
बेल्जियम की ऐतिहासिक वापसी: सेनेगल को 3-2 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश
दो गोल से पिछड़ने के बाद बेल्जियम ने अतिरिक्त समय में नाटकीय पेनल्टी पर सेनेगल को हराकर विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
सिएटल के ल्यूमन फील्ड स्टेडियम में बुधवार रात फीफा विश्व कप 2026 के 32वें दौर का वो मुकाबला देखने को मिला जिसे फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी वापसी में गिना जाएगा। बेल्जियम ने सेनेगल को 3-2 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश किया, लेकिन यह जीत तब आई जब टीम 86वें मिनट तक 0-2 से पिछड़ रही थी। कप्तान यूरी तिलमैन्स ने अतिरिक्त समय के 120+5वें मिनट में विवादास्पद पेनल्टी को गोल में बदलकर 'रेड डेविल्स' को अगले दौर में पहुंचाया, जहां उनका सामना मेज़बान अमेरिका या बोस्निया-हर्ज़ेगोविना से होगा।
सेनेगल ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा और पहले हाफ में हबीब दियारा (25वें मिनट) के गोल से बढ़त ली। यह गोल सादियो माने के क्रॉस पर इस्माइला सर्र के हेडर के पोस्ट से टकराने के बाद रिबाउंड पर आया। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही सर्र ने मूसा नियाखाते की लंबी पास को सीने से नियंत्रित कर जोरदार शॉट से 2-0 कर दिया, जो इस टूर्नामेंट में उनका चौथा गोल था और किसी एक विश्व कप में किसी अफ्रीकी खिलाड़ी के सर्वाधिक गोल के रोजर मिला के रिकॉर्ड की बराबरी थी। बेल्जियम की रक्षापंक्ति बिखरी नज़र आ रही थी और टीम के भीतर तिलमैन्स और लिएंड्रो ट्रोसार्ड के बीच तीखी बहस भी हुई।
लेकिन कोच रूडी गार्सिया के बदलावों ने खेल पलट दिया। रोमेलू लुकाकू को हाफ-टाइम पर उतारा गया और 86वें मिनट में उन्होंने थॉमस म्यूनियर के क्रॉस को गोल में बदलकर स्कोर 1-2 किया। महज तीन मिनट बाद, गोलकीपर मोरी डियाव की खराब स्थिति का फायदा उठाकर तिलमैन्स ने ट्रोसार्ड के सेंटर पर हेडर से बराबरी दिला दी। इस तरह बेल्जियम ने चार मिनट के भीतर दो गोल कर मैच को अतिरिक्त समय में धकेल दिया।
अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ के अंतिम क्षणों में लैमिन कामारा ने तिलमैन्स को पेनल्टी एरिया में गिरा दिया। होंडुरस के रेफरी सैद मार्टिनेज़ ने वीएआर की लंबी समीक्षा के बाद पेनल्टी दी, जिस पर सेनेगल के खिलाड़ियों ने जमकर विरोध किया और पाथे सिस ने तो पेनल्टी स्पॉट पर लेटकर विलंब की कोशिश भी की। तिलमैन्स ने ठंडे दिमाग से गेंद को ऊपरी कोने में पहुंचाकर बेल्जियम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह विश्व कप इतिहास का सबसे देर से किया गया गोल (124:44 मिनट) बना।
यह जीत बेल्जियम की 'स्वर्णिम पीढ़ी' के लिए एक और मौका लेकर आई है, जो 2018 में जापान के खिलाफ भी 0-2 से पिछड़ने के बाद 3-2 से जीती थी। सेनेगल के कोच पापे थियाव ने हार को 'क्रूर' बताया और कहा कि उनकी टीम जीत की हकदार थी। लुकाकू ने बाद में स्वीकार किया कि वे मानसिक रूप से पेनल्टी लेने को तैयार नहीं थे, इसलिए तिलमैन्स ने जिम्मेदारी ली। अब बेल्जियम 6 जुलाई को सिएटल में ही प्री-क्वार्टर फाइनल खेलेगा, जबकि सेनेगल की टीम आंसुओं के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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बेल्जियम ने ग्रुप विजेता के रूप में नॉकआउट चरण में प्रवेश किया है और उससे आगे बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन सेनेगल के पलटवार का खतरा इस मुकाबले को तनावपूर्ण बना सकता है। यह मैच दोनों टीमों के लिए निर्णायक क्षण माना जा रहा है, जिसमें बेल्जियम जल्दी बाहर होने से बचना चाहता है।
बेल्जियम, जो ग्रुप का सबसे कमजोर विजेता है, उसका सामना सेनेगल से है, जो सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में सबसे कमजोर है, यह मैच नॉकआउट चरण तक पहुंचने के असमान रास्तों को रेखांकित करता है। अपने संघर्षों के बावजूद, दोनों टीमों के पास इस करो या मरो के मुकाबले में खुद को साबित करने का मौका है।
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