Edition of 10:00 CETरविवार, 5 जुलाई 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 424 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
ब्राजील, अर्जेंटीना और भारत में सप्ताहांत सड़क हादसे, 15 से अधिक की मौतख़ामेनेई की शवयात्रा में उमड़ी भीड़, अमेरिका-ईरान वार्ता एक सप्ताह रुकीचीन-रूस ने पीले सागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास शुरू किया, ताइवान ने कम्युनिस्ट विरोधी शिक्षा बहाल कीबॉलीवुड के दो अंतरंग उत्सव: एक सरप्राइज मेहंदी, एक सादी शादीचीन ने ट्रंप के अनुरोध पर भूमिगत चर्च पादरी एज्रा जिन को रिहा कियाहफ्ते में दो बार कसरत, दिल के दौरे का खतरा आधा: रोज़मर्रा की आदतें कैसे बदल सकती हैं सेहतगर्मी, तूफान और दोहराता ‘ट्रंप-ट्रंप’: 250 साल के अमेरिका का उबलता जन्मदिनजब AI करे शिकायतें और अभिभावक बनें ग्राहक: दुनिया भर में शिक्षकों से टूटता भरोसाब्राजील, अर्जेंटीना और भारत में सप्ताहांत सड़क हादसे, 15 से अधिक की मौतख़ामेनेई की शवयात्रा में उमड़ी भीड़, अमेरिका-ईरान वार्ता एक सप्ताह रुकीचीन-रूस ने पीले सागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास शुरू किया, ताइवान ने कम्युनिस्ट विरोधी शिक्षा बहाल कीबॉलीवुड के दो अंतरंग उत्सव: एक सरप्राइज मेहंदी, एक सादी शादीचीन ने ट्रंप के अनुरोध पर भूमिगत चर्च पादरी एज्रा जिन को रिहा कियाहफ्ते में दो बार कसरत, दिल के दौरे का खतरा आधा: रोज़मर्रा की आदतें कैसे बदल सकती हैं सेहतगर्मी, तूफान और दोहराता ‘ट्रंप-ट्रंप’: 250 साल के अमेरिका का उबलता जन्मदिनजब AI करे शिकायतें और अभिभावक बनें ग्राहक: दुनिया भर में शिक्षकों से टूटता भरोसा
न्याय और कानूनगुरुवार, 2 जुलाई 2026

इंडोनेशिया के आचे में टिकटॉक पर चुंबन प्रसारित करने पर युगल को सार्वजनिक रूप से बेंत मारे गए

शरिया अदालत ने अविवाहित जोड़े को 21-21 कोड़े लगाने की सज़ा सुनाई, जिसे कम से कम सौ लोगों ने देखा; मानवाधिकार संगठनों ने इसकी निंदा की है।

इंडोनेशिया के आचे प्रांत में एक शरिया अदालत ने बिना विवाह के टिकटॉक लाइवस्ट्रीम के दौरान चुंबन करने के दोषी एक 22 वर्षीय पुरुष और 25 वर्षीय महिला को सार्वजनिक रूप से 21-21 बेंत मारने की सज़ा दी। बांदा आचे के बुस्तानुस्सलातिन सिटी पार्क में बृहस्पतिवार को लबादा और हुड पहने अधिकारियों ने यह सज़ा दी, जिसे कम से कम सौ लोगों ने देखा। यह पहला मामला है जब प्रांत में सोशल मीडिया के ज़रिए शरिया उल्लंघन पर शारीरिक दंड दिया गया।

आचे की शरिया पुलिस के प्रमुख मुहम्मद रिज़ाल के अनुसार, यह जोड़ा “स्पष्ट रूप से इस्लामी शरिया का उल्लंघन” कर रहा था। स्थानीय निवासी ऐनी नधीरा ने इसे दूसरों के लिए सबक़ बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने की ज़रूरत है। वहीं, एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडोनेशिया के कार्यकारी निदेशक उस्मान हामिद ने इस सज़ा को “अत्यधिक” बताया और कहा कि ऐसा व्यवहार अनुचित भले ही हो, लेकिन इसके लिए क़ैद या बेंत मारना अपराध की श्रेणी में नहीं आना चाहिए। संगठन ने इसे क्रूर, अमानवीय और मानवीय गरिमा को गिराने वाला बताते हुए इसकी समाप्ति की माँग की है।

