Edition of 10:00 CETमंगलवार, 30 जून 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 738 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
अंटार्कटिका में 40 साल बाद डायनासोर जीवाश्म की पहचान, दुनिया भर के संग्रहालयों में नई सोचपैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हराकर विश्व कप 2026 में रचा इतिहासरूस में ईंधन संकट: पुतिन ने स्वीकारी कमी, आयात और घटिया मानकों पर विचारवैश्विक भुगतान प्रणाली में आमूल बदलाव: स्टेबलकॉइन लेन-देन 28 ट्रिलियन डॉलर पार, कोलंबिया में ब्रे-बी ने एक अरब लेन-देन का आंकड़ा छुआSAS का 97 अरब क्रोनर का विमान ऑर्डर: कोपेनहेगन हब बना, स्वीडन पीछे छूटाजर्मनी का विश्व कप अभियान फिर नाकाम, पैराग्वे ने पेनल्टी पर हराया; नागल्समैन ने छोड़ने से इनकार कियाअमेरिका के 250वें जन्मदिन पर इतिहास की जंग: स्मारकों, संग्रहालयों और स्मृति पर संघर्षदस साल की ख़ामोशी टूटी: एंजेलिना जोली ने प्रेम पर की खुली बात, कारा डेलेविंगने ने भी कबूला पुराना रिश्ताअंटार्कटिका में 40 साल बाद डायनासोर जीवाश्म की पहचान, दुनिया भर के संग्रहालयों में नई सोचपैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हराकर विश्व कप 2026 में रचा इतिहासरूस में ईंधन संकट: पुतिन ने स्वीकारी कमी, आयात और घटिया मानकों पर विचारवैश्विक भुगतान प्रणाली में आमूल बदलाव: स्टेबलकॉइन लेन-देन 28 ट्रिलियन डॉलर पार, कोलंबिया में ब्रे-बी ने एक अरब लेन-देन का आंकड़ा छुआSAS का 97 अरब क्रोनर का विमान ऑर्डर: कोपेनहेगन हब बना, स्वीडन पीछे छूटाजर्मनी का विश्व कप अभियान फिर नाकाम, पैराग्वे ने पेनल्टी पर हराया; नागल्समैन ने छोड़ने से इनकार कियाअमेरिका के 250वें जन्मदिन पर इतिहास की जंग: स्मारकों, संग्रहालयों और स्मृति पर संघर्षदस साल की ख़ामोशी टूटी: एंजेलिना जोली ने प्रेम पर की खुली बात, कारा डेलेविंगने ने भी कबूला पुराना रिश्ता
भू-राजनीति और राजनीतिमंगलवार, 30 जून 2026

लेबनान-इज़राइल समझौता: हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर टिकी शर्तें, आंतरिक विभाजन गहराया

वाशिंगटन में हस्ताक्षरित रूपरेखा समझौते के तहत इज़राइली वापसी को सत्यापित निरस्त्रीकरण से जोड़ा गया है, जिसे हिज़्बुल्लाह ने अस्तित्वहीन करार दिया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में 26 जून 2026 को लेबनान और इज़राइल के बीच एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके साथ एक सुरक्षा अनुबंध का मसौदा भी लीक हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, यह समझौता लेबनानी सरकार को हिज़्बुल्लाह के प्रभुत्व से मुक्त होने और अपनी संप्रभुता बहाल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाने में सक्षम बनाएगा। लीक दस्तावेज़ों में दक्षिणी लीतानी क्षेत्र में एक ‘पायलट ज़ोन’ स्थापित करने का प्रावधान है, जहाँ चार चरणों—सफ़ाया, सत्यापन, लेबनानी सेना की तैनाती और पुनर्निर्माण—के ज़रिए ग़ैर-राज्य सशस्त्र समूहों के बुनियादी ढाँचे को नष्ट किया जाएगा। एक ‘सैन्य समन्वय समूह (MCG4L)’ चौबीसों घंटे निगरानी करेगा, और इज़राइल अपनी सेना में कटौती तभी करेगा जब सत्यापित रूप से निरस्त्रीकरण पूरा हो।

