
IOC ने रूस का ओलंपिक निलंबन वापस लिया, लॉस एंजिल्स 2028 की राह खुली
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने मंगलवार को रूसी ओलंपिक समिति पर लगे प्रतिबंध को अस्थायी रूप से हटा दिया, जिससे रूसी एथलीटों के लिए लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालीफिकेशन टूर्नामेंटों में लौटने का रास्ता साफ हो गया।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए रूसी ओलंपिक समिति (ROC) के निलंबन को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया। यह फैसला अक्टूबर 2023 से लागू उस प्रतिबंध को पलटता है, जो यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों—लुहांस्क, दोनेत्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज्झिया—में क्षेत्रीय खेल संगठनों को ROC की सदस्यता में शामिल करने के कारण लगाया गया था। IOC ने स्पष्ट किया कि अब ROC ने अपने सदस्यों में से ऐसे सभी संगठनों को हटा दिया है और भविष्य में वहाँ किसी गतिविधि की पुष्टि नहीं की है। इसके साथ ही, IOC ने 2022 और 2023 की उन सिफारिशों को भी वापस ले लिया जो अंतरराष्ट्रीय महासंघों को रूसी एथलीटों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश देती थीं, हालांकि ओलंपिक खेलों में रूसी ध्वज, राष्ट्रगान या रंगों के इस्तेमाल पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
यह निर्णय IOC की कानूनी मामलों की समिति की गहन समीक्षा के बाद आया, जिसमें पाया गया कि ROC अब यूक्रेन की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अधिकार क्षेत्र वाले किसी क्षेत्रीय खेल संगठन को मान्यता नहीं देता। IOC ने यह भी कहा कि वह इन क्षेत्रों में ROC की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखेगा और जरूरत पड़ने पर और कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। साथ ही, सभी लौटने वाले रूसी एथलीटों को कड़े डोपिंग-रोधी परीक्षणों से गुजरना होगा, क्योंकि वैश्विक खेल समुदाय में रूसी डोपिंग एजेंसी (रुसाडा) की विश्वसनीयता को लेकर संदेह बना हुआ है।
इस फैसले पर प्रतिक्रियाएँ क्षेत्रीय स्तर पर बंटी हुई हैं। रूसी खेल मंत्री मिखाइल देगत्यारेव ने इसे “हरी झंडी” बताते हुए कहा कि इससे सभी अंतरराष्ट्रीय महासंघों को रूसी एथलीटों के अधिकार बहाल करने का संकेत मिलेगा। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने इसे “सामान्य बुद्धि की जीत” करार दिया। दूसरी ओर, यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने इस निर्णय को “चिंताजनक” बताया और मेज़बान देशों से रूसी राज्य चिह्नों पर प्रतिबंध बनाए रखने का आग्रह किया। स्वीडिश ओलंपिक समिति ने निराशा जताई, जबकि एथलीट-अधिकार समूह ग्लोबल एथलीट और फेयरस्पोर्ट ने इसे ओलंपिक सिद्धांतों से “मौलिक विचलन” कहा।
हालाँकि, सभी खेलों में रूस की वापसी स्वतः नहीं होगी। कई अंतरराष्ट्रीय महासंघों ने अपने स्वतंत्र प्रतिबंध जारी रखे हैं। विश्व एथलेटिक्स (वर्ल्ड एथलेटिक्स) ने पिछले सप्ताह ही रूसी और बेलारूसी एथलीटों पर प्रतिबंध बरकरार रखने की पुष्टि की। अंतरराष्ट्रीय बायथलॉन संघ (IBU) ने भी अपनी 2022 की कांग्रेस के फैसले को अडिग बताया। वहीं, फीफा ने कहा कि वह IOC के निर्णय का विश्लेषण करेगी और हितधारकों के साथ समन्वय में अगले कदम उठाएगी। जूडो, ताइक्वांडो और वर्ल्ड एक्वेटिक्स जैसे कुछ महासंघ पहले ही रूसी एथलीटों को पूरी राष्ट्रीय पहचान के साथ वापस ला चुके हैं।
इस कदम के साथ, लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन अवधि शुरू होने के मद्देनज़र रूसी एथलीटों को समान अवसर देने का IOC का इरादा स्पष्ट है। अब गेंद अलग-अलग खेल महासंघों के पाले में है, जो अपने नियमों और सदस्य देशों की राय के अनुसार रूसी खिलाड़ियों की भागीदारी तय करेंगे। आने वाले महीने बताएंगे कि किन खेलों में रूसी दल पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लौट पाता है और कहाँ बाधाएँ बरकरार रहती हैं।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.30 | critical |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.10 | neutral |
The IOC suspends the punishment and reopens the door to Russian athletes, but without flag or anthem.
The decision is presented as a technical-legal act, but the constant reference to the invasion of Ukraine keeps the moral condemnation alive.
The IOC forgives Moscow and readmits Russia, but the ban on flag and anthem remains.
The use of the term 'forgiveness' moralizes the decision, while the legal details present it as inevitable.
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