यह घटनाक्रम इंडोनेशिया के धर्मनिरपेक्ष संविधान और आचे की विशेष स्वायत्तता के बीच तनाव को रेखांकित करता है। केंद्र सरकार ने 2006 में अलगाववादी संघर्ष समाप्त करने के शांति समझौते के तहत प्रांत को धार्मिक क़ानून लागू करने का अधिकार दिया था, जिसे 2015 में ग़ैर-मुस्लिमों पर भी लागू कर दिया गया। अब यह क़ानून डिजिटल अभिव्यक्ति तक फैल गया है, जहाँ व्यभिचार, समलैंगिक संबंध, जुआ, शराब पीने और स्त्रियों के तंग कपड़े पहनने जैसे मामलों में 100 कोड़े तक की सज़ा का प्रावधान है।

दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य में, यह मामला धार्मिक क़ानूनों और डिजिटल निगरानी के अंतर्संबंध को सामने लाता है। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में ईशनिंदा क़ानूनों के तहत सोशल मीडिया सामग्री पर कार्रवाई होती रही है, लेकिन आचे का यह पहला मामला है जहाँ लाइवस्ट्रीम पर निजी पल साझा करने पर शारीरिक दंड दिया गया। इंडोनेशिया ने अमानवीय दंडों के उन्मूलन से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय संधि की पुष्टि की है, फिर भी आचे में सार्वजनिक बेंत मारने की प्रथा जारी है।

फ़िलहाल सज़ा पूरी हो चुकी है और अदालत ने सबूत के तौर पर मोबाइल फ़ोन व यूएसबी ड्राइव ज़ब्त कर नष्ट करने का आदेश दिया है। अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बावजूद आचे प्रशासन ने क़ानून में बदलाव का कोई संकेत नहीं दिया है, जबकि मानवाधिकार संगठन इस प्रथा को समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ा रहे हैं।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ

29%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेसमहाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ प्रगतिशील
आक्रोशचेतावनी

TikTok पर चुंबन के लिए एक युवा जोड़े की सार्वजनिक कोड़े मारना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और बढ़ती धर्मतंत्र का संकेत है। आचे की शरिया स्वायत्तता का उपयोग मध्ययुगीन दंडों को सही ठहराने के लिए किया जाता है जिनका आधुनिक दुनिया में कोई स्थान नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इसकी निंदा करनी चाहिए और इंडोनेशिया पर बुनियादी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दबाव डालना चाहिए।

महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस/ भूमध्यसागरीय
संदेहउदासीनता

आचे में कोड़े मारने से स्थानीय स्वायत्तता और सार्वभौमिक मानवाधिकारों के बीच संतुलन पर सवाल उठते हैं। इंडोनेशिया के विकेंद्रीकरण का सम्मान करते हुए, ऐसी सजाएं असंगत और प्रतिकूल लगती हैं। सीधी निंदा के बजाय कानूनी और सांस्कृतिक विश्लेषण की आवश्यकता है।

