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स्टीम मशीन की दस्तक: लिविंग रूम में एक ख़ामोश पीसी, चिप संकट और कंसोल जंग का नया रुख़किम जोंग उन ने परमाणु शक्ति की स्थिति को एकमात्र रास्ता बताया, सैन्य निर्माण तेज करने का आदेशअमेरिकी अदालत ने ट्रम्प की मतदाता डेटाबेस योजना को अवैध ठहराया, गोपनीयता कानूनों का हनन बतायाकैमरों की निगरानी में परीक्षा का मौसम: एक युद्ध कक्ष, मोमबत्तियाँ और सपनों की कीमतअमेरिका-ईरान शांति वार्ता और फेड दर वृद्धि की आशंका से सोने में दोहरा दबावअमेरिका ने भारत को 482 मिलियन डॉलर के रक्षा समर्थन की अधिसूचना दी, यूएई से ब्रह्मोस सौदे पर बातचीत तेजएक अरब अधिक लोग भीषण गर्मी की चपेट में, मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असरईरान समझौते पर खाड़ी देशों की चिंताओं के बीच रुबियो की मध्य-पूर्व यात्रास्टीम मशीन की दस्तक: लिविंग रूम में एक ख़ामोश पीसी, चिप संकट और कंसोल जंग का नया रुख़किम जोंग उन ने परमाणु शक्ति की स्थिति को एकमात्र रास्ता बताया, सैन्य निर्माण तेज करने का आदेशअमेरिकी अदालत ने ट्रम्प की मतदाता डेटाबेस योजना को अवैध ठहराया, गोपनीयता कानूनों का हनन बतायाकैमरों की निगरानी में परीक्षा का मौसम: एक युद्ध कक्ष, मोमबत्तियाँ और सपनों की कीमतअमेरिका-ईरान शांति वार्ता और फेड दर वृद्धि की आशंका से सोने में दोहरा दबावअमेरिका ने भारत को 482 मिलियन डॉलर के रक्षा समर्थन की अधिसूचना दी, यूएई से ब्रह्मोस सौदे पर बातचीत तेजएक अरब अधिक लोग भीषण गर्मी की चपेट में, मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असरईरान समझौते पर खाड़ी देशों की चिंताओं के बीच रुबियो की मध्य-पूर्व यात्रा
खेलसोमवार, 22 जून 2026

92 साल का सूखा खत्म: सलाह की चमक से मिस्र ने विश्व कप में रचा इतिहास

मोहम्मद सलाह के एक गोल और एक असिस्ट की बदौलत मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप फुटबॉल में अपनी पहली जीत दर्ज की, 92 साल का इंतजार खत्म।

वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में रविवार रात मिस्र के फुटबॉल इतिहास का सबसे लंबा अध्याय आखिरकार पूरा हुआ। कप्तान मोहम्मद सलाह के एक गोल और एक असिस्ट की बदौलत ‘फैरोज़’ ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज की। पहले हाफ में 0-1 से पिछड़ने के बाद मिस्र ने दूसरे हाफ में 24 मिनट के भीतर तीन गोल दागे और 92 साल से चला आ रहा जीत का इंतजार खत्म कर दिया।

मैच की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने चौंका दिया। 15वें मिनट में टिम पेन के कॉर्नर पर फिन सरमन ने ऊंची छलांग लगाकर हेडर से गोल किया और ‘ऑल व्हाइट्स’ को बढ़त दिला दी। मिस्र पूरे पहले हाफ में लय नहीं पकड़ सका, लेकिन दूसरे हाफ में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 58वें मिनट में मोहम्मद हनी के क्रॉस पर मोस्तफा ज़िको ने हेडर से बराबरी दिलाई। इसके नौ मिनट बाद सलाह ने ज़िको के साथ तेज़ वन-टू खेला और बाएं पैर से गेंद को निचले कोने में पहुंचाकर मिस्र को 2-1 से आगे कर दिया। 82वें मिनट में सलाह के कॉर्नर पर ट्रेज़ेगेट ने डाइविंग हेडर से तीसरा गोल जड़कर जीत पर मुहर लगा दी। सलाह को 85वें मिनट में बदले जाने पर पूरा स्टेडियम खड़े होकर तालियों से उनका अभिवादन कर रहा था।

