
चीन-रूस ने पीले सागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास शुरू किया, ताइवान ने कम्युनिस्ट विरोधी शिक्षा बहाल की
बीजिंग और मॉस्को के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग के बीच ताइपे ने स्नातक सैन्य अधिकारियों के लिए ‘मित्र-शत्रु’ की पहचान कराने वाली कक्षाएं पुनः आरंभ की हैं।
चीन के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि चीनी और रूसी नौसेनाएं इस माह पीले सागर और क्विंगदाओ के निकट वायु क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगी। मंत्रालय के अनुसार यह वार्षिक अभ्यास ‘सुरक्षा चुनौतियों का संयुक्त रूप से सामना करने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने’ के लिए है। अभ्यास के बाद दोनों देशों की कुछ सेनाएं प्रशांत महासागर में संयुक्त गश्त करेंगी। रूसी प्रशांत बेड़े के जहाज पहले ही क्विंगदाओ बंदरगाह पहुंच चुके हैं, जिनमें क्रूजर ‘वारयाग’, कोरवेट ‘रेजकी’ और पनडुब्बी ‘ऊफा’ शामिल हैं।
इसी दौरान ताइवान ने चीन की समुद्री गश्त को अवैध बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। ताइवान की मुख्य भूमि मामलों की परिषद ने कहा कि ताइवान के पूर्वी जल क्षेत्र में चीन का कोई संप्रभु अधिकार नहीं है और ये कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। इसके साथ ही ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने 24 वर्षों के अंतराल के बाद अपनी सैन्य अकादमी के स्नातकों के लिए ‘कम्युनिस्ट विरोधी’ देशभक्ति कक्षाएं फिर से शुरू की हैं। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि चीन से बढ़ते सैन्य खतरे और घुसपैठ की आशंकाओं के कारण यह कदम उठाया गया है ताकि स्नातकों में ‘मित्र और शत्रु की स्पष्ट पहचान’ स्थापित हो सके।
पृष्ठभूमि में ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बढ़ा है। चीन ताइवान को अपना प्रांत मानता है और उसने बल प्रयोग का विकल्प कभी नहीं छोड़ा है। ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अनुसार, हाल ही में ताइवान के चारों ओर 110 से अधिक चीनी सैन्य और तटरक्षक जहाज तैनात देखे गए, जो एक रिकॉर्ड है। चीन के तटरक्षक बलों ने ताइवान के पूर्वी तट पर नई ‘कानून प्रवर्तन गश्त’ शुरू की है, जिसे ताइपे ने अवैध विस्तार बताया है। इसके अलावा, चीन के नए ‘जातीय एकता कानून’ ने ताइवान समर्थक बयानों को भी दंडनीय बना दिया है, जिससे शैक्षणिक और मनोरंजन जगत में आदान-प्रदान जटिल हो गए हैं।
चीन-रूस का यह संयुक्त अभ्यास अमेरिका के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। दोनों देशों की वायु सेनाएं पहले ही जून में जापान सागर और पूर्वी चीन सागर में 11वीं संयुक्त रणनीतिक गश्त कर चुकी हैं। पश्चिमी रक्षा विश्लेषकों का आकलन है कि यह सहयोग रूस की यूक्रेन युद्ध में फंसने के बावजूद दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते रक्षा संबंधों को दर्शाता है। अमेरिकी-चीनी सैन्य संवाद चैनल अवरुद्ध हैं, और बीजिंग ने वाशिंगटन से ताइवान मुद्दे पर ‘अधिकतम सावधानी’ बरतने का आग्रह किया है।
6 से 13 जुलाई निर्धारित यह अभ्यास ‘मोर्सकोए वजाइमोदेएस्त्वी-2026’ नाम से होगा, जिसमें पनडुब्बी-रोधी, वायु-रक्षा और संयुक्त तोपखाने अभ्यास शामिल हैं। इसके बाद प्रशांत महासागर में संयुक्त गश्त होगी। ताइवान ने अपने जल क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की चेतावनी दी है और लोकतांत्रिक साझेदारों के साथ मिलकर नौवहन स्वतंत्रता बनाए रखने का संकल्प जताया है। फिलहाल संकट के समय त्वरित प्रतिक्रिया के लिए परिचालन-स्तरीय संचार चैनलों की आवश्यकता पर कोई सहमति नहीं बनी है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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The Russian and Chinese navies conduct routine annual exercises off Qingdao, aimed at strengthening cooperation and jointly countering security challenges. The drills are followed by a joint patrol in the Pacific, demonstrating the strategic partnership between the two countries.
China and Russia hold joint naval drills near Qingdao as part of annual military cooperation to address security challenges. The exercises are a normal part of the strategic partnership and will be followed by Pacific patrols.
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