
वोल्हिनिया नरसंहार की बरसी पर पोलैंड ने स्मारक की घोषणा की, रूस ने जारी किए अवर्गीकृत दस्तावेज
पोलिश प्रधानमंत्री ने ‘यूक्रेनी राष्ट्रवादियों द्वारा किए गए नरसंहार’ के पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय स्मारक बनाने की घोषणा की, जबकि रूस ने इसी ऐतिहासिक घटना से जुड़े द्वितीय विश्व युद्ध के गुप्त दस्तावेज सार्वजनिक किए।
11 जुलाई को वोल्हिनिया नरसंहार की 81वीं बरसी पर पोलैंड में शोक समारोहों के दौरान प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने वारसॉ में एक राष्ट्रीय स्मारक बनाने की घोषणा की, जिसमें पहचाने गए सभी पीड़ितों के नाम अंकित होंगे और एक अमर ज्योति जलेगी। इसी दिन रूस ने वोल्हिनिया हत्याकांड से संबंधित द्वितीय विश्व युद्ध के अवर्गीकृत दस्तावेज जारी किए, जिनमें यूक्रेनी राष्ट्रवादी समूहों की कथित कार्रवाइयों पर केंद्रित जानकारी है। पोलैंड के राष्ट्रपति कारोल नावरोत्स्की ने भी यूक्रेनी विद्रोही सेना (यूपीए) के काले-लाल झंडे पर प्रतिबंध लगाने का वादा दोहराया और कहा कि संसद जल्द ही इस विधेयक को मंजूरी देगी।
पोलिश पक्ष की ओर से स्पष्ट रुख सामने आया है। वारसॉ सरकार के अनुसार, 1943-45 के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रवादियों ने लगभग एक लाख जातीय पोलिश नागरिकों की हत्या की, जिसे पोलिश संसद ने 2016 में नरसंहार घोषित किया। टस्क ने कहा कि यूरोपीय संघ में शामिल होने के इच्छुक किसी भी देश को इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा। दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने एक वीडियो संबोधन में बताया कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रार्थना में भाग लिया और कहा कि यूक्रेन उन वर्षों में मारे गए लोगों के तथ्यों को ईमानदारी से स्थापित करने के लिए अपना काम कर रहा है। ज़ेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि अब पोलैंड और यूक्रेन के सामने एक साझा खतरा है—रूस।
रूस द्वारा दस्तावेज जारी करने का समय भू-राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिमी विश्लेषकों के अनुसार, मॉस्को यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के दौरान ऐतिहासिक आख्यानों का इस्तेमाल करता रहा है, ताकि कीव सरकार को ‘राष्ट्रवादी अतीत का महिमामंडन करने वाली’ के रूप में चित्रित किया जा सके। यूक्रेन इन आरोपों को खारिज करता है और रूस पर इतिहास का राजनीतिक शोषण करने का आरोप लगाता है। इस बीच, पोलैंड में विपक्षी दल ‘कानून और न्याय’ के नेता यारोस्लाव काचिंस्की को शोक समारोह में भीड़ द्वारा अपमानित किए जाने की घटना ने आंतरिक राजनीतिक तनाव को भी उजागर किया, जबकि दक्षिणपंथी ‘पोलिश क्राउन परिसंघ’ के नेता ग्रेज़गोर्ज़ ब्राउन का स्वागत किया गया।
यह ऐतिहासिक विवाद पोलैंड-यूक्रेन संबंधों में लगातार दरार पैदा करता रहा है, भले ही रूसी आक्रमण के बाद से दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग बढ़ा है। पोलैंड ने यूक्रेन के यूरोपीय संघ में शामिल होने को ऐतिहासिक मुद्दों के समाधान से जोड़ने के संकेत दिए हैं, जिसमें बांदेरा विचारधारा का त्याग और पोलिश अल्पसंख्यकों के अधिकार शामिल हैं। दक्षिण एशिया के संदर्भ में भी, ऐतिहासिक शिकायतों का समकालीन कूटनीति में प्रयोग एक परिचित प्रवृत्ति है, जो दर्शाता है कि अतीत की व्याख्याएं किस प्रकार वर्तमान गठबंधनों को प्रभावित कर सकती हैं।
फिलहाल, पोलिश संसद में यूपीए के झंडे पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक पर जल्द ही मतदान होने की उम्मीद है, और पोलैंड सरकार ने यूक्रेन में पीड़ितों के अवशेषों की खुदाई व पुनर्दफ़न की प्रक्रिया फिर से शुरू करने की बात कही है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सत्यापन और स्मृति निर्माण को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन रूस द्वारा जारी दस्तावेजों ने इस संवेदनशील मुद्दे को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | +0.30 | aligned |
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| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | 0.00 | neutral |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
पोलैंड यूक्रेनी राष्ट्रवादियों के अपराधों को कभी नहीं भूलेगा और तदनुसार कार्य करेगा।
पोलिश बयानों को निर्विवाद तथ्यों के रूप में प्रस्तुत करके और द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ को छोड़कर, एक अपरिवर्तनीय यूक्रेन की कथा को मजबूत किया जाता है।
यह उल्लेख नहीं करता कि पोलैंड रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखता है, न ही निर्णय की आंतरिक पोलिश आलोचना।
पोलैंड अपने पीड़ितों का सम्मान करता है जबकि यूक्रेन के लिए समर्थन बनाए रखता है।
वर्तमान भू-राजनीतिक संदर्भ के साथ स्मरण को संतुलित करके, आगे ध्रुवीकरण से बचा जाता है।
यूपीए झंडे पर प्रस्तावित प्रतिबंध का उल्लेख नहीं करता, न ही आंतरिक पोलिश राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का।
पोलैंड अपने पीड़ितों को याद करता है, लेकिन 'नरसंहार' शब्द विवादित है।
'नरसंहार' के चारों ओर उद्धरण चिह्नों का उपयोग करके, लेख संकेत देता है कि यह शब्द बहस का विषय है, एक तटस्थ स्थिति बनाए रखते हुए।
यूपीए झंडे पर प्रस्तावित प्रतिबंध का उल्लेख नहीं करता, न ही आंतरिक पोलिश राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का।
रूस यूक्रेनी राष्ट्रवादियों के अपराधों की याद दिलाने के लिए दस्तावेज जारी करता है।
खबर को रूसी पहल के रूप में प्रस्तुत करके, ध्यान पोलिश स्मरण से मास्को की भूमिका पर स्थानांतरित हो जाता है।
पोलैंड के स्मारक बनाने या झंडे पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय का उल्लेख नहीं करता, केवल दस्तावेज जारी करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
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