
कोलंबिया की शानदार वापसी: उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर ग्रुप K में शीर्ष पर
लुइस डियाज़ के एक गोल और एक असिस्ट की मदद से कोलंबिया ने डेब्यूटेंट उज्बेकिस्तान को हराकर विश्व कप 2026 में जोरदार शुरुआत की।
कोलंबिया ने आठ साल बाद विश्व कप में वापसी करते हुए मेक्सिको सिटी के एस्टेडियो एज़्टेका में उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर ग्रुप K की कमान संभाल ली। बायर्न म्यूनिख के स्टार लुइस डियाज़ ने एक गोल और एक शानदार असिस्ट से मैच का रुख तय किया, जबकि पुर्तगाल के कांगो से 1-1 ड्रॉ के बाद कोलंबिया को सीधे तीन अंकों की बढ़त मिल गई। यह जीत सिर्फ़ एक परिणाम नहीं, बल्कि 2022 कतर विश्व कप से बाहर रहने के बाद कोलंबियाई फुटबॉल के पुनर्जागरण का प्रतीक बनी।
मैच की कहानी धैर्य और प्रतिरोध की रही। कोलंबिया ने 70 प्रतिशत गेंद पर नियंत्रण रखा और शुरू से ही दबदबा बनाया, लेकिन फैबियो कन्नावारो की कोचिंग वाली उज्बेकिस्तान की सघन रक्षा को भेदने में उन्हें काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। पहला गोल 40वें मिनट में डेनियल मुनोज़ ने डियाज़ के शानदार लॉफ्टेड पास पर वॉली से किया। दूसरे हाफ में उज्बेकिस्तान ने अब्बोसबेक फ़ैज़ुल्लाएव के ज़रिए 60वें मिनट में बराबरी कर ली—यह उनका विश्व कप इतिहास का पहला गोल था—लेकिन पाँच मिनट बाद ही डियाज़ ने दबाव बनाकर फिर से बढ़त दिला दी। अंतिम क्षणों में जैमिंटन कैम्पाज़ ने तीसरा गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया।
लैटिन अमेरिकी मीडिया ने इस जीत को कोलंबिया की 'सपनों की शुरुआत' बताया, जबकि इतालवी विश्लेषकों ने कन्नावारो की रणनीति की तारीफ़ की, जिनकी टीम ने कुछ पलों के लिए सनसनी फैलाने का सपना देखा था। अरब और एशियाई मीडिया ने उज्बेकिस्तान के डेब्यू को ऐतिहासिक बताया, भले ही हार मिली। भारतीय संदर्भ में देखें तो यह मैच एशियाई फुटबॉल के बढ़ते कदमों की याद दिलाता है—उज्बेकिस्तान जैसी मध्य एशियाई टीम का पहली बार विश्व कप में पहुँचना दक्षिण एशिया के लिए भी प्रेरणा है, जहाँ भारत अभी तक इस मंच पर नहीं पहुँच सका है।
कोलंबिया के कोच नेस्टर लोरेंज़ो ने जीत के बाद कहा कि 'हम और बड़े अंतर से जीत सकते थे, लेकिन प्रतिद्वंद्वी ने अच्छा काम किया।' यह आत्ममंथन आगामी मैचों के लिए ज़रूरी है, क्योंकि 23 जून को ग्वाडलाहारा में कांगो के ख़िलाफ़ मुक़ाबला होगा, जिसने पुर्तगाल को रोककर अपनी ताक़त दिखा दी है। उज्बेकिस्तान को अब पुर्तगाल से खेलना है, और उनकी रक्षात्मक मज़बूती किसी भी बड़ी टीम के लिए चुनौती बन सकती है। ग्रुप K अब खुला और रोमांचक बना हुआ है, जहाँ हर मैच निर्णायक साबित होगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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कोलंबिया ने डियाज़ और मुनोज़ के गोलों और जेम्स रोड्रिगेज़ की रचनात्मकता से विश्व कप की शानदार शुरुआत की। कोच लोरेंजो ने जीत का जश्न मनाया लेकिन व्यावहारिक रूप से कहा कि टीम को और सुधार करना होगा। कैफेटेरोस ने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर प्रशंसकों में जोश भर दिया।
कोलंबिया ने एज़्टेका को एक पीले किले में बदल दिया, उनके प्रशंसकों की लहर ने इसे घर जैसा बना दिया—कुछ ऐसा जो मेक्सिको नहीं कर पाया। उज़्बेकिस्तान के क्षणिक बराबरी के गोल से कैफेटेरोस हिल गए, लेकिन टीम ने फिर नियंत्रण पाया और समूह में शीर्ष पर पहुंचकर सांता उर्सुला के कोलोसस को गूंजा दिया।
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