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

और पढ़ें
अंतिम समाचार
ब्राजील, अर्जेंटीना और भारत में सप्ताहांत सड़क हादसे, 15 से अधिक की मौत·ख़ामेनेई की शवयात्रा में उमड़ी भीड़, अमेरिका-ईरान वार्ता एक सप्ताह रुकी·चीन-रूस ने पीले सागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास शुरू किया, ताइवान ने कम्युनिस्ट विरोधी शिक्षा बहाल की·बॉलीवुड के दो अंतरंग उत्सव: एक सरप्राइज मेहंदी, एक सादी शादी·चीन ने ट्रंप के अनुरोध पर भूमिगत चर्च पादरी एज्रा जिन को रिहा किया·हफ्ते में दो बार कसरत, दिल के दौरे का खतरा आधा: रोज़मर्रा की आदतें कैसे बदल सकती हैं सेहत·गर्मी, तूफान और दोहराता ‘ट्रंप-ट्रंप’: 250 साल के अमेरिका का उबलता जन्मदिन·जब AI करे शिकायतें और अभिभावक बनें ग्राहक: दुनिया भर में शिक्षकों से टूटता भरोसा·ब्राजील, अर्जेंटीना और भारत में सप्ताहांत सड़क हादसे, 15 से अधिक की मौत·ख़ामेनेई की शवयात्रा में उमड़ी भीड़, अमेरिका-ईरान वार्ता एक सप्ताह रुकी·चीन-रूस ने पीले सागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास शुरू किया, ताइवान ने कम्युनिस्ट विरोधी शिक्षा बहाल की·बॉलीवुड के दो अंतरंग उत्सव: एक सरप्राइज मेहंदी, एक सादी शादी·चीन ने ट्रंप के अनुरोध पर भूमिगत चर्च पादरी एज्रा जिन को रिहा किया·हफ्ते में दो बार कसरत, दिल के दौरे का खतरा आधा: रोज़मर्रा की आदतें कैसे बदल सकती हैं सेहत·गर्मी, तूफान और दोहराता ‘ट्रंप-ट्रंप’: 250 साल के अमेरिका का उबलता जन्मदिन·जब AI करे शिकायतें और अभिभावक बनें ग्राहक: दुनिया भर में शिक्षकों से टूटता भरोसा·
अपडेट 05:14 pm3 भाषाएँ · 4 स्रोत
पिछलान्याय और कानूनअगला
4 स्रोत|3 भाषाएँ|3 मिनट पढ़ना
गुरुवार, 2 जुलाई 2026

इंडोनेशिया के आचे में टिकटॉक पर चुंबन प्रसारित करने पर युगल को सार्वजनिक रूप से बेंत मारे गए

शरिया अदालत ने अविवाहित जोड़े को 21-21 कोड़े लगाने की सज़ा सुनाई, जिसे कम से कम सौ लोगों ने देखा; मानवाधिकार संगठनों ने इसकी निंदा की है।

इंडोनेशिया के आचे प्रांत में एक शरिया अदालत ने बिना विवाह के टिकटॉक लाइवस्ट्रीम के दौरान चुंबन करने के दोषी एक 22 वर्षीय पुरुष और 25 वर्षीय महिला को सार्वजनिक रूप से 21-21 बेंत मारने की सज़ा दी। बांदा आचे के बुस्तानुस्सलातिन सिटी पार्क में बृहस्पतिवार को लबादा और हुड पहने अधिकारियों ने यह सज़ा दी, जिसे कम से कम सौ लोगों ने देखा। यह पहला मामला है जब प्रांत में सोशल मीडिया के ज़रिए शरिया उल्लंघन पर शारीरिक दंड दिया गया।

आचे की शरिया पुलिस के प्रमुख मुहम्मद रिज़ाल के अनुसार, यह जोड़ा “स्पष्ट रूप से इस्लामी शरिया का उल्लंघन” कर रहा था। स्थानीय निवासी ऐनी नधीरा ने इसे दूसरों के लिए सबक़ बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने की ज़रूरत है। वहीं, एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडोनेशिया के कार्यकारी निदेशक उस्मान हामिद ने इस सज़ा को “अत्यधिक” बताया और कहा कि ऐसा व्यवहार अनुचित भले ही हो, लेकिन इसके लिए क़ैद या बेंत मारना अपराध की श्रेणी में नहीं आना चाहिए। संगठन ने इसे क्रूर, अमानवीय और मानवीय गरिमा को गिराने वाला बताते हुए इसकी समाप्ति की माँग की है।