यह जीत सिर्फ तीन अंक नहीं थी। मिस्र 1934 में विश्व कप में उतरने वाला पहला अफ्रीकी देश था, लेकिन इससे पहले खेले गए सात मुकाबलों में उसे पांच हार और दो ड्रॉ ही मिले थे। 1990 और 2018 के अभियान भी बिना जीत खत्म हुए। अरब और अफ्रीकी मीडिया ने इसे “ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दिया, जबकि यूरोपीय और एशियाई खेल पत्रकारों ने सलाह के व्यक्तिगत योगदान को रेखांकित किया। सलाह का यह 68वां अंतरराष्ट्रीय गोल था; वे अब कोच होसाम हसन के मिस्र के सर्वकालिक रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। दूसरी ओर, ब्राज़ीलियाई दिग्गज ज़िको के नाम पर नाम रखने वाले मोस्तफा ज़िको की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं – उन्हें छुट्टियों से वापस बुलाकर अंतिम समय में टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने एक गोल व एक असिस्ट से भरोसे को सही साबित किया।

इस जीत के साथ मिस्र ग्रुप जी में चार अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गया। ईरान और बेल्जियम दो-दो अंकों के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर हैं, जबकि न्यूजीलैंड एक अंक के साथ सबसे नीचे है। दिन में खेले गए दूसरे मुकाबले में बेल्जियम और ईरान का मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर खत्म हुआ, जिससे ग्रुप की समीकरण और पेचीदा हो गए। अब मिस्र को अगला मैच शुक्रवार को सिएटल में ईरान के खिलाफ खेलना है, जहां एक ड्रॉ भी उसे पहली बार नॉकआउट दौर में पहुंचा देगा। न्यूजीलैंड को आगे बढ़ने के लिए बेल्जियम को हराना होगा।

कोच हसन ने खुलासा किया कि मध्यांतर में उन्होंने खिलाड़ियों से सख्त लहजे में कहा था कि “जब तक जीत की ठान न लो, मैदान पर वापस नहीं जाना।” सलाह ने मैच के बाद कहा, “आने वाले सालों में हम याद करेंगे कि यह इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में से एक थी। ऐसा लग रहा था जैसे हम मिस्र में ही खेल रहे हों।” वैंकूवर में मौजूद हज़ारों मिस्रवासी प्रशंसकों के शोर के बीच यह जीत एक राष्ट्रीय उत्सव में बदल गई। अब सारी निगाहें सिएटल पर हैं, जहां मिस्र के सामने ईरान को रोककर अंतिम-32 में जगह पक्की करने की चुनौती होगी।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ

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लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेसअरब लेवांत-मगरिब प्रेस
उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस/ अंग्रेज़ीभाषी
विजयप्रतिशोधवाद

92 वर्षों के इंतजार के बाद, मिस्र ने आखिरकार अपने विश्व कप के भूतों को भगा दिया। मोहम्मद सलाह, मिस्र के राजा, ने महाद्वीप के गौरव के अनुरूप प्रदर्शन किया, गोल करके और असिस्ट देकर मैच का रुख पलट दिया। यह जीत सिर्फ मिस्र के लिए नहीं बल्कि पूरे अफ्रीका के लिए है, यह साबित करते हुए कि फैरो अब वैश्विक मंच पर सिर उठाकर खड़े हो सकते हैं।

अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
विजयप्रतिशोधवाद

फैरो ने अपने विश्व कप इतिहास का सबसे खूबसूरत पन्ना लिख दिया है। एक घंटे तक पिछड़ने के बाद, मिस्र ने दूसरे हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए वापसी की, सलाह और वैंकूवर में लाल जुनून की लहर के सहारे। यह पहली जीत उन्हें नॉकआउट चरण की दहलीज पर ला खड़ा करती है, एक ऐसी उपलब्धि जो पहले कभी हासिल नहीं हुई।

