
आमिर-गौरी की शादी: एक कमरे में सिमटा पूरा आसमान और हाथ को चूमता एक वादा
मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में आमिर खान और गौरी स्प्रैट ने सादगी से शादी कर एक ऐसी तस्वीर पेश की, जहाँ चमक-दमक से ज़्यादा परिवार के बीच लिए गए वचन नज़र आए।
गौरी स्प्रैट ने आमिर खान की आँखों में देखा और कहा, 'मैं, गौरी स्प्रैट, आमिर खान को, अपना रक्षक, अपना आश्रय, अपना वैध पति मानती हूँ।' ये शब्द किसी फिल्म के डायलॉग नहीं, बल्कि बांद्रा स्थित आमिर के घर के एक कमरे में गूँजे, जहाँ परिवार और कुछ चुनिंदा दोस्तों के सामने गौरी ने अपनी शादी की शपथ ली। जैसे ही उन्होंने बोलना खत्म किया, आमिर ने झुककर उनका हाथ चूम लिया। वहाँ मौजूद लोगों की तालियों के बीच ये खामोश इशारा इस बात का गवाह बना कि ये शादी किसी बड़े आयोजन का शोर नहीं, बल्कि एक निजी अभयारण्य की तलाश थी।
5 जुलाई की दोपहर को हुई ये शादी महज एक कानूनी रजिस्ट्री थी, लेकिन इसने बॉलीवुड की चकाचौंध से इतर एक अलग कहानी कही। कोई स्टेज नहीं, कोई भव्य सजावट नहीं; बस एक लकड़ी की मेज़ पर दस्तखत और पीछे सोफे पर बैठे बुज़ुर्ग। आमिर ने सफेद बंदगला और धोती पहनी थी, गौरी ने आइवरी लहंगे के साथ परंपरागत आभूषण चुने। लेकिन सबसे अनोखी बात थी दूल्हा-दुल्हन के आसपास खड़े बच्चे: आमिर के तीनों बच्चे—जुनैद, इरा, और आज़ाद—और गौरी का अपना बेटा। इनमें से एक बच्चा तो फ़ुटबॉल जर्सी पहने हस्ताक्षर होते देख रहा था, मानो ये कोई घरेलू पल हो, न कि किसी सुपरस्टार की तीसरी शादी।
ये शादी महज़ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो अतीतों और वर्तमानों का संगम थी। आमिर की पहली पत्नी रीना दत्ता और दूसरी पत्नी किरण राव तो इस मौके पर नहीं आईं, लेकिन तीनों के बीच का सौहार्द कोई राज नहीं। वे साथ मिलकर बच्चों की परवरिश करते हैं, पानी फ़ाउंडेशन चलाते हैं, और यहाँ तक कि शादी का खाना किसी कैटरर ने नहीं, बल्कि बच्चों ने मिलकर तय किया। सलमान खान ने एक बार मज़ाक किया था कि 'जब तक आमिर शादी को एकदम परफेक्ट नहीं बना लेते, वो करते रहेंगे।' लेकिन बांद्रा के इस लिविंग रूम में परफेक्शन की जगह सादगी ने ले ली थी—वो सादगी जिसमें 25 साल पहले शुरू हुई दोस्ती, दो साल पहले खिले प्यार और फिर एक साझा ज़िंदगी का फ़ैसला छिपा था।
जैसे ही शादी की पहली तस्वीर सामने आई, सोशल मीडिया पर एक अलग तरह की गर्माहट फैल गई। क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें आमिर और गौरी की पहली डांस की झलक थी—कोई कोरियोग्राफ़ नहीं, बस एक-दूसरे को थामे झूमते कदम। लेखा वाशिंगटन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में वो पल क़ैद किया जब गौरी ने आमिर को 'अपना आश्रय' कहा। ये कोई फिल्मी प्रीमियर नहीं था, लेकिन इसने दर्शकों को उसी तरह बाँध लिया। उसी दिन अंशुला कपूर की मेहंदी की रस्म हुई, और प्रिथ्वी शॉ की मंगेतर के क्रिप्टिक पोस्ट वायरल हुए—मानो ये जुलाई का हफ़्ता बॉलीवुड के दिल के धड़कने की आवाज़ था।
शाम ढले जब आमिर अपने घर के बाहर आए, बारिश से भीगी सड़क पर मीडिया को हाथ जोड़कर अभिवादन किया, तो उनके चेहरे पर एक शांति थी। वो सफ़ेद कुर्ते और धोती में बिना किसी दिखावे के खड़े थे, जैसे कोई आम आदमी अपनी नई शुरुआत की दुआ माँग रहा हो। अंदर जाकर उन्होंने राज ठाकरे को विदा किया और फिर शायद उसी कमरे में लौट गए, जहाँ कुछ घंटे पहले उन्होंने एक हाथ को चूमकर पूरे आसमान को अपने आँगन में उतार लिया था।
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