
मोल्दोवा के प्रधानमंत्री का अचानक इस्तीफा, सरकार गिरी; भ्रष्टाचार के आरोपों से हिली सत्ता
अलेक्ज़ांद्रू मुंत्यानू ने सिद्धांतों का हवाला देते हुए पद छोड़ा, जिससे यूरोपीय संघ की सदस्यता की ओर बढ़ रहे मोल्दोवा में राजनीतिक संकट गहराया।
मोल्दोवा के प्रधानमंत्री अलेक्ज़ांद्रू मुंत्यानू ने 3 जुलाई 2026 को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके साथ ही संविधान के अनुसार पूरी सरकार स्वतः भंग हो गई। मुंत्यानू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे “अपने सिद्धांतों और विश्वासों के अनुरूप कार्य नहीं कर पा रहे थे,” लेकिन इस्तीफे का कोई ठोस कारण नहीं बताया। राष्ट्रपति माइया सांदू ने घोषणा की कि वे अगले सप्ताह संसदीय दलों से परामर्श कर नए प्रधानमंत्री का नाम तय करेंगी, और तब तक मुंत्यानू कार्यवाहक सरकार का नेतृत्व करेंगे।
राष्ट्रपति सांदू ने मुंत्यानू के इस्तीफे को व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए कहा कि उन्हें सरकार चलाने की पूरी स्वतंत्रता थी और यह अटकलें गलत हैं कि उन्हें भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने से रोका गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोल्दोवा का यूरोपीय संघ में शामिल होने का मार्ग जारी रहेगा। दूसरी ओर, रूस समर्थक विपक्षी दलों और पूर्व राष्ट्रपति इगोर डोडन ने सांदू के इस्तीफे और शीघ्र चुनाव की मांग की है। डोडन ने आरोप लगाया कि देश “लगभग तानाशाही नियंत्रण” में है और भ्रष्टाचार के कांड सरकार की विफलता को दर्शाते हैं। इस बीच, मोल्दोवा से अलग हुए ट्रांसनिस्ट्रिया क्षेत्र के नेता वादिम क्रास्नोसेल्स्की ने कहा कि मोल्दोवा के साथ स्थिति “विस्फोटक” है और चिसीनाउ पर आर्थिक नाकेबंदी व दबाव का आरोप लगाया।
यह राजनीतिक संकट ऐसे समय में आया है जब मोल्दोवा में सरकारी कंपनियों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं। स्थानीय खोजी मीडिया ने खुलासा किया कि राज्य की विमानन सुरक्षा एजेंसी मोल्डएटीएसए में अनियमित नियुक्तियां और अत्यधिक वेतन दिए गए, जिनमें राष्ट्रपति सांदू की एक रिश्तेदार भी शामिल थीं। इसके अलावा, कृषि मंत्रालय के एक राज्य सचिव को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इन घटनाक्रमों के बाद संसद ने सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंधन की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की है। स्थानीय सर्वेक्षणों के अनुसार, मुंत्यानू की सरकार पहले से ही सुधारों को लागू करने में विफलता के कारण अलोकप्रिय थी, और इन कांडों ने जनता के विश्वास को और कमजोर किया।
हालांकि सत्तारूढ़ पार्टी ऑफ एक्शन एंड सॉलिडेरिटी (पीएएस) के पास संसद में पूर्ण बहुमत है, जिससे नई सरकार का गठन आसान होगा, लेकिन इस उथल-पुथल से यूरोपीय संघ की सदस्यता वार्ता पर असर पड़ सकता है। मोल्दोवा, जो यूक्रेन और रोमानिया के बीच स्थित है, वर्षों से यूरोप समर्थक और मास्को समर्थक ताकतों के बीच झूलता रहा है। मुंत्यानू के इस्तीफे ने सुधार एजेंडे की गति को धीमा कर दिया है, जबकि ट्रांसनिस्ट्रिया का तनाव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बना हुआ है। अगले कदम के रूप में, राष्ट्रपति सांदू शीघ्र ही नए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा कर सकती हैं, और तब तक मुंत्यानू कार्यवाहक सरकार का नेतृत्व करेंगे।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 7 भाषाएँ
मोल्दोवा के प्रधानमंत्री ने अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा दे दिया, यह कहते हुए कि वे अपने सिद्धांतों के अनुरूप अपने जनादेश का पालन नहीं कर सकते। राष्ट्रपति उत्तराधिकारी नामित करने के लिए संसदीय दलों के साथ परामर्श करेंगी। यह कदम सत्तारूढ़ यूरोपीय समर्थक पार्टी के लिए एक प्रक्रियात्मक चुनौती पेश करता है।
प्रधानमंत्री मुन्तेनु ने अचानक इस्तीफा दे दिया, जिससे यूरोप के सबसे गरीब देशों में से एक में सरकारी संकट पैदा हो गया। यह इस्तीफा राज्य वायु सुरक्षा एजेंसी में अत्यधिक वेतन पर सार्वजनिक आक्रोश के बाद आया है। राजनीतिक शून्यता मोल्दोवा की यूरोपीय संघ उम्मीदवारी की स्थिरता पर सवाल उठाती है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
वैश्विक ऑटो बाजार में चीनी कंपनियों की धमक: BYD टेस्ला को पीछे छोड़ने को तैयार, यूरोपीय दिग्गज संकट में
3 भाषाएँ · 13 स्रोत
Technology सेभारत ने व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर रोका, टेलीग्राम और सिग्नल पर भी शिकंजा
4 भाषाएँ · 16 स्रोत
Science & Health सेडिजिटल थकान के बीच ब्राज़ील में बच्चों के फ़ोन में ऐतिहासिक गिरावट, वैश्विक नीतियाँ सख़्त
4 भाषाएँ · 5 स्रोत