
कच्चे तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर पर, तिमाही गिरावट 2020 के बाद सबसे बड़ी
अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीदों और होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बहाली के बीच ब्रेंट क्रूड जून में लगभग 20% टूटा, निवेशक सतर्क।
कच्चे तेल के वायदा भाव मंगलवार को उस स्तर के आसपास पहुंच गए जो फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने से ठीक पहले थे। ब्रेंट का अगस्त अनुबंध 72.5 डॉलर प्रति बैरल के करीब रहा, जो पिछले महीने के बंद भाव से लगभग 20 डॉलर या 22% कम है। यह गिरावट तीसरे लगातार मासिक नुकसान की ओर ले जा रही है और पूरी तिमाही में ब्रेंट की करीब 38% और WTI की 30% की गिरावट 2020 की पहली तिमाही के बाद सबसे बड़ी तिमाही गिरावट बनने जा रही है।
इस गिरावट के पीछे प्रमुख कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही में सुधार है। शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह यातायात फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। गोल्डमैन साक्स के विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि पिछले दो सप्ताह की औसत गति से बहाली जारी रही, तो खाड़ी क्षेत्र से प्रवाह जुलाई के आरंभ तक युद्ध-पूर्व स्तर 2.3 करोड़ बैरल प्रतिदिन को छू सकता है। हालांकि, यूबीएस के जियोवानी स्टाउनोवो के अनुसार, बाजार ने अभी पूर्ण जोखिम प्रीमियम नहीं हटाया है, बल्कि जहाजों की उपलब्धता से अस्थायी आपूर्ति वृद्धि हुई है।
राजनयिक मोर्चे पर परस्पर विरोधी संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहा में सीधी बातचीत की बात कही, जबकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने किसी भी स्तर की बैठक से इनकार किया। ईरानी उप विदेश मंत्री ने होर्मुज मार्गों की पुनर्परिभाषित करने के लिए ओमान के साथ तकनीकी वार्ता की घोषणा की, जिससे जलडमरूमध्य के शासन पर मतभेद बने हुए हैं। 17 जून का युद्धविराम नाजुक बना हुआ है, सप्ताहांत में दोनों पक्षों के मिसाइल हमलों ने इसकी परीक्षा ली। केसीएम ट्रेड के टिम वॉटरर के अनुसार, बाजार सतर्क आशावाद बनाए हुए है, लेकिन ठोस संकेत मिलने तक जोखिम से बचाव जारी रखेगा।
भारत जैसे प्रमुख आयातक के लिए कीमतों में गिरावट से आयात बिल पर दबाव कम होगा, लेकिन आपूर्ति मार्गों की अनिश्चितता बनी रहने से खरीद रणनीति प्रभावित हो सकती है। मॉर्गन स्टेनली ने अपने ब्रेंट पूर्वानुमान को दूसरी बार घटाते हुए तीसरी तिमाही के लिए 15 डॉलर प्रति बैरल की कटौती की है और अब डेटेड ब्रेंट का औसत 75 डॉलर आंका है। आईएनजी के विश्लेषकों का मानना है कि जून की बिकवाली अत्यधिक थी, क्योंकि आपूर्ति सामान्य होने में तीसरी तिमाही के अंत तक का समय लग सकता है।
अगला ध्यान देने योग्य पड़ाव दोहा में संभावित तकनीकी वार्ता का परिणाम और होर्मुज यातायात के सामान्यीकरण की गति है। यदि बातचीत टूटती है या जलडमरूमध्य में नए व्यवधान आते हैं, तो जोखिम प्रीमियम तेजी से लौट सकता है। फिलहाल, बाजार की निगाहें जुलाई के आरंभ में खाड़ी प्रवाह के आंकड़ों पर टिकी रहेंगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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तेल की कीमतों में मिली-जुली गतिशीलता देखी जा रही है, ब्रेंट 73.2 डॉलर के आसपास स्थिर है जबकि WTI गिर रहा है। बाजार के प्रतिभागी अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले दौर को लेकर विरोधाभासी संकेतों का आकलन कर रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। रिपोर्टिंग पूरी तरह से तथ्यात्मक बनी हुई है, जो व्यापक टिप्पणी के बिना मूल्य स्तरों और अनुबंध समाप्ति पर केंद्रित है।
खाड़ी के बाजार सुस्त हैं क्योंकि निवेशक दोहा में संभावित अमेरिका-ईरान वार्ता का इंतजार कर रहे हैं, सकारात्मक परिणाम की उम्मीदें नाजुक युद्धविराम से कम हो गई हैं। तेल की कीमतें गिर गई हैं, जो इस अनिश्चितता को दर्शाता है कि क्या वार्ता आधिकारिक रूप से आगे बढ़ेगी। ध्यान राजनयिक प्रक्रिया और क्षेत्रीय ऊर्जा प्रवाह को स्थिर करने की इसकी क्षमता पर है।
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