसरों से वंचित करता है। उदारवादी न्यायाधीश सोनिया सोतोमयोर ने असहमति जताते हुए कहा कि बहुमत ने 'तथ्यों के बजाय धारणाओं पर फैसला सुनाया' और ट्रांसजेंडर छात्रों को संवैधानिक दलीलें पेश करने का पूरा मौका नहीं दिया।

जन्मजात नागरिकता के मामले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की ओर से लिखा कि 14वाँ संशोधन स्पष्ट रूप से अमेरिकी धरती पर जन्मे लगभग सभी बच्चों को नागरिकता देता है, चाहे उनके माता-पिता की आप्रवासन स्थिति कुछ भी हो। ट्रंप प्रशासन ने दलील दी थी कि 'अधिकार क्षेत्र के अधीन' वाक्यांश का अर्थ केवल स्थायी निवासियों के बच्चों तक सीमित है, लेकिन अदालत ने 1898 के वोंग किम आर्क मामले की मिसाल को दोहराते हुए इसे खारिज कर दिया। ट्रंप ने इस फैसले को 'देश के लिए बहुत बुरा' बताते हुए कांग्रेस से कानून बनाकर जन्मजात नागरिकता समाप्त करने का आग्रह किया, जबकि प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने संवैधानिक संशोधन की संभावना का संकेत दिया।

इन फैसलों के वैश्विक और भारतीय संदर्भ में भी महत्वपूर्ण प्रभाव हैं। जन्मजात नागरिकता बरकरार रहने से H-1B वीजा पर अमेरिका में कार्यरत लाखों भारतीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि ग्रीन कार्ड की दशकों लंबी प्रतीक्षा के दौरान वहाँ जन्मे उनके बच्चों की नागरिकता अब भी सुरक्षित है। दूसरी ओर, खेल प्रतिबंधों को मिली संवैधानिक मंजूरी से अमेरिका में ट्रांसजेंडर अधिकारों पर पहले से जारी कानूनी लड़ाई और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, जन्मजात नागरिकता पर कोई तत्काल विधायी कार्रवाई संभव नहीं दिखती, जबकि खेल प्रतिबंध अब 27 राज्यों में प्रभावी रूप से लागू रहेंगे और शेष राज्यों पर भी समान कानून बनाने का दबाव बढ़ेगा।

स्रोतों में मतभेद

न्याय और कानून · 10 स्रोत · 5 भाषाएँ

18%कम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक90%
न्यूनत्र10%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 5 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
लैटिन अमेरिकी प्रेसरूसी और सीआईएस प्रेस
लैटिन अमेरिकी प्रेस/ बोलिवेरियन / प्रगतिशील
विजयआक्रोशअत्यावश्यकता

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को करारा झटका देते हुए जन्म से नागरिकता को सीमित करने के उनके प्रयास को स्पष्ट रूप से असंवैधानिक घोषित कर दिया। 6-3 के मत से न्यायाधीशों ने 14वें संशोधन और अमेरिकी धरती पर जन्मे सभी लोगों के लिए नागरिकता के अधिकार की पुष्टि की, चाहे उनके माता-पिता की स्थिति कुछ भी हो। यह राष्ट्रपति के आप्रवासी विरोधी एजेंडे के लिए एक ऐतिहासिक हार है।

रूसी और सीआईएस प्रेस/ राजकीय
उदासीनताव्यावहारिकता

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के जन्म से नागरिकता को प्रतिबंधित करने वाले कार्यकारी आदेश को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया। 6-3 के निर्णय में पाया गया कि यह आदेश 14वें संशोधन का खंडन करता है, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे लोगों के लिए स्वचालित नागरिकता की दीर्घकालिक व्याख्या को बरकरार रखा गया।

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