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खेलसोमवार, 29 जून 2026

विश्व कप 2026 की 'गिलोटिन' से सऊदी फुटबॉल प्रमुख की कुर्बानी, कई दिग्गज बाहर

सऊदी अरब के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद यासर अल-मिसहल ने इस्तीफा दिया, इटली और दक्षिण कोरिया के प्रमुख भी जा चुके हैं।

सऊदी अरब की 'ग्रीन फाल्कन्स' के लिए 2026 विश्व कप ग्रुप एच में दो ड्रॉ और एक बड़ी हार के साथ खत्म हुआ, और इसके कुछ ही घंटों बाद फेडरेशन अध्यक्ष यासर अल-मिसहल ने इस्तीफे की घोषणा कर दी। टीम ने उरुग्वे से 1-1 और केप वर्डे से 0-0 का ड्रॉ खेला, लेकिन स्पेन के खिलाफ 0-4 की करारी शिकस्त ने उनकी उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया। अंतिम ग्रुप मैच में केप वर्डे के खिलाफ जीत जरूरी थी, मगर गोलरहित ड्रॉ ने सऊदी अरब को दो अंकों के साथ ग्रुप में सबसे नीचे पहुंचा दिया। अल-मिसहल ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'राष्ट्रीय टीम का अगले दौर में न पहुंचना हमारी सभी महत्वाकांक्षाओं से कम है, और मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।'

यह इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्तिगत जवाबदेही नहीं थी, बल्कि सऊदी फुटबॉल के विशाल निवेश और 2034 विश्व कप की मेजबानी की तैयारियों के बीच एक बड़ा झटका है। पिछले तीन वर्षों में राजशाही ने फुटबॉल पर लगभग दो अरब डॉलर खर्च कर क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार और करीम बेंजेमा जैसे सितारों को सऊदी प्रो लीग में शामिल किया। अल-मिसहल के सात साल के कार्यकाल में देश ने 2034 विश्व कप की मेजबानी हासिल की, लेकिन मैदान पर नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। मार्च में मैत्री मुकाबलों में खराब प्रदर्शन के बाद फ्रांसीसी कोच हर्वे रेनार को पहले ही हटाया जा चुका था, जो रॉबर्टो मांचिनी की जगह दोबारा लौटे थे। 1994 में पहली बार अंतिम-16 में पहुंचने के बाद से सऊदी अरब कभी ग्रुप चरण पार नहीं कर सका।

मगर यह 'गिलोटिन' सिर्फ रियाद तक सीमित नहीं रही। मध्य पूर्वी और यूरोपीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही इटली के फेडरेशन अध्यक्ष गैब्रिएल ग्रेविना को लगातार तीसरी बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई न कर पाने के कारण इस्तीफा देना पड़ा, जिसे इतालवी प्रेस ने 'तीसरा प्रलय' करार दिया। दक्षिण कोरिया के प्रमुख मोंग ग्यू चुंग ने 13 साल के कार्यकाल के बाद टूर्नामेंट के बाद पद छोड़ने की घोषणा की। कोचिंग स्तर पर भी भूचाल आया: ट्यूनीशिया ने स्वीडन से 1-5 की ऐतिहासिक हार के बाद सबरी लामौची को निकाला, स्कॉटलैंड के स्टीव क्लार्क और दक्षिण कोरिया के होंग म्युंग-बो ने इस्तीफा दिया, जबकि उरुग्वे के मार्सेलो बिएल्सा ने भावुक विदाई लेते हुए कहा, 'मैं दुखी हूं क्योंकि आपने मुझे अकेला छोड़ दिया।'

पनामा के थॉमस क्रिस्टियनसेन का भविष्य अंधकार में है क्योंकि टीम बिना किसी अंक या गोल के बाहर हुई, जबकि हैती के सेबेस्टियन मिग्ने की स्थिति समीक्षाधीन है। दक्षिण अफ्रीका के 74 वर्षीय ह्यूगो ब्रूस ने कनाडा के खिलाफ अंतिम क्षणों में गोल खाकर बाहर होने के बाद संन्यास की योजना पर पुनर्विचार का संकेत दिया, क्योंकि 'बाफाना बाफाना' पहली बार नॉकआउट में पहुंची थी। तुर्की के विंचेंजो मोंटेला ने इस्तीफे से इनकार किया, जबकि इराक के ग्राहम अर्नोल्ड 2030 तक नए अनुबंध की ओर बढ़ रहे हैं। कुराकाओ के डिक एडवोकेट ने बेटी के कैंसर से उबरने के बाद टीम को पहले विश्व कप में पहुंचाया, लेकिन जर्मनी से भारी हार के साथ विदाई ली।

