
ग्रुप एल का आखिरी दांव: क्रोएशिया के सामने जीत की मजबूरी, घाना और इंग्लैंड पहले ही 32 में
फिलाडेल्फिया और न्यू जर्सी में एक साथ होने वाले मुकाबले ग्रुप एल की तस्वीर साफ करेंगे, जहां क्रोएशिया को बचे रहने के लिए जीत चाहिए जबकि घाना और इंग्लैंड पहले ही अगले दौर में पहुंच चुके हैं।
ग्रुप एल के आखिरी दौर से पहले ही इंग्लैंड और घाना ने 2026 विश्व कप के 32 के दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है, लेकिन क्रोएशिया के लिए यह मुकाबला करो या मरो वाला है। चार अंकों के साथ इंग्लिश टीम शीर्ष पर है और घाना भी चार अंक लेकर दूसरे स्थान पर, जबकि क्रोएशिया के तीन अंक हैं और पनामा शून्य पर रहते हुए बाहर हो चुका है। फिलाडेल्फिया के लिंकन फाइनेंशियल फील्ड में क्रोएशिया-घाना और न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में पनामा-इंग्लैंड की टक्कर एक साथ शुरू होगी, जिसके नतीजे ग्रुप की अंतिम स्थिति और नॉकआउट के समीकरण तय करेंगे।
क्रोएशिया ने अपने अभियान की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 की हार से की, लेकिन पनामा को 1-0 से हराकर वापसी की। ज़्लात्को दलिच की टीम के लिए यह मैच सिर्फ जीत की मजबूरी नहीं है, बल्कि गोल अंतर को सुधारने की भी चुनौती है, क्योंकि -1 के साथ वह सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान की दौड़ में फिलहाल सातवें पायदान पर है। दूसरी ओर, कार्लोस क्विरोज़ की घाना ने पनामा को 1-0 से हराने के बाद इंग्लैंड को गोलरहित बराबरी पर रोककर मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन किया। अफ्रीकी टीम अभी तक इस टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं खा सकी है, और एक अंक भी उसे सीधे दूसरे स्थान पर पहुंचा देगा।
यूरोपीय मीडिया के अनुसार, क्रोएशिया के कप्तान लुका मोद्रिच अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं, लेकिन टीम की उम्रदराज़ पीढ़ी और आक्रमण की धार कमजोर पड़ती दिखी है। वहीं, घाना की रक्षात्मक मजबूती की तारीफ खुद इंग्लैंड के कोच थॉमस टूशेल ने की है। एशियाई और अरब मीडिया में इस मुकाबले को ‘जीवन-मरण’ की लड़ाई बताया जा रहा है, जबकि लैटिन अमेरिकी स्रोत पनामा के लिए पहला विश्व कप अंक हासिल करने की ऐतिहासिक संभावना पर जोर दे रहे हैं। पनामा ने 2018 में भी इंग्लैंड के खिलाफ अपना एकमात्र विश्व कप गोल किया था, और इस बार भी वह सम्मानजनक विदाई चाहेगा।
इंग्लैंड के लिए यह मैच शीर्ष स्थान पक्का करने का मौका है, हालांकि रीस जेम्स की चोट और डेक्लान राइस की फिटनेस चिंता का विषय है। हैरी केन और जूड बेलिंगहम पर एक बार फिर गोल की जिम्मेदारी होगी। प्रसारण के लिहाज से, ये मुकाबले वैश्विक स्तर पर बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचेंगे—भारत में फोलाप्ले और मैक्सस्ट्रीम टीवी, ब्राजील में काज़ेटीवी और ग्लोबो, अर्जेंटीना में डीस्पोर्ट्स और पैरामाउंट+, तथा अरब जगत में बीइन स्पोर्ट्स पर सीधा प्रसारण होगा।
इन मैचों के नतीजे 32 के दौर के मुकाबलों की रूपरेखा तय करेंगे। ग्रुप एल का विजेता अटलांटा में किसी तीसरे स्थान वाली टीम (संभवतः इक्वाडोर) से भिड़ेगा, जबकि दूसरे स्थान वाली टीम का सामना ग्रुप के के उपविजेता (पुर्तगाल या कोलंबिया) से होगा। यदि क्रोएशिया तीसरे स्थान पर रहते हुए क्वालीफाई करता है, तो उसका सामना ग्रुप के के शीर्ष स्थान वाली टीम से होगा। इस तरह, फिलाडेल्फिया और न्यू जर्सी की यह शाम न केवल एक ग्रुप का फैसला करेगी, बल्कि पूरे नॉकआउट ब्रैकेट को प्रभावित करेगी।
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