इस ढाँचे पर प्रतिक्रियाओं ने लेबनान के भीतर गहरे विभाजन को उजागर किया है। राष्ट्रपति जोसेफ़ औन ने इसे संप्रभुता की ओर पहला क़दम बताया, जबकि हिज़्बुल्लाह के महासचिव नईम क़ासिम ने इसे ‘अस्तित्वहीन’ और ‘संप्रभुता का समर्पण’ कहा। स्पीकर नबीह बेरी ने इसे ‘थोपी गई शर्तें’ बताते हुए कहा कि यह लागू नहीं होगा। हिज़्बुल्लाह के एक वरिष्ठ सूत्र ने तीन ‘ना’ की नीति स्पष्ट की: समझौते को मान्यता नहीं, सरकार से इस्तीफ़ा नहीं (हालाँकि यह विकल्प ख़ारिज नहीं), और सांप्रदायिक फ़ितने को रोकने की प्राथमिकता। वहीं, लेबनानी फोर्सेज़ और कताएब जैसे दलों ने इसका समर्थन करते हुए इसे राज्य की वापसी का अवसर बताया, जबकि लगभग बीस अन्य दल इसे ‘अपमानजनक समझौता’ मानते हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, समझौते की बुनियादी शर्त—हिज़्बुल्लाह का सत्यापित निरस्त्रीकरण—व्यावहारिक रूप से असंभव है, क्योंकि लेबनानी सेना के पास न तो क्षमता है और न ही सांप्रदायिक संतुलन इसे बलपूर्वक लागू करने की अनुमति देता है। लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स के फ़वाज़ गेरगेस ने इसे ‘जन्मतः मृत’ बताया, जबकि बेरूत स्थित विश्लेषक माइकल यंग ने चेताया कि यह गृहयुद्ध या शिया विद्रोह को जन्म दे सकता है। समझौते में यह भी प्रावधान है कि लेबनान इज़राइल के विरुद्ध युद्ध अपराधों के लिए क़ानूनी कार्रवाई नहीं करेगा, जिसे आलोचकों ने पीड़ितों के अधिकारों का हनन बताया है।

यह समझौता दो समानांतर कूटनीतिक धाराओं के बीच प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। एक ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व में ‘इस्लामाबाद ट्रैक’ है, जो ईरान को हिज़्बुल्लाह पर प्रभाव के कारण क्षेत्रीय फ़ाइलों में भूमिका देता है। दूसरी ओर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो का ‘वाशिंगटन ट्रैक’ है, जो इज़राइली वर्चस्व और हिज़्बुल्लाह को अलग-थलग कर निरस्त्रीकरण पर ज़ोर देता है। लेबनानी सरकार ने स्वयं को वाशिंगटन और तेल अवीव के साथ खड़ा कर लिया है, जिससे तटस्थता की उसकी पारंपरिक नीति कमज़ोर हुई है। इस बीच, UNIFIL के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न हैं; महासचिव ने बल की समाप्ति के बाद तीन विकल्प प्रस्तुत किए हैं, और फ़्रांस-इटली एक नई शांति सेना के गठन की पहल कर रहे हैं।

अगले क़दमों के तहत, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार आने वाले सप्ताहों में कार्य समूहों की बैठकें फिर शुरू होंगी, और सुरक्षा अनुबंध को अंतिम रूप दिया जाएगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कार्यान्वयन की तैयारियों पर चर्चा के लिए बेरूत का दौरा किया। हालाँकि, हिज़्बुल्लाह के स्पष्ट इनकार और संसदीय अनुमोदन की अनिवार्यता को देखते हुए, इस समझौते का ज़मीनी स्तर पर लागू होना फ़िलहाल अनिश्चित है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