48 टीमों वाले इस पहले विश्व कप में 104 मैचों का दबाव हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रहा है। 1/16 फाइनल की शुरुआत के साथ ही अब निगाहें उन टीमों पर होंगी जो अभी भी टूर्नामेंट में बनी हुई हैं, क्योंकि यह 'गिलोटिन' किसी भी अगले बड़े नाम को निगलने के लिए तैयार खड़ी है।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ

46%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसउप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
विजयव्यावहारिकता

The Levant and Maghreb press celebrates Paraguay's victory over Germany as a national triumph, highlighting the government's festive reaction and the people's pride. The focus is on patriotic pride and resilience, not on the negative consequences for the defeated.

उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस/ अंग्रेज़ीभाषी
उदासीनतासंदेह

The Anglophone sub-Saharan press reports the resignation of South Korea's coach after World Cup elimination, with detached and slightly critical tones toward his management. The focus is on disappointing results and unmet expectations.

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खिलौनों की वापसी, संगीत की भंगिमा: क्या बीता कल ही आज का सितारा बनता है?·किम जोंग उन ने नए विध्वंसक से परमाणु-सक्षम क्रूज मिसाइल परीक्षण देखा, दो माह में बेड़े में शामिल करने का आदेश·रियल मैड्रिड ने डमफ्रीज़ को 2030 तक अनुबंधित किया, दाएं बैक में नई प्रतिस्पर्धा·एमबाप्पे का पराग्वे पर तंज: 'हम गंदा खेल भी जानते हैं', फ्रांस क्वार्टर फाइनल में·अगले दौर की अमेरिका-ईरान वार्ता 11 जुलाई को इस्लामाबाद में होने की संभावना·हूती हमले में 14 यमनी सैनिकों की मौत, युद्धविराम के बाद सबसे बड़ी झड़प·इज़राइली मंत्री ने की पुष्टि: ईरान युद्ध के दौरान UAE में तैनात की गई आयरन डोम प्रणाली·जर्मनी में एएफडी का अधिवेशन: विरोध-प्रदर्शनों के बीच नेतृत्व पुनर्निर्वाचित, राज्य चुनावों पर नज़र·खिलौनों की वापसी, संगीत की भंगिमा: क्या बीता कल ही आज का सितारा बनता है?·किम जोंग उन ने नए विध्वंसक से परमाणु-सक्षम क्रूज मिसाइल परीक्षण देखा, दो माह में बेड़े में शामिल करने का आदेश·रियल मैड्रिड ने डमफ्रीज़ को 2030 तक अनुबंधित किया, दाएं बैक में नई प्रतिस्पर्धा·एमबाप्पे का पराग्वे पर तंज: 'हम गंदा खेल भी जानते हैं', फ्रांस क्वार्टर फाइनल में·अगले दौर की अमेरिका-ईरान वार्ता 11 जुलाई को इस्लामाबाद में होने की संभावना·हूती हमले में 14 यमनी सैनिकों की मौत, युद्धविराम के बाद सबसे बड़ी झड़प·इज़राइली मंत्री ने की पुष्टि: ईरान युद्ध के दौरान UAE में तैनात की गई आयरन डोम प्रणाली·जर्मनी में एएफडी का अधिवेशन: विरोध-प्रदर्शनों के बीच नेतृत्व पुनर्निर्वाचित, राज्य चुनावों पर नज़र·
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सोमवार, 29 जून 2026

विश्व कप 2026 की 'गिलोटिन' से सऊदी फुटबॉल प्रमुख की कुर्बानी, कई दिग्गज बाहर

सऊदी अरब के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद यासर अल-मिसहल ने इस्तीफा दिया, इटली और दक्षिण कोरिया के प्रमुख भी जा चुके हैं।

सऊदी अरब की 'ग्रीन फाल्कन्स' के लिए 2026 विश्व कप ग्रुप एच में दो ड्रॉ और एक बड़ी हार के साथ खत्म हुआ, और इसके कुछ ही घंटों बाद फेडरेशन अध्यक्ष यासर अल-मिसहल ने इस्तीफे की घोषणा कर दी। टीम ने उरुग्वे से 1-1 और केप वर्डे से 0-0 का ड्रॉ खेला, लेकिन स्पेन के खिलाफ 0-4 की करारी शिकस्त ने उनकी उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया। अंतिम ग्रुप मैच में केप वर्डे के खिलाफ जीत जरूरी थी, मगर गोलरहित ड्रॉ ने सऊदी अरब को दो अंकों के साथ ग्रुप में सबसे नीचे पहुंचा दिया। अल-मिसहल ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'राष्ट्रीय टीम का अगले दौर में न पहुंचना हमारी सभी महत्वाकांक्षाओं से कम है, और मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।'

