
सांता क्लारा में आखिरी दांव: पैराग्वे को जीत की दरकार, ऑस्ट्रेलिया को ड्रॉ से काम
ग्रुप डी के इस निर्णायक मुकाबले में दोनों टीमों के सामने अलग-अलग समीकरण हैं, जबकि कुराकाओ और आइवरी कोस्ट भी इतिहास रचने उतरेंगे।
सैन फ्रांसिस्को के लेवी स्टेडियम में गुरुवार रात फुटबॉल की दो विपरीत कहानियां एक मैदान पर टकराएंगी। एक तरफ ऑस्ट्रेलिया है, जिसे ग्रुप डी में दूसरे स्थान पर बने रहने के लिए सिर्फ एक अंक चाहिए। दूसरी ओर पैराग्वे है, जिसके लिए ड्रॉ का मतलब होगा अपनी किस्मत दूसरे ग्रुपों के नतीजों पर छोड़ देना। तीसरे और आखिरी दौर का यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए 32वें दौर की सीधी राह तय करेगा — जीतने वाला अमेरिका के साथ अगले चरण में कदम रखेगा, हारने वाला गणित और इंतजार की उलझन में फंस जाएगा।
दोनों टीमों का सफर एक जैसे उतार-चढ़ाव से गुज़रा है। पैराग्वे ने टूर्नामेंट की शुरुआत मेज़बान अमेरिका के हाथों 4-1 की करारी हार से की, लेकिन दूसरे मैच में तुर्की के खिलाफ 1-0 की जीत से वापसी की। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने तुर्की को 2-0 से हराकर जोरदार शुरुआत की, मगर अमेरिका के सामने 0-2 से हारकर उसकी रफ्तार थम गई। दोनों के तीन-तीन अंक हैं, लेकिन गोल अंतर में ऑस्ट्रेलिया (0) पैराग्वे (-2) से बेहतर स्थिति में है। यही कारण है कि सॉकरूज़ को एक ड्रॉ भी दूसरे स्थान पर पहुंचा सकता है, जबकि अल्बिरोहा को जीत के अलावा कोई विकल्प नहीं।
दक्षिण अमेरिकी मीडिया में पैराग्वे के कोच गुस्तावो अल्फारो के बयानों को खास तवज्जो मिली। उन्होंने इसे ‘हमारे लिए फाइनल’ बताया और कहा कि टीम को यह मैच ऐसे खेलना है जैसे आखिरी मौका हो। मिगेल अल्मीरोन के निलंबन के बावजूद टीम की रणनीति साफ है — रक्षात्मक अनुशासन और तेज़ जवाबी हमले। ऑस्ट्रेलियाई विश्लेषकों ने भी माना कि टोनी पोपोविक की टीम शारीरिक क्षमता और हवाई गेंदों में मजबूत है, लेकिन उसे दक्षिण अमेरिकी टीमों के खिलाफ विश्व कप में अब तक जीत नहीं मिली है। दोनों पक्षों ने यह भी रेखांकित किया कि दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ग्रुप जी के उपविजेता से भिड़ना होगा, जबकि तीसरे स्थान पर खिसकने पर जर्मनी या फ्रांस जैसी टीम से सामना हो सकता है।
इसी दिन फिलाडेल्फिया में ग्रुप ई का एक और रोमांचक मुकाबला कुराकाओ और आइवरी कोस्ट के बीच खेला जाएगा। कैरेबियाई टीम ने इक्वाडोर के खिलाफ गोलरक्षक एलॉय रूम की 15 बचावों की बदौलत ऐतिहासिक 0-0 ड्रॉ खेला था, जबकि आइवरी कोस्ट ने जर्मनी से 2-1 की हार के बावजूद दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया हुआ है। अफ्रीकी टीम को ड्रॉ से ही अगले दौर का टिकट मिल जाएगा, लेकिन कुराकाओ के लिए जीत ही एकमात्र रास्ता है — और वह भी विश्व कप के ग्रुप चरण को पार करने वाली सबसे कम फीफा रैंकिंग (81) वाली टीम बनने का सपना संजोए हुए है।
इन दोनों मैचों के नतीजे सिर्फ अंक तालिका ही नहीं बदलेंगे, बल्कि कई टीमों के भविष्य की दिशा तय करेंगे। सांता क्लारा में होने वाला मुकाबला इस बात का फैसला करेगा कि क्या ऑस्ट्रेलिया लगातार दूसरे विश्व कप में नॉकआउट में पहुंच पाता है या पैराग्वे 16 साल बाद इस मुकाम को छूता है। वहीं फिलाडेल्फिया की लड़ाई यह तय करेगी कि आइवरी कोस्ट पहली बार ग्रुप चरण से आगे बढ़ता है या कुराकाओ एक नई परीकथा लिखता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
ऑस्ट्रेलिया की नॉकआउट उम्मीदों को विंग-बैक जैकब इटालियानो की चोट से झटका लगा है। सॉकरूज़ को अब पैराग्वे के खिलाफ निर्णायक मुकाबले के लिए फिर से संगठित होना होगा, जहां आगे बढ़ने के लिए ड्रॉ या जीत जरूरी है। इस झटके ने पहले से ही ऊंचे दांव वाले मैच में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
ऑस्ट्रेलिया अंतिम ग्रुप मैच में पैराग्वे के खिलाफ केवल ड्रॉ की जरूरत के साथ 32 के दौर में जगह पक्की करने उतरेगा। बेहतर गोल अंतर के कारण सॉकरूज़ को बढ़त हासिल है, जबकि पैराग्वे को अपनी उम्मीदें जिंदा रखने के लिए जीत अनिवार्य है। पूर्वावलोकन इस मुकाबले को दक्षिण अमेरिकी टीम के लिए धैर्य की परीक्षा के रूप में पेश करता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
ट्रंप ने कतर से उपहार में मिले नए एयर फोर्स वन की पहली उड़ान भरी
10 भाषाएँ · 26 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक ऑटो बाजार में चीनी कंपनियों की धमक: BYD टेस्ला को पीछे छोड़ने को तैयार, यूरोपीय दिग्गज संकट में
3 भाषाएँ · 13 स्रोत
Technology सेभारत ने व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर रोका, टेलीग्राम और सिग्नल पर भी शिकंजा
4 भाषाएँ · 16 स्रोत