
अमेरिका ने सीरिया को आतंकी प्रायोजक सूची से हटाने का निर्णय लिया, कांग्रेस की 45-दिवसीय समीक्षा शुरू
राष्ट्रपति ट्रंप ने अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान सीरियाई नेता अहमद अल-शरा से मुलाकात के बाद इस ऐतिहासिक कदम की घोषणा की, जिससे दशकों के प्रतिबंधों के बाद सीरिया के पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने सीरिया को आतंकवाद के राज्य प्रायोजकों की सूची से हटाने की औपचारिक प्रक्रिया आरंभ कर दी है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को कांग्रेस को इस निर्णय से अवगत कराया, जिसके बाद अब 45 दिनों की अनिवार्य विधायी समीक्षा होगी। यदि इस अवधि में कांग्रेस कोई आपत्ति नहीं उठाती, तो 1979 से लागू यह प्रतिबंधात्मक वर्गीकरण समाप्त हो जाएगा। इस कदम का सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश पर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिकी कानून के तहत इस सूची में शामिल देशों के साथ वित्तीय लेन-देन और रक्षा निर्यात पर कठोर पाबंदियां होती हैं।
यह घोषणा तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के इतर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के बीच हुई मुलाकात के तुरंत बाद आई। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि अल-शरा ने सीरिया को एकजुट करने में अविश्वसनीय कार्य किया है और वे सभी बाधाएं हटाना चाहते हैं जो देश के पुनर्निर्माण में रुकावट बन रही हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह निर्णय अल-शरा से प्राप्त औपचारिक आश्वासनों पर आधारित है कि सीरिया भविष्य में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का समर्थन नहीं करेगा। व्हाइट हाउस ने इसे सीरियाई जनता को महानता का अवसर देने वाला एक और ऐतिहासिक कदम बताया है।
विभिन्न क्षेत्रीय शक्तियों की प्रतिक्रियाएं इस निर्णय के भू-राजनीतिक आयामों को रेखांकित करती हैं। तुर्की, जो नई सीरियाई सरकार का प्रमुख समर्थक रहा है, ने अंकारा में इस बैठक की मेजबानी कर कूटनीतिक पहल को मजबूती दी। खाड़ी देशों, विशेषकर सऊदी अरब, ने पहले ही सीरिया के पुनर्निर्माण के लिए अरबों डॉलर के निवेश की योजना बनाई है, जो अब इस निर्णय से और गति पकड़ सकती है। दूसरी ओर, इज़राइली नीति निर्माताओं ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि वे सीरिया को एक ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्वी मानते हैं और दमिश्क की सैन्य क्षमताओं को लेकर सतर्क हैं। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके सहयोगियों पर प्रतिबंध जारी रहेंगे, साथ ही मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपियों और क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाले तत्वों पर भी पाबंदियां बरकरार रहेंगी।
यह निर्णय पिछले डेढ़ वर्ष में अमेरिका-सीरिया संबंधों में आए व्यापक बदलाव का हिस्सा है। दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद वाशिंगटन ने धीरे-धीरे प्रतिबंधों में ढील दी थी। नवंबर 2025 में अल-शरा को व्यक्तिगत रूप से अमेरिकी प्रतिबंध सूची से हटाया गया, जबकि कभी उनके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम था। पिछले महीने ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर सीरिया पर लगे अधिकांश आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया था और कुख्यात सीज़र अधिनियम को भी निरस्त कर दिया था। अमेरिकी विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवाद प्रायोजक सूची से हटाए जाने के बाद शेवरॉन और कोनोकोफिलिप्स जैसी बड़ी ऊर्जा कंपनियों के लिए सीरिया में निवेश का कानूनी मार्ग पूरी तरह साफ हो जाएगा।
अब सारी निगाहें कांग्रेस की 45-दिवसीय समीक्षा पर टिकी हैं। हालांकि दोनों दलों के कई सांसद पहले ही इस कदम का समर्थन कर चुके हैं, फिर भी कुछ विधायक अल-शरा के जिहादी अतीत और सीरिया में जारी सांप्रदायिक हिंसा की रिपोर्टों के मद्देनजर सवाल उठा सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि एक स्थिर, एकीकृत और अपने पड़ोसियों के साथ शांति से रहने वाला सीरिया न केवल क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के हित में है। यदि समीक्षा अवधि बिना किसी बाधा के पूरी होती है, तो सीरिया औपचारिक रूप से इस सूची से बाहर हो जाएगा, जिससे उसके वैश्विक वित्तीय प्रणाली में पुनः शामिल होने का अंतिम अवरोध दूर हो जाएगा।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +1.00 | aligned |
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सीरिया को आतंकवाद सूची से हटाना कूटनीति की जीत और देश के पुनर्वास में एक स्वाभाविक कदम है।
निर्णय को अल-शरा के सफल पुनर्वास और पुन: एकीकरण की अंतिम बाधा के तार्किक निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत करके, कथा इस कदम को सामान्य बनाती है और किसी भी संभावित जोखिम या विवाद को कम करती है।
कथा अल-शरा की पूर्व जिहादी लड़ाकू पृष्ठभूमि और दशकों पुरानी पदनाम के इतिहास को छोड़ देती है, जो निर्णय की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठा सकते हैं।
सीरिया को आतंकवाद सूची से हटाने का अमेरिकी निर्णय एक नियमित राजनयिक कार्रवाई है, जिसे बिना समर्थन या आलोचना के रिपोर्ट किया गया है।
पदनाम के ऐतिहासिक तथ्य और ट्रंप के सरल बयान पर ध्यान केंद्रित करके, रिपोर्ट कोई स्थिति लेने से बचती है और यह संकेत देती है कि निर्णय सामान्य है।
रिपोर्ट में अल-शरा की विवादास्पद पृष्ठभूमि या क्षेत्रीय स्थिरता के लिए व्यापक निहितार्थों का कोई उल्लेख नहीं है, जो अन्य ब्लॉकों के कवरेज में मौजूद हैं।
अल-शरा की पूर्व जिहादी पृष्ठभूमि को देखते हुए, सीरिया को आतंकवाद सूची से हटाने का अमेरिकी निर्णय संदिग्ध है।
अल-शरा के उग्रवादी अतीत का विवरण सम्मिलित करके, कथा सूक्ष्म रूप से सीरियाई नेता की वैधता और अमेरिकी कदम की बुद्धिमत्ता पर संदेह पैदा करती है।
कथा अल-शरा के पुनर्वास प्रयासों के सकारात्मक पहलुओं और इस कदम के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समर्थन को छोड़ देती है, जो अटलांटिका ब्लॉक में मौजूद हैं।
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