
अर्जेंटीना की नाटकीय जीत पर विवाद, स्कालोनी बोले- आलोचना से खिलाड़ियों में विद्रोह की भावना
मिस्र के ख़िलाफ़ 2-0 से पिछड़ने के बाद 3-2 की वापसी ने पक्षपात के आरोपों को जन्म दिया, जिसे स्कालोनी ने टीम की प्रेरणा बताया।
अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में मिस्र को 3-2 से हराकर नाटकीय अंदाज़ में क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अटलांटा के मर्सिडीज़-बेंज़ स्टेडियम में खेले गए इस मुक़ाबले में अर्जेंटीना 2-0 से पिछड़ रहा था, लेकिन क्रिस्टियन रोमेरो, लियोनेल मेस्सी और एंज़ो फ़र्नांडीज़ के गोलों ने स्कोर पलट दिया। हालांकि, मैच के दौरान रेफ़री फ़्राँस्वा लेतेक्सिए के दो फ़ैसले विवाद का कारण बने—मिस्र का एक गोल वीएआर समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया और मोहम्मद सलाह को बॉक्स में गिराए जाने पर पेनल्टी नहीं दी गई।
मिस्र के खेमे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मिस्र फुटबॉल संघ ने फीफा से रेफ़री के स्थायी निष्कासन की माँग करते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज की। कोच होसाम हसन ने सार्वजनिक रूप से टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा, "यह सब पैसे का खेल है, वे मेस्सी को टूर्नामेंट में बनाए रखना चाहते हैं।" मिस्र के खिलाड़ियों और अधिकारियों ने पक्षपात के आरोप लगाए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह बहस तेज़ हो गई कि फीफा अर्जेंटीना को जानबूझकर लाभ पहुँचा रहा है।
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने इन आरोपों को पुरानी कहानी बताया। उन्होंने कहा, "1986 से ही कहा जा रहा है कि हमें फ़ायदा मिलता है, यह कोई नई बात नहीं।" स्कालोनी ने ज़ोर देकर कहा कि वीएआर के दौर में पक्षपात लगभग असंभव है और रेफ़री के फ़ैसले नियमों के अनुसार थे। उन्होंने लिसांद्रो मार्टिनेज़ के पैर पर हुई चोट का हवाला देते हुए रद्द किए गए गोल को सही ठहराया। साथ ही, उन्होंने बताया कि आलोचना खिलाड़ियों के लिए "विद्रोह" की भावना पैदा करती है, जिससे वे और बेहतर खेलते हैं। स्कालोनी ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम ने कभी हार नहीं मानी और यही उसकी पहचान है।
यूरोपीय कोचों ने रेफ़री के प्रदर्शन का समर्थन किया। स्पेन के लुइस दे ला फ़ुएंते ने कहा कि रेफ़री का हर फ़ैसला सही था, जबकि फ़्रांस के दिदिएर देशाँ ने भी अधिकारियों पर भरोसा जताया। फीफा के रेफ़री प्रमुख पिएरलुइजी कोलिना ने भी लेतेक्सिए के फ़ैसलों को सही ठहराया। इस बीच, स्कालोनी ने मेस्सी के पेनल्टी प्रयासों पर कहा कि कप्तान जो चाहें कर सकते हैं, और 39 साल की उम्र में भी वह सर्वश्रेष्ठ बने रह सकते हैं।
अब अर्जेंटीना का सामना क्वार्टर फाइनल में स्विट्ज़रलैंड से होगा, जिसने कोलंबिया को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई है। स्कालोनी ने स्विस टीम को अनुभवी और मज़बूत बताया। अर्जेंटीना लगातार 11 विश्व कप मैचों से अजेय है और 1962 के बाद लगातार दो ख़िताब जीतने वाली पहली टीम बनने की कोशिश में है। यह मुक़ाबला 12 जुलाई को कैनसस सिटी के ऐरोहेड स्टेडियम में खेला जाएगा।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | −0.20 | neutral |
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| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | −0.60 | critical |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.70 | aligned |
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