यह घटनाक्रम इंडोनेशिया के धर्मनिरपेक्ष संविधान और आचे की विशेष स्वायत्तता के बीच तनाव को रेखांकित करता है। केंद्र सरकार ने 2006 में अलगाववादी संघर्ष समाप्त करने के शांति समझौते के तहत प्रांत को धार्मिक क़ानून लागू करने का अधिकार दिया था, जिसे 2015 में ग़ैर-मुस्लिमों पर भी लागू कर दिया गया। अब यह क़ानून डिजिटल अभिव्यक्ति तक फैल गया है, जहाँ व्यभिचार, समलैंगिक संबंध, जुआ, शराब पीने और स्त्रियों के तंग कपड़े पहनने जैसे मामलों में 100 कोड़े तक की सज़ा का प्रावधान है।

दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य में, यह मामला धार्मिक क़ानूनों और डिजिटल निगरानी के अंतर्संबंध को सामने लाता है। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में ईशनिंदा क़ानूनों के तहत सोशल मीडिया सामग्री पर कार्रवाई होती रही है, लेकिन आचे का यह पहला मामला है जहाँ लाइवस्ट्रीम पर निजी पल साझा करने पर शारीरिक दंड दिया गया। इंडोनेशिया ने अमानवीय दंडों के उन्मूलन से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय संधि की पुष्टि की है, फिर भी आचे में सार्वजनिक बेंत मारने की प्रथा जारी है।

फ़िलहाल सज़ा पूरी हो चुकी है और अदालत ने सबूत के तौर पर मोबाइल फ़ोन व यूएसबी ड्राइव ज़ब्त कर नष्ट करने का आदेश दिया है। अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बावजूद आचे प्रशासन ने क़ानून में बदलाव का कोई संकेत नहीं दिया है, जबकि मानवाधिकार संगठन इस प्रथा को समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ा रहे हैं।

स्रोतों में मतभेद

न्याय और कानून · 4 स्रोत · 3 भाषाएँ

29%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

न्यूनत्र11%
निंदक89%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेसमहाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ प्रगतिशील
आक्रोशचेतावनी

TikTok पर चुंबन के लिए एक युवा जोड़े की सार्वजनिक कोड़े मारना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और बढ़ती धर्मतंत्र का संकेत है। आचे की शरिया स्वायत्तता का उपयोग मध्ययुगीन दंडों को सही ठहराने के लिए किया जाता है जिनका आधुनिक दुनिया में कोई स्थान नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इसकी निंदा करनी चाहिए और इंडोनेशिया पर बुनियादी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दबाव डालना चाहिए।

महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस/ भूमध्यसागरीय
संदेहउदासीनता

आचे में कोड़े मारने से स्थानीय स्वायत्तता और सार्वभौमिक मानवाधिकारों के बीच संतुलन पर सवाल उठते हैं। इंडोनेशिया के विकेंद्रीकरण का सम्मान करते हुए, ऐसी सजाएं असंगत और प्रतिकूल लगती हैं। सीधी निंदा के बजाय कानूनी और सांस्कृतिक विश्लेषण की आवश्यकता है।

यह समाचार यहाँ छपा

4 स्रोत · 3 भाषाएँ

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

Geopolitics & Politics से

अली ख़ामेनेई का सप्ताहव्यापी अंतिम संस्कार शुरू: ईरान की शक्ति प्रदर्शन की कोशिश, नए नेतृत्व पर सवाल

10 भाषाएँ · 48 स्रोत

Economy & Markets से

वैश्विक ऑटो बाजार में दोहरी चाल: इंडोनेशिया में नीतिगत अनिश्चितता, ब्राजील और रूस में मजबूत वृद्धि

4 भाषाएँ · 10 स्रोत

Technology से

AI का तेज़ विस्तार, सरकारें पीछे: संतुलित उपयोग और नियमन की चुनौती

7 भाषाएँ · 8 स्रोत

और पढ़ें