28%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब खाड़ी प्रेसअरब लेवांत-मगरिब प्रेस
अरब खाड़ी प्रेस
व्यावहारिकताउदासीनता

ढांचागत समझौते को अमेरिका की मध्यस्थता वाला एक अवसर बताया गया है जिससे वैध लेबनानी सरकार हिजबुल्लाह के प्रभुत्व से मुक्त होकर पूर्ण संप्रभुता बहाल कर सके। आगामी कार्यसमूह बैठकों में परिचालन विवरण तय होंगे और भविष्य के सुरक्षा अनुबंध में गैर-राज्य सशस्त्र समूहों के क्रमिक निरस्त्रीकरण को स्पष्ट किया जाएगा। लहजा व्यावहारिक और आगे की ओर देखने वाला है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर जोर दिया गया है।

अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
संदेहचेतावनी

इस समझौते को गहरे संदेह के साथ देखा जा रहा है, क्योंकि यह हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर टिका है - एक ऐसी शर्त जिसे कोई भी लेबनानी सरकार लागू नहीं कर सकती। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यह समझौता संघर्ष को सुलझाने के बजाय स्थिर कर सकता है, जबकि आंतरिक लेबनानी विभाजन और इजरायली शर्तें अस्थिरता को लम्बा खींच सकती हैं। कथा एक थोपे गए समझौते की है, जिसमें स्थायी शांति में बहुत कम विश्वास है।

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

और पढ़ें
अंतिम समाचार
अंटार्कटिका में 40 साल बाद डायनासोर जीवाश्म की पहचान, दुनिया भर के संग्रहालयों में नई सोच·पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हराकर विश्व कप 2026 में रचा इतिहास·रूस में ईंधन संकट: पुतिन ने स्वीकारी कमी, आयात और घटिया मानकों पर विचार·वैश्विक भुगतान प्रणाली में आमूल बदलाव: स्टेबलकॉइन लेन-देन 28 ट्रिलियन डॉलर पार, कोलंबिया में ब्रे-बी ने एक अरब लेन-देन का आंकड़ा छुआ·SAS का 97 अरब क्रोनर का विमान ऑर्डर: कोपेनहेगन हब बना, स्वीडन पीछे छूटा·जर्मनी का विश्व कप अभियान फिर नाकाम, पैराग्वे ने पेनल्टी पर हराया; नागल्समैन ने छोड़ने से इनकार किया·अमेरिका के 250वें जन्मदिन पर इतिहास की जंग: स्मारकों, संग्रहालयों और स्मृति पर संघर्ष·दस साल की ख़ामोशी टूटी: एंजेलिना जोली ने प्रेम पर की खुली बात, कारा डेलेविंगने ने भी कबूला पुराना रिश्ता·अंटार्कटिका में 40 साल बाद डायनासोर जीवाश्म की पहचान, दुनिया भर के संग्रहालयों में नई सोच·पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हराकर विश्व कप 2026 में रचा इतिहास·रूस में ईंधन संकट: पुतिन ने स्वीकारी कमी, आयात और घटिया मानकों पर विचार·वैश्विक भुगतान प्रणाली में आमूल बदलाव: स्टेबलकॉइन लेन-देन 28 ट्रिलियन डॉलर पार, कोलंबिया में ब्रे-बी ने एक अरब लेन-देन का आंकड़ा छुआ·SAS का 97 अरब क्रोनर का विमान ऑर्डर: कोपेनहेगन हब बना, स्वीडन पीछे छूटा·जर्मनी का विश्व कप अभियान फिर नाकाम, पैराग्वे ने पेनल्टी पर हराया; नागल्समैन ने छोड़ने से इनकार किया·अमेरिका के 250वें जन्मदिन पर इतिहास की जंग: स्मारकों, संग्रहालयों और स्मृति पर संघर्ष·दस साल की ख़ामोशी टूटी: एंजेलिना जोली ने प्रेम पर की खुली बात, कारा डेलेविंगने ने भी कबूला पुराना रिश्ता·
अपडेट 06:44 am2 भाषाएँ · 7 स्रोत
पिछलाभू-राजनीति और राजनीतिअगला
7 स्रोत|2 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
मंगलवार, 30 जून 2026