यह इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्तिगत जवाबदेही नहीं थी, बल्कि सऊदी फुटबॉल के विशाल निवेश और 2034 विश्व कप की मेजबानी की तैयारियों के बीच एक बड़ा झटका है। पिछले तीन वर्षों में राजशाही ने फुटबॉल पर लगभग दो अरब डॉलर खर्च कर क्रिस्टियानो रोनाल्डो, नेमार और करीम बेंजेमा जैसे सितारों को सऊदी प्रो लीग में शामिल किया। अल-मिसहल के सात साल के कार्यकाल में देश ने 2034 विश्व कप की मेजबानी हासिल की, लेकिन मैदान पर नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। मार्च में मैत्री मुकाबलों में खराब प्रदर्शन के बाद फ्रांसीसी कोच हर्वे रेनार को पहले ही हटाया जा चुका था, जो रॉबर्टो मांचिनी की जगह दोबारा लौटे थे। 1994 में पहली बार अंतिम-16 में पहुंचने के बाद से सऊदी अरब कभी ग्रुप चरण पार नहीं कर सका।

मगर यह 'गिलोटिन' सिर्फ रियाद तक सीमित नहीं रही। मध्य पूर्वी और यूरोपीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही इटली के फेडरेशन अध्यक्ष गैब्रिएल ग्रेविना को लगातार तीसरी बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई न कर पाने के कारण इस्तीफा देना पड़ा, जिसे इतालवी प्रेस ने 'तीसरा प्रलय' करार दिया। दक्षिण कोरिया के प्रमुख मोंग ग्यू चुंग ने 13 साल के कार्यकाल के बाद टूर्नामेंट के बाद पद छोड़ने की घोषणा की। कोचिंग स्तर पर भी भूचाल आया: ट्यूनीशिया ने स्वीडन से 1-5 की ऐतिहासिक हार के बाद सबरी लामौची को निकाला, स्कॉटलैंड के स्टीव क्लार्क और दक्षिण कोरिया के होंग म्युंग-बो ने इस्तीफा दिया, जबकि उरुग्वे के मार्सेलो बिएल्सा ने भावुक विदाई लेते हुए कहा, 'मैं दुखी हूं क्योंकि आपने मुझे अकेला छोड़ दिया।'

पनामा के थॉमस क्रिस्टियनसेन का भविष्य अंधकार में है क्योंकि टीम बिना किसी अंक या गोल के बाहर हुई, जबकि हैती के सेबेस्टियन मिग्ने की स्थिति समीक्षाधीन है। दक्षिण अफ्रीका के 74 वर्षीय ह्यूगो ब्रूस ने कनाडा के खिलाफ अंतिम क्षणों में गोल खाकर बाहर होने के बाद संन्यास की योजना पर पुनर्विचार का संकेत दिया, क्योंकि 'बाफाना बाफाना' पहली बार नॉकआउट में पहुंची थी। तुर्की के विंचेंजो मोंटेला ने इस्तीफे से इनकार किया, जबकि इराक के ग्राहम अर्नोल्ड 2030 तक नए अनुबंध की ओर बढ़ रहे हैं। कुराकाओ के डिक एडवोकेट ने बेटी के कैंसर से उबरने के बाद टीम को पहले विश्व कप में पहुंचाया, लेकिन जर्मनी से भारी हार के साथ विदाई ली।

48 टीमों वाले इस पहले विश्व कप में 104 मैचों का दबाव हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रहा है। 1/16 फाइनल की शुरुआत के साथ ही अब निगाहें उन टीमों पर होंगी जो अभी भी टूर्नामेंट में बनी हुई हैं, क्योंकि यह 'गिलोटिन' किसी भी अगले बड़े नाम को निगलने के लिए तैयार खड़ी है।

स्रोतों में मतभेद

खेल · 3 स्रोत · 3 भाषाएँ

46%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

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न्यूनत्र50%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसउप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
विजयव्यावहारिकता

The Levant and Maghreb press celebrates Paraguay's victory over Germany as a national triumph, highlighting the government's festive reaction and the people's pride. The focus is on patriotic pride and resilience, not on the negative consequences for the defeated.

उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस/ अंग्रेज़ीभाषी
उदासीनतासंदेह

The Anglophone sub-Saharan press reports the resignation of South Korea's coach after World Cup elimination, with detached and slightly critical tones toward his management. The focus is on disappointing results and unmet expectations.

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