
रूसी दूतावास पर ड्रोन हमले के बाद स्वीडिश राजदूत को तलब, वियना संधि उल्लंघन का आरोप
रूस ने स्टॉकहोम स्थित अपने दूतावास पर 2 जुलाई को हुए ड्रोन हमलों को लेकर स्वीडन की निष्क्रियता पर कड़ा विरोध जताया और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
रूसी विदेश मंत्रालय ने 6 जुलाई को स्वीडन की राजदूत क्रिस्टीना यूहानेसन को मास्को में तलब कर 2 जुलाई की रात स्टॉकहोम स्थित रूसी दूतावास पर दो ड्रोनों से हुए हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय के अनुसार, एक ड्रोन ने परिसर में लाल रंग का कंटेनर गिराया और दूसरे पर नकली विस्फोटक उपकरण लगा था, जो दूतावास भवन के निकट गिरा। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। रूसी पक्ष ने स्वीडिश प्रशासन, विशेषकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों, की “वास्तविक निष्क्रियता” को अस्वीकार्य बताते हुए 1961 की राजनयिक संबंधों पर वियना संधि के तहत सुरक्षा दायित्वों के सख्त पालन और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक कदम उठाने की मांग की।
रूसी राजनयिक सूत्रों का कहना है कि मई 2024 से दूतावास और व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय पर ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है, जिनमें रंग या नकली बम गिराए जाते रहे हैं। मास्को का आरोप है कि स्वीडिश पुलिस अब तक महज औपचारिक रिपोर्ट दर्ज करने तक सीमित रही है और किसी जांच के ठोस नतीजे सामने नहीं आए। दूसरी ओर, स्वीडिश विदेश मंत्रालय ने राजदूत के तलब किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि वियना संधि के तहत स्वीडिश अधिकारियों का दायित्व है कि वे राजनयिक मिशनों और उनके कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। स्वीडिश मीडिया के अनुसार, रूसी दूतावास ने पहले भी स्थानीय प्रशासन पर जांच में निष्क्रियता का आरोप लगाया था।
यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बनाता है। 2023 में रूस ने पांच स्वीडिश राजनयिकों को निष्कासित कर सेंट पीटर्सबर्ग स्थित स्वीडिश वाणिज्य दूतावास की गतिविधियों पर अपनी सहमति वापस ले ली थी, जो स्टॉकहोम द्वारा रूसी राजनयिकों के निष्कासन की प्रतिक्रिया थी। दोनों पक्ष यूक्रेन युद्ध, कथित वायुक्षेत्र उल्लंघन और अब ड्रोन हमलों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। वैश्विक कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाएं मेज़बान देशों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती हैं। दक्षिण एशिया के संदर्भ में, जहाँ राजनयिक सुरक्षा कभी-कभी चुनौतियों का सामना करती है, यह प्रकरण वियना संधि के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने स्वीडन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस उपायों की मांग की है, हालाँकि अभी तक किसी समयसीमा या अगली कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। स्वीडिश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था में किसी नए बदलाव की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। मामला फिलहाल द्विपक्षीय वार्ता के स्तर पर है, और यदि मास्को को लगता है कि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वह इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा सकता है। अगला वास्तविक कदम स्वीडन की ओर से विरोध पत्र का औपचारिक जवाब और दूतावास की सुरक्षा में दिखने वाला कोई ठोस सुधार होगा।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | 0.00 | neutral |
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | 0.00 | neutral |
रूस स्वीडन पर निष्क्रियता का आरोप लगाता है और वियना कन्वेंशन के अनुपालन की मांग करता है, खुद को व्यवस्थित हमलों के शिकार के रूप में पेश करता है।
घटना को एक जानबूझकर अभियान के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, स्वतंत्र अभिनेताओं की संभावना को नजरअंदाज करते हुए और मेजबान राज्य की जिम्मेदारी पर जोर दिया जाता है।
रूस स्वीडिश जांच या इस संभावना का कोई उल्लेख नहीं करता कि ड्रोन राज्य-नियंत्रित नहीं थे।
स्वीडन समन स्वीकार करता है, लेकिन रिपोर्ट रूस की 'हमले' की परिभाषा पर सवाल उठाती है।
'हमले' के चारों ओर उद्धरण चिह्नों का उपयोग संकेत देता है कि यह शब्द विवादित है, बिना रूसी दृष्टिकोण अपनाए।
रिपोर्ट में अज़रबैजान के रूस के खिलाफ विरोध का उल्लेख नहीं है, केवल स्वीडिश मोर्चे पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
अज़रबैजान जांच की मांग करता है और रूस को उसके अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की याद दिलाता है, बिना सीधे आरोप लगाए।
गहन जांच की मांग तत्काल दोषारोपण से प्रक्रिया की ओर बातचीत को स्थानांतरित करती है, एक कूटनीतिक रुख बनाए रखते हुए।
रिपोर्ट में यूक्रेन में रूसी ड्रोन हमलों का संदर्भ और स्वीडन के खिलाफ रूस के समानांतर विरोध का उल्लेख नहीं है।
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