
रूसी खिलाड़ियों की वापसी का सिलसिला: हैंडबॉल में पूर्ण बहाली, यूरोपीय संघ का सांस्कृतिक मोर्चे पर कड़ा रुख
अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल महासंघ ने रूस और बेलारूस पर से सभी प्रतिबंध हटा दिए, जबकि यूरोपीय आयोग ने वेनिस बिएनले का अनुदान रद्द करने की सिफारिश की और नौ देशों ने खेल संगठनों की फंडिंग रोकने की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल महासंघ (IHF) ने रूसी और बेलारूसी टीमों, अधिकारियों और विशेषज्ञों पर लगे सभी प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिए हैं। राष्ट्रीय टीमें अब अपने ध्वज और राष्ट्रगान के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगी। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की 7 जुलाई की सिफारिशों के अनुरूप लिया गया, जिसमें रूसी ओलंपिक समिति का निलंबन अस्थायी रूप से वापस ले लिया गया था। IHF ने स्पष्ट किया कि किसी अतिरिक्त पात्रता शर्त या सीमा की आवश्यकता नहीं होगी, केवल विश्व डोपिंग-रोधी संहिता का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
यह कदम रूसी खेलों की वैश्विक मंच पर वापसी के व्यापक अभियान का हिस्सा है। दिसंबर 2025 में IOC ने पहले युवा प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ भागीदारी की अनुमति देने की सिफारिश की थी, जिसके बाद जिम्नास्टिक, जलीय खेल, कुश्ती, जूडो, ताइक्वांडो और भारोत्तोलन जैसी कई अंतरराष्ट्रीय महासंघों ने प्रतिबंध हटा दिए। हैंडबॉल इस सूची में तेरहवां महासंघ बन गया है। रूसी खेल मंत्री मिखाइल देगत्यारेव ने इसे “विश्व खेलों में रूस की वापसी की प्रक्रिया में तेज़ी” बताया, जबकि IHF ने स्वीकार किया कि पूर्ण पुनर्एकीकरण के लिए एक संक्रमणकालीन अवधि की आवश्यकता हो सकती है।
लेकिन यूरोपीय संघ ने सांस्कृतिक मोर्चे पर बिल्कुल विपरीत रुख अपनाया है। यूरोपीय आयोग ने वेनिस बिएनले को दिए जाने वाले 20 लाख यूरो के अनुदान को रद्द करने की औपचारिक सिफारिश कर दी, क्योंकि वहां 2022 के बाद पहली बार रूसी राष्ट्रीय मंडप खोला गया। आयोग के प्रवक्ता ने कहा, “यह निश्चित रूप से एक राजनीतिक मुद्दा है। करदाताओं का एक भी सेंट ऐसी किसी पहल में नहीं जाएगा जिसमें रूस शामिल हो।” इस कदम से इटली में राजनीतिक बहस छिड़ गई—वेनेतो क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष लुका ज़ाया ने संस्कृति पर सेंसरशिप का विरोध किया, जबकि लेगा और फाइव स्टार मूवमेंट ने इसे यूरोपीय संघ का ब्लैकमेल बताया।
खेल जगत पर भी यह विवाद पहुंच गया है। एस्टोनिया, नीदरलैंड, लिथुआनिया, लातविया, पोलैंड, स्वीडन, रोमानिया, फिनलैंड और डेनमार्क—इन नौ देशों ने यूरोपीय आयुक्त ग्लेन मिकालेफ़ को पत्र लिखकर IOC और तलवारबाज़ी व तैराकी जैसी उन महासंघों की यूरोपीय संघीय निधि रोकने की मांग की है जिन्होंने रूसी खिलाड़ियों को वापस बुला लिया है। हालांकि यूरोपीय आयोग ने स्पष्ट किया कि वह सीधे IOC को वित्तपोषित नहीं करता, लेकिन सभी खेल संगठनों की यूरोपीय कार्यक्रमों तक पहुंच की समीक्षा की जाएगी।
यह दोहरा दबाव अब अगले ठोस खेल परिणाम की ओर इशारा करता है: जहां रूसी दल 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की राह पर लौट आए हैं, वहीं यूरोपीय संघ की वित्तीय समीक्षा से उन अंतरराष्ट्रीय महासंघों के लिए संसाधन प्रभावित हो सकते हैं जो पूर्ण बहाली का मार्ग चुनते हैं।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | +1.00 | aligned |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | 0.00 | neutral |
Russia fully returns to the handball world, and European threats are merely an attempt to hinder an irreversible process.
It emphasizes the legitimacy of the IHF decision and downplays European reactions as ineffective, creating a narrative of inevitable victory.
It omits European objections and the context of the war in Ukraine that led to sanctions.
The IHF decision is a technical step based on IOC recommendations, while the EU risks over-politicizing culture with cuts to the Biennale.
It separates the sports sphere (neutral) from the political sphere (criticizable), presenting reintegration as normal and EU threats as excessive.
It does not report the triumphant Russian reaction or the context of Russia's accelerated return to sport.
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