लेबनान-इज़राइल समझौता: हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर टिकी शर्तें, आंतरिक विभाजन गहराया

वाशिंगटन में हस्ताक्षरित रूपरेखा समझौते के तहत इज़राइली वापसी को सत्यापित निरस्त्रीकरण से जोड़ा गया है, जिसे हिज़्बुल्लाह ने अस्तित्वहीन करार दिया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में 26 जून 2026 को लेबनान और इज़राइल के बीच एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके साथ एक सुरक्षा अनुबंध का मसौदा भी लीक हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, यह समझौता लेबनानी सरकार को हिज़्बुल्लाह के प्रभुत्व से मुक्त होने और अपनी संप्रभुता बहाल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाने में सक्षम बनाएगा। लीक दस्तावेज़ों में दक्षिणी लीतानी क्षेत्र में एक ‘पायलट ज़ोन’ स्थापित करने का प्रावधान है, जहाँ चार चरणों—सफ़ाया, सत्यापन, लेबनानी सेना की तैनाती और पुनर्निर्माण—के ज़रिए ग़ैर-राज्य सशस्त्र समूहों के बुनियादी ढाँचे को नष्ट किया जाएगा। एक ‘सैन्य समन्वय समूह (MCG4L)’ चौबीसों घंटे निगरानी करेगा, और इज़राइल अपनी सेना में कटौती तभी करेगा जब सत्यापित रूप से निरस्त्रीकरण पूरा हो।

इस ढाँचे पर प्रतिक्रियाओं ने लेबनान के भीतर गहरे विभाजन को उजागर किया है। राष्ट्रपति जोसेफ़ औन ने इसे संप्रभुता की ओर पहला क़दम बताया, जबकि हिज़्बुल्लाह के महासचिव नईम क़ासिम ने इसे ‘अस्तित्वहीन’ और ‘संप्रभुता का समर्पण’ कहा। स्पीकर नबीह बेरी ने इसे ‘थोपी गई शर्तें’ बताते हुए कहा कि यह लागू नहीं होगा। हिज़्बुल्लाह के एक वरिष्ठ सूत्र ने तीन ‘ना’ की नीति स्पष्ट की: समझौते को मान्यता नहीं, सरकार से इस्तीफ़ा नहीं (हालाँकि यह विकल्प ख़ारिज नहीं), और सांप्रदायिक फ़ितने को रोकने की प्राथमिकता। वहीं, लेबनानी फोर्सेज़ और कताएब जैसे दलों ने इसका समर्थन करते हुए इसे राज्य की वापसी का अवसर बताया, जबकि लगभग बीस अन्य दल इसे ‘अपमानजनक समझौता’ मानते हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, समझौते की बुनियादी शर्त—हिज़्बुल्लाह का सत्यापित निरस्त्रीकरण—व्यावहारिक रूप से असंभव है, क्योंकि लेबनानी सेना के पास न तो क्षमता है और न ही सांप्रदायिक संतुलन इसे बलपूर्वक लागू करने की अनुमति देता है। लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स के फ़वाज़ गेरगेस ने इसे ‘जन्मतः मृत’ बताया, जबकि बेरूत स्थित विश्लेषक माइकल यंग ने चेताया कि यह गृहयुद्ध या शिया विद्रोह को जन्म दे सकता है। समझौते में यह भी प्रावधान है कि लेबनान इज़राइल के विरुद्ध युद्ध अपराधों के लिए क़ानूनी कार्रवाई नहीं करेगा, जिसे आलोचकों ने पीड़ितों के अधिकारों का हनन बताया है।

