
इंग्लैंड बनाम क्रोएशिया: ग्रुप एल में बदले की चाहत और नए युग की शुरुआत
डलास स्टेडियम में बुधवार को होने वाले मुकाबले में इंग्लैंड 1966 के बाद पहले खिताब की तलाश में है, जबकि क्रोएशिया अपने दिग्गजों के दम पर एक और उलटफेर करना चाहता है।
विश्व कप 2026 के ग्रुप एल का सबसे बड़ा मुकाबला गुरुवार तड़के भारतीय समयानुसार डलास के एटीएंडटी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां इंग्लैंड और क्रोएशिया अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। यह भिड़ंत सिर्फ तीन अंकों की नहीं, बल्कि एक पुराने हिसाब को चुकता करने की भी है—2018 विश्व कप सेमीफाइनल में क्रोएशिया ने इंग्लैंड को अतिरिक्त समय में हराकर बाहर किया था, और अब थॉमस टूशेल की नई इंग्लिश टीम उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपनी ताकत आजमाएगी। दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला सिर्फ शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
इंग्लैंड 1966 के बाद से एक और विश्व कप खिताब की 60 साल पुरानी प्यास बुझाने उतरा है। जर्मन कोच टॉमस टूशेल के नेतृत्व में टीम ने यूरो 2024 के उपविजेता के रूप में अपनी क्षमता साबित की, लेकिन इस बार चयन में कई चौंकाने वाले फैसले लिए गए हैं। ब्राजीलियाई मीडिया के अनुसार, टूशेल ने अनुभव की जगह युवा और कम आजमाए हुए खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, जिससे टीम में ताजगी के साथ अनिश्चितता भी है। कप्तान हैरी केन, जूड बेलिंगहम और डेक्लान राइस जैसे सितारे रीढ़ की हड्डी बने रहेंगे, जबकि एंथनी गॉर्डन और इलियट एंडरसन जैसे नए चेहरे आक्रामकता भर सकते हैं। अर्जेंटीना के प्रसारकों के अनुसार, इंग्लैंड की संभावित शुरुआती लाइनअप में पिकफोर्ड, रीस जेम्स, कोन्सा, गुएही और ओ’रेली जैसे खिलाड़ी शामिल होंगे, जो टूशेल की आक्रामक शैली को दर्शाता है।
दूसरी ओर, क्रोएशिया एक बार फिर अपने ‘सुनहरी पीढ़ी’ के अवशेषों के साथ मैदान में उतरेगा। लुका मोड्रिच, इवान पेरिसिच और माटेओ कोवासिच जैसे दिग्गज अब 30 और 40 की उम्र पार कर चुके हैं, लेकिन उनका अनुभव टीम की सबसे बड़ी ताकत है। इंडोनेशियाई और पुर्तगाली स्रोतों के अनुसार, क्रोएशिया ने 2018 में रूस में उपविजेता और 2022 में कतर में तीसरा स्थान हासिल कर लगातार दो विश्व कप में पोडियम फिनिश किया है। 1998 में अपने पहले विश्व कप में भी सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली इस टीम की पहचान लचीलेपन और बड़े मैचों में पलटवार करने की क्षमता रही है। पहले हाफ के अंत में मूसा के गोल से स्कोर बराबर करने की क्षमता इसी मानसिकता का नमूना है।
प्रसारण के लिहाज से यह मुकाबला वैश्विक स्तर पर बड़ा आकर्षण है। भारतीय उपमहाद्वीप में दर्शक इसे फोलाप्ले या मैक्सस्ट्रीम जैसे प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए देख सकते हैं, जबकि इंडोनेशिया में सीएनएन इंडोनेशिया और विवा जैसे मीडिया ने स्थानीय समयानुसार सुबह 3 बजे के प्रसारण की पुष्टि की है। ब्राजील में ग्लोबो, स्पोर्टवी और काज़े टीवी समेत कई चैनल इसका सीधा प्रसारण करेंगे, और अर्जेंटीना में टीवाईसी स्पोर्ट्स के जरिए मैच देखा जा सकेगा। मैक्सिकन खेल पत्रकारिता ने भी मिनट-बाय-मिनट कवरेज की व्यवस्था की है, जिससे स्पेनिश भाषी दर्शकों को हर अपडेट मिलता रहेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह मुकाबला ग्रुप एल की तस्वीर साफ करेगा। इंग्लैंड के लिए जीत जरूरी है ताकि नॉकआउट की राह आसान हो, जबकि क्रोएशिया के लिए एक सकारात्मक परिणाम यह साबित करेगा कि उनकी उम्रदराज टीम अब भी बड़ी टीमों को चुनौती दे सकती है। दोनों टीमों ने तैयारी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया—इंग्लैंड ने कोस्टा रिका को 3-0 और एक अन्य टीम को 1-0 से हराया—लेकिन विश्व कप का दबाव अलग होता है। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि टूशेल का जुआ रंग लाता है या मोड्रिच की अगुआई में क्रोएशिया एक बार फिर इतिहास रचता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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इस मैच को इंग्लैंड के लिए बदले की मुहिम के रूप में पेश किया गया है, जो 2018 में क्रोएशिया से मिली हार का बदला लेने को बेताब है। कवरेज में इस गरमागरम द्वंद्व और लंबे ट्रॉफी सूखे को खत्म करने के मौके पर जोर दिया गया है, साथ ही लाइव स्ट्रीमिंग की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई है।
इस मुकाबले को दो खिताबी दावेदारों की शुरुआत के रूप में दिखाया गया है, जिसमें इंग्लैंड टूशेल के नेतृत्व में और चौंकाने वाले चयनों के साथ एक नए युग की शुरुआत कर रहा है। क्रोएशिया अपने अनुभवी खिलाड़ियों पर निर्भर है, और कवरेज संतुलित लाइव कमेंट्री प्रदान करती है, साथ ही 1966 से इंग्लैंड की लंबी प्रतीक्षा को रेखांकित करती है।
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