
बेल्जियम की ऐतिहासिक वापसी: सेनेगल को अतिरिक्त समय में 3-2 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई
125वें मिनट में टिलेमंस के विवादास्पद पेनल्टी ने 0-2 से पिछड़ने के बाद बेल्जियम की असंभव जीत पक्की कर दी।
सिएटल के लुमेन फील्ड में गुरुवार रात फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल का रोमांच चरम पर पहुंचा जब बेल्जियम ने सेनेगल को 3-2 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश किया। मैच का निर्णायक क्षण अतिरिक्त समय के 125वें मिनट में आया, जब वीएआर की मदद से मिले पेनल्टी पर कप्तान यूरी टिलेमंस ने गेंद को ऊपरी कोने में पहुंचाकर बेल्जियम की ऐतिहासिक वापसी पूरी की। यह जीत 2018 विश्व कप में जापान के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद 3-2 से जीत की याद दिलाती है, और इस बार भी बेल्जियम ने हार की कगार से लौटकर अपनी ‘स्वर्णिम पीढ़ी’ के अंतिम अवशेषों को जीवित रखा।
सेनेगल ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। 24वें मिनट में हबीब डियारा ने इस्माइला सर्र के हेडर के रिबाउंड पर गोल करके अफ्रीकी टीम को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही सर्र ने लंबी पास को सीने से नियंत्रित कर शानदार फिनिशिंग से स्कोर 2-0 कर दिया। यूरोपीय मीडिया ने बेल्जियम की रक्षापंक्ति की कमजोरियों और केविन डी ब्रुने जैसे सितारों के शांत प्रदर्शन को रेखांकित किया, जबकि अफ्रीकी प्रेस ने सेनेगल की सामरिक परिपक्वता और तेज आक्रमण की सराहना की। 85वें मिनट तक सेनेगल की जीत लगभग तय लग रही थी, लेकिन तभी खेल ने करवट बदली।
86वें मिनट में स्थानापन्न रोमेलू लुकाकू ने थॉमस म्यूनियर के क्रॉस पर गोल करके बेल्जियम की उम्मीद जगाई। तीन मिनट बाद ही टिलेमंस ने लिएंड्रो ट्रोसार्ड के क्रॉस पर हेडर से बराबरी कर ली, जिसमें सेनेगल के गोलकीपर मोरी डियाव की चूक भी शामिल रही। इससे पहले मैदान पर तनाव भी दिखा था—टिलेमंस और ट्रोसार्ड के बीच तीखी बहस को लुकाकू ने शांत कराया था। बाद में लुकाकू ने खुलासा किया कि उन्होंने मानसिक रूप से तैयार न होने के कारण निर्णायक पेनल्टी टिलेमंस को सौंप दी, जो टीम भावना का प्रतीक बना।
अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में लैमिन कामारा द्वारा टिलेमंस पर फाउल के लिए वीएआर हस्तक्षेप के बाद रेफरी ने पेनल्टी दी, जिसे अफ्रीकी और कुछ यूरोपीय विशेषज्ञों ने विवादास्पद बताया। सेनेगल के कोच पापे थियाव ने इसे ‘क्रूर’ करार दिया और कहा कि उनकी टीम जीत की हकदार थी। दूसरी ओर, बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने टिलेमंस के संयम और अनुभव की सराहना की। भारतीय उपमहाद्वीप के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह मैच एक सबक था कि अंतिम सीटी बजने तक कुछ भी संभव है, और इस तरह के नाटकीय मोड़ विश्व कप को वैश्विक खेल महोत्सव बनाते हैं।
इस जीत के साथ बेल्जियम सिएटल में ही रुकेगा और 6 जुलाई को मेज़बान संयुक्त राज्य अमेरिका या बोस्निया और हर्ज़ेगोविना के बीच होने वाले मैच के विजेता से क्वार्टर फाइनल में भिड़ेगा। सेनेगल के लिए यह हार एक सुनहरे अवसर के खोने जैसी है, जबकि बेल्जियम ने साबित किया कि उसकी ‘स्वर्णिम पीढ़ी’ का अनुभव अब भी बड़े मंच पर निर्णायक हो सकता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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बेल्जियम ने अंतिम क्षणों में एक अव्यवस्थित VAR जांच और पेनल्टी के बाद जीत हासिल की, जबकि सेनेगल ने दो गोल की बढ़त गंवा दी। मैच भ्रम और लंबे व्यवधान से चिह्नित रहा जब खिलाड़ी और स्टाफ मॉनिटर के चारों ओर जमा हो गए।
सेनेगल की परीकथा को एक क्रूर, असंभव बेल्जियम वापसी ने डुबो दिया, एक ऐतिहासिक जीत को नाटकीय त्रासदी में बदल दिया। टेरांगा के शेर लंबे समय तक हावी रहे, लेकिन भाग्य ने अंतिम क्षण में उनके सपने को बुझा दिया।
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