
जॉर्डन-अल्जीरिया: हार का मतलब विश्व कप से विदाई, दोनों के लिए करो या मरो की लड़ाई
ग्रुप जे में दोनों टीमें पहले मैच हारने के बाद अंक तालिका में सबसे नीचे हैं, और सैन फ्रांसिस्को में होने वाली इस भिड़ंत में हारने वाली टीम की उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएंगी।
सैन फ्रांसिस्को की खाड़ी के किनारे बसे लीवाइज़ स्टेडियम में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात (भारतीय समयानुसार मंगलवार तड़के) जब जॉर्डन और अल्जीरिया आमने-सामने होंगे, तो यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं, बल्कि दो टीमों के विश्व कप सपनों की अंतिम परीक्षा होगी। दोनों ही टीमें ग्रुप जे में अपने शुरुआती मुकाबले हार चुकी हैं — जॉर्डन को ऑस्ट्रिया के हाथों 3-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी, जबकि अल्जीरिया को मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने लियोनेल मेस्सी की हैट्रिक की बदौलत 3-0 से रौंद दिया। अब दोनों के खाते में शून्य अंक हैं, और एक और हार का मतलब 16वें दौर की रेस से लगभग बाहर होना होगा।
जॉर्डन ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ दमदार वापसी की कोशिश की थी। अली ओलवान ने दूसरे हाफ की शुरुआत में बराबरी का गोल दागकर एशियाई टीम को उम्मीद दी, लेकिन रक्षापंक्ति की चूक और यज़ान अल-अरब के आत्मघाती गोल ने स्कोर 3-1 कर दिया। दूसरी ओर, अल्जीरिया के 'फेनेक्स' अर्जेंटीना के सामने पूरी तरह बेदम नज़र आए। मेस्सी ने तीन गोल कर टीम को झकझोर दिया, और अल्जीरियाई गोलकीपर लुका ज़िदान को पहले दो गोलों में अपनी भूमिका के लिए आलोचना झेलनी पड़ी। हालांकि, कोच व्लादिमीर पेटकोविच ने ज़िदान का बचाव करते हुए कहा, 'सभी को गलती का अधिकार है, मुझे उनकी क्षमता पर भरोसा है।'
अब दोनों कोच अपनी रणनीति में बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। जॉर्डन के जमाल सेल्लामी तीन-डिफेंडर प्रणाली को छोड़कर पारंपरिक 4-4-2 पर लौट सकते हैं, जिसमें रेन के स्टार मौसा अल-तामारी को मिडफील्ड में उतारा जाएगा। अल्जीरिया की सबसे बड़ी पहेली कप्तान रियाद महरेज़ की भूमिका है। अर्जेंटीना के खिलाफ वह बेंच पर रहे और बाद में उतरे; अब पेटकोविच को तय करना है कि अनुभव और संतुलन के लिए उन्हें शुरुआती एकादश में लाया जाए या फिर फेयेनूर्ड के अनीस हादज मौसा को मौका दिया जाए। अल्जीरियाई मीडिया के अनुसार, महरेज़ की वापसी तय मानी जा रही है, और मिडफील्डर रामिज़ ज़ेरौकी भी टीम में लौट सकते हैं।
ग्रुप जे की अंक तालिका में अर्जेंटीना और ऑस्ट्रिया तीन-तीन अंकों के साथ शीर्ष पर हैं। इस मैच के नतीजे के साथ-साथ दूसरे मुकाबले — अर्जेंटीना बनाम ऑस्ट्रिया — का परिणाम भी जॉर्डन और अल्जीरिया की किस्मत तय करेगा। अगर ऑस्ट्रिया जीतता है, तो जॉर्डन की हार उसे सीधे बाहर कर सकती है; वहीं अल्जीरिया चाहेगा कि अर्जेंटीना जीते ताकि वह आखिरी दिन ऑस्ट्रिया से सीधी टक्कर में रह सके। ड्रॉ किसी के लिए फायदेमंद नहीं, लेकिन गणितीय रूप से दोनों को जिंदा रख सकता है।
इस करो-या-मरो भिड़ंत के बाद ग्रुप की अंतिम तस्वीर 28 जून को एक साथ खेले जाने वाले मैचों में साफ होगी: अल्जीरिया का सामना कैनसस में ऑस्ट्रिया से, और जॉर्डन की टक्कर डलास में अर्जेंटीना से होगी। तब तक, सैन फ्रांसिस्को की यह रात तय करेगी कि कौन सी टीम अपनी विश्व कप यात्रा जारी रखने का हकदार बनती है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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जॉर्डन और अल्जीरिया 2026 विश्व कप के ग्रुप जे में एक निर्णायक मुकाबले में आमने-सामने हैं। दोनों टीमें अपना पहला मैच हार चुकी हैं और अंतिम 16 में बने रहने के लिए जीत ज़रूरी है। रिपोर्टिंग में मैच के समय, प्रसारण और लाइनअप जैसी व्यावहारिक जानकारियों पर ज़ोर है।
अल्जीरिया के लिए यह पहले ही करो या मरो वाली रात है। अर्जेंटीना से भारी हार के बाद, जॉर्डन के खिलाफ गलती की कोई गुंजाइश नहीं है; एक और हार का मतलब बाहर होना होगा। माहौल चिंताजनक है और कोच पेटकोविच की रणनीति पर बेसब्री से नज़र रखी जा रही है।
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