
हैरी केन के दो गोल, कांगो पर इंग्लैंड की वापसी; अब एज़्टेका में मेक्सिको से मुकाबला
इंग्लैंड ने विश्व कप नॉकआउट में 1966 के बाद पहली बार पिछड़ने के बाद जीत दर्ज की, अब रविवार को मेज़बान मेक्सिको से भिड़ंत।
अटलांटा के मर्सिडीज़-बेंज़ स्टेडियम में इंग्लैंड ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के ख़िलाफ़ 0-1 से पिछड़ने के बाद 2-1 की नाटकीय जीत दर्ज की। कप्तान हैरी केन ने दूसरे हाफ़ में पाँच मिनट के भीतर दो गोल कर टीम को विश्व कप के प्री-क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचा दिया, जहाँ अब मेज़बान मेक्सिको से एज़्टेका स्टेडियम में भिड़ंत होगी। यह 1966 के फ़ाइनल के बाद पहला मौक़ा है जब इंग्लैंड ने विश्व कप के किसी नॉकआउट मैच में पहले गोल खाने के बाद वापसी की है।
मैच की शुरुआत इंग्लैंड के लिए झटके से हुई जब सातवें मिनट में ब्रायन सिपेंगा ने ढीली डिफ़ेंस का फ़ायदा उठाकर गोलकीपर जॉर्डन पिकफ़ोर्ड को नज़दीकी पोस्ट से छकाते हुए कांगो को बढ़त दिला दी। इसके बाद लंबे समय तक इंग्लिश आक्रमण कांगो के गोलकीपर लियोनेल म्पासी की दीवार से टकराता रहा। म्पासी ने जूड बेलिंगहम के दो हेडर, हैरी केन का एक ज़ोरदार शॉट और मार्कस रैशफ़ोर्ड का एक प्रयास विफल किया, जबकि डिफ़ेंडर आरोन वान-बिसाका ने गोल-लाइन से एक और गेंद हटाई। दूसरी ओर, कांगो भी हाफ़-टाइम से पहले योआने विसा के शॉट के पोस्ट से टकराने पर बढ़त दोगुनी करने के क़रीब पहुँच गया था।
दूसरे हाफ़ में इंग्लैंड का दबदबा और बढ़ा और आख़िरकार 75वें मिनट में डेक्लान राइस के क्रॉस और एंथनी गॉर्डन की दोबारा पेनल्टी एरिया में भेजी गेंद पर हैरी केन ने हेडर से बराबरी दिला दी। इसके ठीक ग्यारह मिनट बाद, 86वें मिनट में, बेलिंगहम के शॉट को म्पासी ने रोका लेकिन रिबाउंड पर केन ने डिफ़ेंडर को छकाते हुए ज़ोरदार फ़िनिश से स्कोर 2-1 कर दिया। केन का यह विश्व कप में 13वाँ गोल था, जिससे वह टूर्नामेंट के इतिहास में इंग्लैंड के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपने रिकॉर्ड को और मज़बूत कर गए। मैच के बाद कोच थॉमस टूशेल ने कहा कि टीम ने हार को स्वीकार नहीं किया और “चट्टान पर तब तक चोट करते रहे जब तक वह टूट नहीं गई।”
अब इंग्लैंड का सामना रविवार को मेक्सिको सिटी के एज़्टेका स्टेडियम में सह-मेज़बान मेक्सिको से होगा। मेक्सिको ने अब तक टूर्नामेंट में कोई गोल नहीं खाया है और अपने चारों मैच जीते हैं, जिसमें इक्वाडोर पर 2-0 की जीत भी शामिल है। यह मुक़ाबला 1986 के क्वार्टर फ़ाइनल के 40 साल बाद एज़्टेका में इंग्लैंड की वापसी का प्रतीक होगा, जहाँ डिएगो माराडोना के ‘हैंड ऑफ़ गॉड’ और ‘गोल ऑफ़ द सेंचुरी’ ने इंग्लिश टीम को बाहर किया था। टूशेल ने ऊँचाई को “बड़ा नुक़सान” बताया और कहा कि चार दिन में इसके अनुकूल ढलना असंभव है। मेक्सिकन मीडिया ने इंग्लिश खिलाड़ियों के बयानों को प्रमुखता दी, जिनमें डेक्लान राइस ने कहा, “एज़्टेका में मेक्सिको से बड़ा कुछ नहीं।”
इस मुक़ाबले का विजेता क्वार्टर फ़ाइनल में ब्राज़ील और नॉर्वे के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगा। इंग्लैंड के लिए यह राह आसान नहीं होगी, लेकिन कांगो के ख़िलाफ़ मिली यह वापसी टीम के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दे सकती है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
यह ब्लॉक बेल्जियम-सेनेगल मैच को एक नाटकीय वापसी के रूप में रिपोर्ट करता है, जिसमें पेनल्टी और अतिरिक्त समय पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह विश्व कप को रोमांचक मैचों की एक श्रृंखला के रूप में देखता है, बिना किसी टीम के प्रति विशेष भावनात्मक निवेश के।
यह ब्लॉक इंग्लैंड-मेक्सिको मैच को एक ऐतिहासिक अभिशाप के माध्यम से फ्रेम करता है, जो सुझाव देता है कि मेक्सिको में खेलते समय इंग्लैंड बर्बाद हो जाता है। यह प्रशंसकों की मौत के बाद सुरक्षा चिंताओं को भी उजागर करता है, मैक्सिकन सरकार को अप्रस्तुत के रूप में चित्रित करता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
अली ख़ामेनेई का सप्ताहव्यापी अंतिम संस्कार शुरू: ईरान की शक्ति प्रदर्शन की कोशिश, नए नेतृत्व पर सवाल
11 भाषाएँ · 59 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक ऑटो बाजार में दोहरी चाल: इंडोनेशिया में नीतिगत अनिश्चितता, ब्राजील और रूस में मजबूत वृद्धि
4 भाषाएँ · 10 स्रोत
Technology सेएंथ्रोपिक की चीनी पहुंच पर रोक के बीच अलीबाबा ने क्लॉड कोड पर प्रतिबंध लगाया
4 भाषाएँ · 4 स्रोत