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स्टीम मशीन की दस्तक: लिविंग रूम में एक ख़ामोश पीसी, चिप संकट और कंसोल जंग का नया रुख़·किम जोंग उन ने परमाणु शक्ति की स्थिति को एकमात्र रास्ता बताया, सैन्य निर्माण तेज करने का आदेश·अमेरिकी अदालत ने ट्रम्प की मतदाता डेटाबेस योजना को अवैध ठहराया, गोपनीयता कानूनों का हनन बताया·कैमरों की निगरानी में परीक्षा का मौसम: एक युद्ध कक्ष, मोमबत्तियाँ और सपनों की कीमत·अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और फेड दर वृद्धि की आशंका से सोने में दोहरा दबाव·अमेरिका ने भारत को 482 मिलियन डॉलर के रक्षा समर्थन की अधिसूचना दी, यूएई से ब्रह्मोस सौदे पर बातचीत तेज·एक अरब अधिक लोग भीषण गर्मी की चपेट में, मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर·ईरान समझौते पर खाड़ी देशों की चिंताओं के बीच रुबियो की मध्य-पूर्व यात्रा·स्टीम मशीन की दस्तक: लिविंग रूम में एक ख़ामोश पीसी, चिप संकट और कंसोल जंग का नया रुख़·किम जोंग उन ने परमाणु शक्ति की स्थिति को एकमात्र रास्ता बताया, सैन्य निर्माण तेज करने का आदेश·अमेरिकी अदालत ने ट्रम्प की मतदाता डेटाबेस योजना को अवैध ठहराया, गोपनीयता कानूनों का हनन बताया·कैमरों की निगरानी में परीक्षा का मौसम: एक युद्ध कक्ष, मोमबत्तियाँ और सपनों की कीमत·अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और फेड दर वृद्धि की आशंका से सोने में दोहरा दबाव·अमेरिका ने भारत को 482 मिलियन डॉलर के रक्षा समर्थन की अधिसूचना दी, यूएई से ब्रह्मोस सौदे पर बातचीत तेज·एक अरब अधिक लोग भीषण गर्मी की चपेट में, मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर·ईरान समझौते पर खाड़ी देशों की चिंताओं के बीच रुबियो की मध्य-पूर्व यात्रा·
अपडेट 05:06 pm1 भाषा · 3 स्रोत
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सोमवार, 22 जून 2026

92 साल का सूखा खत्म: सलाह की चमक से मिस्र ने विश्व कप में रचा इतिहास

मोहम्मद सलाह के एक गोल और एक असिस्ट की बदौलत मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप फुटबॉल में अपनी पहली जीत दर्ज की, 92 साल का इंतजार खत्म।

वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में रविवार रात मिस्र के फुटबॉल इतिहास का सबसे लंबा अध्याय आखिरकार पूरा हुआ। कप्तान मोहम्मद सलाह के एक गोल और एक असिस्ट की बदौलत ‘फैरोज़’ ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज की। पहले हाफ में 0-1 से पिछड़ने के बाद मिस्र ने दूसरे हाफ में 24 मिनट के भीतर तीन गोल दागे और 92 साल से चला आ रहा जीत का इंतजार खत्म कर दिया।

मैच की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने चौंका दिया। 15वें मिनट में टिम पेन के कॉर्नर पर फिन सरमन ने ऊंची छलांग लगाकर हेडर से गोल किया और ‘ऑल व्हाइट्स’ को बढ़त दिला दी। मिस्र पूरे पहले हाफ में लय नहीं पकड़ सका, लेकिन दूसरे हाफ में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 58वें मिनट में मोहम्मद हनी के क्रॉस पर मोस्तफा ज़िको ने हेडर से बराबरी दिलाई। इसके नौ मिनट बाद सलाह ने ज़िको के साथ तेज़ वन-टू खेला और बाएं पैर से गेंद को निचले कोने में पहुंचाकर मिस्र को 2-1 से आगे कर दिया। 82वें मिनट में सलाह के कॉर्नर पर ट्रेज़ेगेट ने डाइविंग हेडर से तीसरा गोल जड़कर जीत पर मुहर लगा दी। सलाह को 85वें मिनट में बदले जाने पर पूरा स्टेडियम खड़े होकर तालियों से उनका अभिवादन कर रहा था।

