
अमेरिकी हमलों पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया, पड़ोसी देशों को सहयोग न करने की चेतावनी
युद्धविराम समझौते के 25 दिन बाद ही अमेरिकी कार्रवाई से होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की।
अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान पर नए हमले शुरू किए, जिसके बाद ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर ईरानी हमलों की क्षमता को कम करने के लिए किए गए। ईरानी पक्ष ने आरोप लगाया कि जून में हुए समझौते के लगभग सभी प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अमेरिका ने परिवहन बुनियादी ढांचे, मछली पकड़ने की नौकाओं, मालवाहक जहाजों और मौसम विज्ञान केंद्रों को निशाना बनाया, जिसे उसने युद्ध अपराध करार दिया।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी के दक्षिणी तट पर स्थित देशों के क्षेत्र और सुविधाओं का इस्तेमाल कर ये हमले किए, जिससे वे देश व्यावहारिक रूप से ईरान के खिलाफ अवैध युद्ध का अखाड़ा बन गए। मंत्रालय ने पड़ोसी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य बताया कि आक्रामक पक्ष उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में न करें। साथ ही चेतावनी दी गई कि ईरान पर हमलों का कोई भी स्रोत ईरानी सशस्त्र बलों की रक्षात्मक कार्रवाई का वैध लक्ष्य होगा।
राजनयिक मोर्चे पर, ईरान ने दावा किया कि 11 जुलाई को मस्कट में हुई वार्ता मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन और नौवहन मार्गों की व्यवस्था पर केंद्रित थी, लेकिन ओमान पर अमेरिकी दबाव के कारण कोई नतीजा नहीं निकल सका। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा मस्कट वार्ता के परिणामों के बारे में किए गए दावों को ईरान ने निराशा से उपजा झूठ बताया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि पिछले कई महीनों के तनाव कम करने और पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के सभी प्रयास इन हमलों से विफल हो गए।
इस घटनाक्रम के दक्षिण एशिया के लिए प्रत्यक्ष परिणाम हो सकते हैं, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक तिहाई से अधिक परिवहन करता है और भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। समुद्री सुरक्षा में व्यवधान से तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बढ़ सकता है। ईरान ने पहले ही कहा है कि अमेरिकी हस्तक्षेप से जलडमरूमध्य में असुरक्षा लौट आई है और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक नौवहन बाधित हुआ है।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद से अंतरराष्ट्रीय शांति भंग करने के मामले में हस्तक्षेप करने और आक्रामक पक्षों को जवाबदेह ठहराने की मांग की है। फिलहाल, अमेरिकी सेना ने हमलों को जारी रखने की घोषणा की है, जबकि ईरान ने किसी भी सहयोगी देश के खिलाफ रक्षात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। स्थिति में तत्काल कूटनीतिक समाधान के संकेत नहीं दिख रहे हैं, और अगले कदम के रूप में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे के उठाए जाने की संभावना है।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −1.00 | critical |
|---|---|---|
| अरब खाड़ी प्रेस | 0.00 | neutral |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.30 | critical |
ईरान अमेरिकी हमलों को युद्ध अपराध बताते हुए निंदा करता है और पड़ोसियों को आक्रमण का समर्थन न करने की चेतावनी देता है।
मजबूत नैतिक भाषा (युद्ध अपराध, संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन) का उपयोग करके और शांति समझौते का हवाला देकर अमेरिका को अविश्वसनीय बताना, और पड़ोसियों को धमकाकर अमेरिका को अलग-थलग करना।
अमेरिकी द्वारा नए हमलों की घोषणा का लोप, जो चल रही वृद्धि को दिखाता और पीड़ित कथा को कमजोर करता।
ईरान पड़ोसियों को चेतावनी देता है और अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाता है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड नए हमलों की घोषणा करता है।
पत्रकारिता की दूरी: बिना टिप्पणी के बयानों की रिपोर्ट करना, लेकिन कथा को संतुलित करने के लिए अमेरिकी दृष्टिकोण (नए हमलों की घोषणा) को शामिल करना।
ईरान के 'युद्ध अपराध' और 'सबसे जघन्य अपराध' जैसे चरम भाषा का लोप, जो निंदा को अधिक भावनात्मक और कम तटस्थ बनाता।
ईरान अमेरिकी हमलों को शांति समझौते का उल्लंघन बताते हुए आलोचना करता है और पड़ोसियों को चेतावनी देता है, होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा की वापसी पर जोर देता है।
शांति समझौते के उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा परिणामों पर जोर देना, निंदात्मक भाषा का उपयोग करना लेकिन ईरान के युद्ध अपराध बयानबाजी को पूरी तरह से न अपनाना।
अमेरिकी द्वारा नए हमलों की घोषणा का लोप, जो चल रही वृद्धि को दिखाता और एकतरफा उल्लंघन की कथा को जटिल बनाता।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
टी-रेक्स ‘गस’ की 5 करोड़ डॉलर में रिकॉर्ड नीलामी, जीवाश्म बाजार में नया अध्याय
7 भाषाएँ · 18 स्रोत
Technology सेअमेरिका-रूस ने ISS का संचालन 2030 तक बढ़ाया, भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री मेनन स्टेशन पर पहुंचे
3 भाषाएँ · 9 स्रोत
Science & Health सेअंतरिक्ष में पहली बार मिली शुद्ध शर्करा, साथ ही जीवाश्मों और महासागरों से जुड़ी तीन अन्य बड़ी खोजों ने जीवन के रहस्यों पर डाली रोशनी
3 भाषाएँ · 6 स्रोत