
विश्व कप 2026: केन, टिलमैन और टाईलेमंस के दम पर इंग्लैंड, अमेरिका और बेल्जियम ने अंतिम-16 में जगह बनाई
हैरी केन के दो गोल, मलिक टिलमैन की शानदार फ्री-किक और यूरी टाईलेमंस के नाटकीय पेनल्टी ने तीनों टीमों को अगले दौर में पहुंचाया, जहां ऊंचाई और निलंबन जैसी चुनौतियां इंतजार कर रही हैं।
अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में बुधवार रात इंग्लैंड के खिलाफ कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य ने सातवें मिनट में ब्रायन सिपेंगा के गोल से चौंका दिया था, लेकिन कप्तान हैरी केन ने 75वें और 86वें मिनट में दो गोल कर टीम को 2-1 की जीत दिला दी। यह 1966 के फाइनल के बाद पहला मौका था जब इंग्लैंड ने विश्व कप के नॉकआउट मैच में पिछड़ने के बाद वापसी की। केन के इस प्रदर्शन ने उन्हें पेले (12 गोल) को पीछे छोड़ते हुए विश्व कप में 13 गोल तक पहुंचा दिया और गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेस्सी और किलियन एम्बाप्पे (6-6 गोल) के ठीक पीछे पांच गोल के साथ खड़ा कर दिया।
सिएटल में बेल्जियम ने इससे भी बड़ा कारनामा किया। सेनेगल ने हबीब डियारा (24वें मिनट) और इस्माइला सार (51वें) के गोल से 2-0 की बढ़त बना ली थी और 86वें मिनट तक यह स्कोर बरकरार था। तभी रोमेलू लुकाकू ने एक गोल किया और तीन मिनट बाद यूरी टाईलेमंस ने बराबरी का गोल दाग दिया। अतिरिक्त समय के 125वें मिनट में टाईलेमंस ने ही पेनल्टी पर गोल कर 3-2 की ऐतिहासिक जीत पक्की की। यह विश्व कप इतिहास का सबसे देर से किया गया विजयी गोल बना। अफ्रीकी मीडिया ने सेनेगल की रणनीतिक भूल को उजागर किया, जबकि यूरोपीय विश्लेषकों ने बेल्जियम की मानसिक मजबूती की सराहना की।
सैन फ्रांसिस्को खाड़ी क्षेत्र स्टेडियम में मेजबान अमेरिका ने बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हराया, लेकिन यह जीत विवादों से घिरी रही। फोलारिन बालोगुन ने पहले हाफ के अंत में गोल कर टीम को आगे किया, फिर 64वें मिनट में एक विवादास्पद लाल कार्ड के बाद मैदान से बाहर हो गए। वीएआर समीक्षा के बाद ब्राजीलियाई रेफरी राफेल क्लॉस ने यह कार्ड दिखाया, जिस पर अमेरिकी कोच मौरिसियो पोचेतिनो ने कहा कि यह “कभी लाल कार्ड नहीं था।” बालोगुन अब बेल्जियम के खिलाफ अंतिम-16 मुकाबले से निलंबित रहेंगे, क्योंकि फीफा नियमों के तहत अपील संभव नहीं है। इसके बावजूद, मलिक टिलमैन ने 82वें मिनट में शानदार फ्री-किक से स्कोर 2-0 किया और 2002 के बाद अमेरिका की पहली नॉकआउट जीत सुनिश्चित की।
अब तीनों टीमों के सामने अलग-अलग चुनौतियां हैं। इंग्लैंड को रविवार को मेक्सिको सिटी के एज़्टेका स्टेडियम में मेज़बान मेक्सिको से भिड़ना है, जो 2,240 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कोच थॉमस टूशेल ने इसे “बड़ा नुकसान” बताया क्योंकि टीम के पास अनुकूलन के लिए केवल चार दिन हैं। मेक्सिको ने अब तक कोई गोल नहीं खाया है और एज़्टेका में विश्व कप में कभी नहीं हारा। दूसरी ओर, अमेरिका को बालोगुन की अनुपस्थिति में बेल्जियम का सामना करना होगा, जो 2014 के विश्व कप के अंतिम-16 मुकाबले का बदला लेने का मौका होगा। बेल्जियम की टीम ने सेनेगल के खिलाफ जबरदस्त वापसी की है, लेकिन उसकी रक्षापंक्ति पर सवाल बने हुए हैं।
इन नतीजों ने विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण को रोमांचक बना दिया है। तीनों मेज़बान देश—अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको—अंतिम-16 में पहुंच चुके हैं, जो टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार हुआ है। अब सबकी निगाहें सोमवार को सिएटल में होने वाले अमेरिका-बेल्जियम मुकाबले और रविवार को एज़्टेका में इंग्लैंड-मेक्सिको की भिड़ंत पर टिकी हैं, जहां ऊंचाई, इतिहास और जुनून का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.10 | neutral |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
The World Cup is read through the lens of technology: the ball's chip ensures objective decisions, and the tournament continues with its matchups.
It shifts attention from sports drama to technical precision, presenting the controversy as an objective fact rather than a refereeing error.
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