यह जीत सिर्फ तीन अंक नहीं थी। मिस्र 1934 में विश्व कप में उतरने वाला पहला अफ्रीकी देश था, लेकिन इससे पहले खेले गए सात मुकाबलों में उसे पांच हार और दो ड्रॉ ही मिले थे। 1990 और 2018 के अभियान भी बिना जीत खत्म हुए। अरब और अफ्रीकी मीडिया ने इसे “ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दिया, जबकि यूरोपीय और एशियाई खेल पत्रकारों ने सलाह के व्यक्तिगत योगदान को रेखांकित किया। सलाह का यह 68वां अंतरराष्ट्रीय गोल था; वे अब कोच होसाम हसन के मिस्र के सर्वकालिक रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। दूसरी ओर, ब्राज़ीलियाई दिग्गज ज़िको के नाम पर नाम रखने वाले मोस्तफा ज़िको की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं – उन्हें छुट्टियों से वापस बुलाकर अंतिम समय में टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने एक गोल व एक असिस्ट से भरोसे को सही साबित किया।

इस जीत के साथ मिस्र ग्रुप जी में चार अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गया। ईरान और बेल्जियम दो-दो अंकों के साथ दूसरे-तीसरे स्थान पर हैं, जबकि न्यूजीलैंड एक अंक के साथ सबसे नीचे है। दिन में खेले गए दूसरे मुकाबले में बेल्जियम और ईरान का मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर खत्म हुआ, जिससे ग्रुप की समीकरण और पेचीदा हो गए। अब मिस्र को अगला मैच शुक्रवार को सिएटल में ईरान के खिलाफ खेलना है, जहां एक ड्रॉ भी उसे पहली बार नॉकआउट दौर में पहुंचा देगा। न्यूजीलैंड को आगे बढ़ने के लिए बेल्जियम को हराना होगा।

कोच हसन ने खुलासा किया कि मध्यांतर में उन्होंने खिलाड़ियों से सख्त लहजे में कहा था कि “जब तक जीत की ठान न लो, मैदान पर वापस नहीं जाना।” सलाह ने मैच के बाद कहा, “आने वाले सालों में हम याद करेंगे कि यह इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में से एक थी। ऐसा लग रहा था जैसे हम मिस्र में ही खेल रहे हों।” वैंकूवर में मौजूद हज़ारों मिस्रवासी प्रशंसकों के शोर के बीच यह जीत एक राष्ट्रीय उत्सव में बदल गई। अब सारी निगाहें सिएटल पर हैं, जहां मिस्र के सामने ईरान को रोककर अंतिम-32 में जगह पक्की करने की चुनौती होगी।

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खेल · 3 स्रोत · 1 भाषा

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स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

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वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेसअरब लेवांत-मगरिब प्रेस
उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस/ अंग्रेज़ीभाषी
विजयप्रतिशोधवाद

92 वर्षों के इंतजार के बाद, मिस्र ने आखिरकार अपने विश्व कप के भूतों को भगा दिया। मोहम्मद सलाह, मिस्र के राजा, ने महाद्वीप के गौरव के अनुरूप प्रदर्शन किया, गोल करके और असिस्ट देकर मैच का रुख पलट दिया। यह जीत सिर्फ मिस्र के लिए नहीं बल्कि पूरे अफ्रीका के लिए है, यह साबित करते हुए कि फैरो अब वैश्विक मंच पर सिर उठाकर खड़े हो सकते हैं।

अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
विजयप्रतिशोधवाद

फैरो ने अपने विश्व कप इतिहास का सबसे खूबसूरत पन्ना लिख दिया है। एक घंटे तक पिछड़ने के बाद, मिस्र ने दूसरे हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए वापसी की, सलाह और वैंकूवर में लाल जुनून की लहर के सहारे। यह पहली जीत उन्हें नॉकआउट चरण की दहलीज पर ला खड़ा करती है, एक ऐसी उपलब्धि जो पहले कभी हासिल नहीं हुई।

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