यह समझौता दो समानांतर कूटनीतिक धाराओं के बीच प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। एक ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व में ‘इस्लामाबाद ट्रैक’ है, जो ईरान को हिज़्बुल्लाह पर प्रभाव के कारण क्षेत्रीय फ़ाइलों में भूमिका देता है। दूसरी ओर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो का ‘वाशिंगटन ट्रैक’ है, जो इज़राइली वर्चस्व और हिज़्बुल्लाह को अलग-थलग कर निरस्त्रीकरण पर ज़ोर देता है। लेबनानी सरकार ने स्वयं को वाशिंगटन और तेल अवीव के साथ खड़ा कर लिया है, जिससे तटस्थता की उसकी पारंपरिक नीति कमज़ोर हुई है। इस बीच, UNIFIL के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न हैं; महासचिव ने बल की समाप्ति के बाद तीन विकल्प प्रस्तुत किए हैं, और फ़्रांस-इटली एक नई शांति सेना के गठन की पहल कर रहे हैं।

अगले क़दमों के तहत, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार आने वाले सप्ताहों में कार्य समूहों की बैठकें फिर शुरू होंगी, और सुरक्षा अनुबंध को अंतिम रूप दिया जाएगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कार्यान्वयन की तैयारियों पर चर्चा के लिए बेरूत का दौरा किया। हालाँकि, हिज़्बुल्लाह के स्पष्ट इनकार और संसदीय अनुमोदन की अनिवार्यता को देखते हुए, इस समझौते का ज़मीनी स्तर पर लागू होना फ़िलहाल अनिश्चित है।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 7 स्रोत · 2 भाषाएँ

28%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक17%
निंदक83%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब खाड़ी प्रेसअरब लेवांत-मगरिब प्रेस
अरब खाड़ी प्रेस
व्यावहारिकताउदासीनता

ढांचागत समझौते को अमेरिका की मध्यस्थता वाला एक अवसर बताया गया है जिससे वैध लेबनानी सरकार हिजबुल्लाह के प्रभुत्व से मुक्त होकर पूर्ण संप्रभुता बहाल कर सके। आगामी कार्यसमूह बैठकों में परिचालन विवरण तय होंगे और भविष्य के सुरक्षा अनुबंध में गैर-राज्य सशस्त्र समूहों के क्रमिक निरस्त्रीकरण को स्पष्ट किया जाएगा। लहजा व्यावहारिक और आगे की ओर देखने वाला है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर जोर दिया गया है।

अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
संदेहचेतावनी

इस समझौते को गहरे संदेह के साथ देखा जा रहा है, क्योंकि यह हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर टिका है - एक ऐसी शर्त जिसे कोई भी लेबनानी सरकार लागू नहीं कर सकती। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यह समझौता संघर्ष को सुलझाने के बजाय स्थिर कर सकता है, जबकि आंतरिक लेबनानी विभाजन और इजरायली शर्तें अस्थिरता को लम्बा खींच सकती हैं। कथा एक थोपे गए समझौते की है, जिसमें स्थायी शांति में बहुत कम विश्वास है।

यह समाचार यहाँ छपा

7 स्रोत · 2 भाषाएँ

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

Economy & Markets से

रूस में ईंधन संकट: पुतिन ने स्वीकारी कमी, आयात और घटिया मानकों पर विचार

4 भाषाएँ · 14 स्रोत

Technology से

WhatsApp में अब बिना नंबर चैट: यूज़रनेम रिज़र्वेशन शुरू, भारतीय सीईओ ने दी जानकारी

10 भाषाएँ · 30 स्रोत

Science & Health से

मध्य अफ्रीकी गणराज्य में हैजा प्रकोप: 24 मौतें, वैश्विक यात्रा स्वास्थ्य चेतावनियाँ

4 भाषाएँ · 7 स्रोत

और पढ़ें