
अमेरिका की जीत में रेफरी की ऐंठन ने रोका खेल, ज़्वेयर को मैदान पर ही मिला इलाज
सिएटल में 2-0 की जीत से अमेरिका नॉकआउट में पहुंचा, लेकिन चर्चा जर्मन रेफरी फ़ेलिक्स ज़्वेयर की मांसपेशियों की तकलीफ़ और खिलाड़ियों द्वारा दी गई मदद पर केंद्रित रही।
अमेरिका ने शुक्रवार को सिएटल के ल्यूमन फ़ील्ड में ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर 2026 विश्व कप के नॉकआउट चरण में जगह पक्की कर ली। मगर ग्रुप डी के इस मुक़ाबले के आख़िरी क्षणों में खेल से ज़्यादा सुर्ख़ियाँ 45 वर्षीय जर्मन रेफरी फ़ेलिक्स ज़्वेयर ने बटोरीं, जो अचानक बाईं जाँघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान पर लेट गए।
घटना स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट के आसपास हुई, जब ज़्वेयर ने कुछ ही देर पहले कई पीले कार्ड दिखाए थे। वह घास पर गिर पड़े और दोनों टीमों के खिलाड़ियों – अमेरिका के फ़ोलारिन बालोगुन और ऑस्ट्रेलिया के एडन ओ’नील – ने उनका बायाँ पैर स्ट्रेच करने में मदद की। चौथी रेफरी कातिया गार्सिया तेज़ी से मैदान में एक एनर्जी जेल लेकर पहुंचीं, जिसे लेने के बाद ज़्वेयर उठे और शुरुआती लड़खड़ाहट के बाद सामान्य गति से बचे हुए मिनट पूरे कराए।
यूरोपीय मीडिया ने ज़्वेयर के करियर पर प्रकाश डाला: वह यूरो 2024 के सेमीफ़ाइनल (नीदरलैंड्स बनाम इंग्लैंड) और 2025 यूरोपा लीग फ़ाइनल (मैनचेस्टर यूनाइटेड बनाम टॉटनहम) जैसे बड़े मुक़ाबलों की अगुआई कर चुके हैं। दक्षिण अमेरिकी स्रोतों ने उनके विवादास्पद अतीत को भी याद किया: जर्मन फ़ुटबॉल महासंघ ने मैच फ़िक्सिंग जाँच में 300 यूरो लेकर सहायक रेफरी के रूप में हस्तक्षेप करने के आरोप में उन्हें छह महीने के लिए निलंबित किया था।
यह घटना विश्व कप में रेफरी की चोट के दुर्लभ मामलों की याद दिलाती है। ब्राज़ीलियाई और अर्जेंटीनी रिपोर्टों ने बताया कि इसी वर्ष रेपेचेज में अर्जेंटीना के फ़ाकुंदो तेयो गंभीर चोट के बाद रोते हुए मैदान छोड़ गए थे, और 2024 कोपा अमेरिका में ग्वाटेमाला के सहायक रेफरी हम्बर्टो पानहोख बेहोश हो गए थे। आईएफ़एबी के प्रोटोकॉल के अनुसार, यदि रेफरी अक्षम हो जाए तो खेल अन्य अधिकारियों की निगरानी में तब तक जारी रह सकता है जब तक गेंद खेल से बाहर न हो जाए।
सिएटल में दोपहर को शुरू हुए इस मैच में तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 45 प्रतिशत थी। इस 48-टीम विश्व कप में हर हाफ़ के बीच में हाइड्रेशन ब्रेक अनिवार्य हैं, जिस पर कुछ आलोचना भी हुई है। अमेरिकी जीत ने मेज़बान को एक मैच शेष रहते अगले दौर में पहुंचा दिया, जबकि ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बढ़ गया है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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मैच के अंत में रेफरी को क्रैम्प हुआ, खिलाड़ियों ने उनकी मदद की और थोड़े रुकने के बाद उन्होंने फिर से खेल संचालित किया। इस घटना ने संयुक्त राज्य अमेरिका की शानदार जीत को फीका नहीं किया।
रेफरी का क्रैम्प अप्रत्याशित रूप से चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई। खिलाड़ियों द्वारा रेफरी का पैर खींचने का अनोखा दृश्य लगभग अंतिम मिनटों में बदलाव की नौबत ले आया।
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